अथ प्रणवन्यास मन्त्र (Ath Pranavnyas Mantra Sanskrit Me):- 


अथ प्रणवन्यास मन्त्र (Ath Pranavnyas Mantra Sanskrit Me) - Bhaktilok


अथ प्रणवन्यास मन्त्र (Ath Pranavnyas Mantra Sanskrit Me) - 


ॐ 'अ' कारं नाभौ । 

ॐ 'उ' कारं हृदये । 

ॐ 'म' कारं मूर्धनि ।


अपनी रक्षा के लिए दाहिने हाथ में जल लेकर बाएँ हाथ से ढकने के वाद प्रणव सहित तीन बार गायत्री मंत्र उच्चारण करके हाथ के जल से अपने शरीर के चारों आर घुमाकर मण्डल करें अर्थात् चारों ओर छाई दे ।