बिन रखवाले बाहिरा चिड़िये खाया खेत दोहे का अर्थ(Bin Rakhwale Bahira Chidiye Khaya Khet Dohe Ka Arth in Hindi):-


बिन रखवाले बाहिरा चिड़िये खाया खेत ।

आधा परधा ऊबरै, चेती सकै तो चेत ।

 

बिन रखवाले बाहिरा चिड़िये खाया खेत दोहे का अर्थ(Bin Rakhwale Bahira Chidiye Khaya Khet Dohe Ka Arth in Hindi)

बिन रखवाले बाहिरा चिड़िये खाया खेत दोहे का अर्थ(Bin Rakhwale Bahira Chidiye Khaya Khet Dohe Ka Arth in Hindi):-

रखवाले के बिना बाहर से चिड़ियों ने खेत खा लिया। कुछ खेत अब भी बचा है – यदि सावधान हो सकते हो तो हो जाओ – उसे बचा लो ! जीवन में  असावधानी के कारण  इंसान बहुत कुछ गँवा देता है – उसे खबर भी नहीं लगती – नुक्सान हो चुका होता है – यदि हम सावधानी बरतें तो कितने नुक्सान से बच सकते हैं !  इसलिए जागरूक होना है हर इंसान को - जैसे पराली जलाने की सावधानी बरतते तो दिल्ली में भयंकर वायु प्रदूषण से बचते पर – अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत !