Krishna Bhajan मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

सांसो का क्या ठिकाना रुक जाए चलते चलते भजन लिरिक्स (sanso ka kya thikana ruk jaaye chalte chalte Lyrics in Hindi) - Rajni Rajesthani

भक्ति भजन "सांसो का क्या ठिकाना रुक जाए चलते चलते भजन लिरिक्स (sanso ka kya thikana ruk jaaye chalte chalte Lyrics in Hindi) - Rajni Rajesthani" के हिन्दी लिरिक्स, भावार्थ, माहात्म्य और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)। सनातन भक्ति परंपरा के अनुसार संकीर्तन के लाभ और विधि पढ़ें।

प्रस्तावना एवं परिचय

मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

 

सांसो का क्या ठिकाना रुक जाए चलते चलते

प्राणो की रौशनी भी भुज जाए चलते चलते ||


जीवन है सपन जैसा दो दिन का है बसेरा

आये गई मौत निश्चित ले जाए बचते बचते

सांसो का क्या ठिकाना रुक जाए चलते चलते ||


जीवन है इक तमाशा पानी में जो बताशा

नशवर है बून्द बून्द जो घुल जाए घुलते घुलते

सांसो का क्या ठिकाना रुक जाए चलते चलते ||


आएगा एक झोका जीवन का दीप है गुल

पेड़ो पे चेह चहाती निष् पंथ है ये बुलबुल

सांसो का क्या ठिकाना रुक जाए चलते चलते ||


कितने ही घर वसाये कितने ही घर उजाड़े

साई रहा न रही सवासो के घटते घटते

सांसो का क्या ठिकाना रुक जाए चलते चलते ||


अरमान लम्बे बांधे टूटे न तार सारे

अंतिम समय में सब ही रहे हाथ मलते मलते

सांसो का क्या ठिकाना रुक जाए चलते चलते ||


आया था हाथ खाली खाली ही हाथ जाना

परिवार और प्रिये जन रह जाए रोते रोते

सांसो का क्या ठिकाना रुक जाए चलते चलते ||


स्वासो के ही सहारे जीवन के खेल सारे

सांसो का ये पिटारा झुक जाए झुकते झुकते

सांसो का क्या ठिकाना रुक जाए चलते चलते ||


संवासो के तार सारे प्रभु नाम के सहारे

बांधे गे अमर नर मर जाए हस्ते हस्ते

सांसो का क्या ठिकाना रुक जाए चलते चलते ||


सुख पुरण स्वर अवसर बे मुख यु न खोये

बिक्शन भमर से तर जा प्रभु नाम रट ते रट ते

सांसो का क्या ठिकाना रुक जाए चलते चलते ||

Also Read Krishna Bhajan:

आ वे काहना आ मैं तां थक गई औसियाँ पा (Aa ve kahna aa main tan thak gayi osiyan pa Lyrics in Hindi) - Krishna Bhajan 

ऐसा है मेरा सांवरिया (Aisa Hai Mera Sanwariya Lyrics in Hindi) - साया बनकर हर पल मेरे साथ चलता है by Reshmi Sharma Shyam Bhajan 

ओवाळू आरती मदनगोपाळा आरती (Ovalu Aarti Madan Gopala Lyrics Aarti Lyrics in Hindi) - by Preeti JoshiKrishna Marathi Aarti 

कन्हैया तेरी बांकी अदाओं ने मारा (kanhaiya teri banki adaaon ne mara Lyrics in Hindi) - Krishna Bhajan 

कान्हा की बांसुरी (Kanha Ki Bansuri Lyrics in Hindi) - Krishna Janmashtami by Subhangi Soni 

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।

साझा करें:

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

यह अत्यंत ही पावन भक्ति रस से परिपूर्ण भजन "सांसो का क्या ठिकाना रुक जाए चलते चलते भजन लिरिक्स (sanso ka kya thikana ruk jaaye chalte chalte Lyrics in Hindi) - Rajni Rajesthani - Bhaktilok" ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और पूर्ण शरणागति का जीवंत उदाहरण है। सनातन धर्म में संकीर्तन और प्रभु नाम का जाप कलयुग का परम साधन बताया गया है। इस भजन के प्रत्येक शब्द में जीवात्मा का अपनी मूल परम सत्ता (परमात्मा) से मिलने का गहरा अनुराग छुपा हुआ है।

भजन का मुख्य संदेश यही है कि संसार के समस्त कार्यों को करते हुए भी यदि मनुष्य का मन निरंतर ईश्वर के चरणों में लीन रहे, तो वह संसार सागर से सहज ही पार उतर जाता है। यह भजन साधक के अंतर्मन को झंकृत कर उसमें भक्ति रूपी अमृत का संचार करता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि जो भक्त निरंतर मेरा नाम संकीर्तन करते हैं, वे सदा मुझमें ही निवास करते हैं। यह भजन साधक के मन को चंचलता से मुक्त कर आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भक्ति भजन के नियमित संकीर्तन से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, मन शांत और प्रसन्न रहता है तथा पारिवारिक क्लेश दूर होकर शांति का उदय होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

भजन संकीर्तन के लिए प्रातःकाल अथवा सायं संध्या का समय सर्वोत्तम है। एक शांत स्थान पर पूर्वाभिमुख बैठकर, भगवान की प्रतिमा के सम्मुख धूप-दीप प्रज्वलित करें और तन्मयता से संकीर्तन करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य मन को संसार की व्यर्थ की चिंताओं से हटाकर ईश्वर के ध्यान में लगाना और आत्मिक आनंद की प्राप्ति करना है।

भजनों को गाने की सही विधि क्या है?

भजनों को गाने के लिए राग-सुर से अधिक शुद्ध भाव और प्रेमपूर्ण हृदय की आवश्यकता होती है। मन में पूर्ण श्रद्धा रखकर शांत चित्त से संकीर्तन करें।

क्या सामूहिक भजन संकीर्तन अधिक फलदायी होता है?

हाँ, शास्त्रों के अनुसार सामूहिक संकीर्तन से दिव्य स्पंदन (Vibrations) उत्पन्न होते हैं, जिससे वहां उपस्थित सभी लोगों का मन शुद्ध होता है और सामाजिक एकता बढ़ती है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 03 Oct 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!
🕉️
🚩 दैनिक अमृतवाणी

दैनिक पंचांग व पावन व्रत अलर्ट प्राप्त करें

प्रतिदिन प्रातः शुभ मुहूर्त, चौघड़िया एवं एकादशी व्रत कथा सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।

पंचांग
पेज लिंक कॉपी हो गई!