ये मेरी अर्जी है मैं वो बन जाऊ जो तेरी मर्जी है भजन लिरिक्स (Ye Meri Arji Hai  Mai Ban Jaau Teri Marji Hai Lyrics in Hindi) - बाबा चित्र विचित्र जी महाराज Shyam Bhajan - Bhalktilok 

ये मेरी अर्जी है मैं वो बन जाऊ जो तेरी मर्जी है भजन लिरिक्स (Ye Meri Arji Hai  Mai Ban Jaau Teri Marji Hai Lyrics in Hindi) - 


यह मेरी अर्जी है

मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है

लफ़्ज़ों का टोटा है 

जीकर प्यारे का अश्कों से होता है

छम छम छम बारिश है

माहि घर आ जा  हर बूँद सिफारिश है

वो इतना प्यारा है

चाँद कहे उससे  तू चाँद हमारा है 

जग रोक न पायेगा

मीरा नाचेगी जब श्याम नचाएगा

माहि बड़ा गबरू ए

उसकी खुशबु से खुशबु मैं खुशबु है

अब और न मन भटके

मैं अखियन रख आई  प्रीतम की चोखट पे 

जब वो छत पे आये

हर दिल की खिड़की  धीरे से खुल जाये

सिर धड की बाज़ी है

कोई माने ना माने  मेरा यार तो राज़ी 

मन का दर्पण मांझा

एक दिखे दोनों जो हीर वही राँझा

बाहर लाचारी है

नाच प्यारे का भीतर तो जारी है

दिल टूट ही जाता है

जब परसों की कह वो बरसों नहीं आता है

दिल यूं तड़पाते हैं

वो जब आते जाने को ही आते हैं

तुझमें ही घुल जाऊंगा

दूर भले कितना आके मिल जाऊँगा

बुद्धि और भी उल्झेगी

ये प्रेम पहेली है तुमसे नही सुलझेगी

लड्डू लाडो की जोड़ी है

जितनी दीड करो उतनी ही थोड़ी है

बरसो तो पूरा बरसो

पी की थाली में मन के चोरी बरसो