एक दो तीन चार माता जी की जय जयकार लिरिक्स भजन इन हिंदी
सच्चे मन से माँगे जो भी
देती छप्पर फाड़
झूठी है ये दुनियां दारी
सच्चा तेरा द्वार
बोलो एक दो तीन चार
माता जी की जय जयकार....||
ढोल वाले भैया
जय मैया जय मैया।
ना चाहे कोई धन दौलत
और नाहीं कोई रुपया
ढोल वाले भैया
जय मैया जय मैया।
छेड़ा तूने नारी को
अब किस्मत तेरी मारी है
आजकल के पापियों सुन लो
नारी सब पर भारी है
नारी सब पर भारी है
झांसी वाली रानी की तूने
देखी है तलवार
निकल ले भैया पतली गली से
मत कर कोई विचार
बोलो एक दो तीन चार
माता जी की जय जयकार....||
झूठी है सब मोह माया
बीस सच्चा माँ का प्यार
नाही कोई धोखा है इसमें
नाहीं झूठा प्यार
इक बार नहीं सो बार नहीं
तुम मांगो बार बार
दे देगी पलभर में
खुशियों का समाचार
बोलो एक दो तीन चार
माता जी की जय जयकार....||
हो मेरे घर भी आजा माँ
पुकारू बार बार
महाकाल का बेटा
विनती करता बारम्बार
बोलो एक दो तीन चार
माता जी की जय जयकार....||
नादान हैं हम बालक तेरे
हमको कुछ नहीं आता
दे दो ज्ञान हमको शेरोवाली माता
मतलब की ये रिश्तेदारी
मतलब का संसार
मिला नहीं मुझे कोई सहारा
मिला है माँ का प्यार
बोलो एक दो तीन चार
माता जी की जय जयकार....!!