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देता हर दम सांवरे तू हारे का साथ भजन लिरिक्स ( Deta Har Dam Sanware Tu Haare Ka Saath Lyrics in Hindi) - New Shyam Bhajan

देता हर दम सांवरे तू हारे का साथ भजन के लिरिक्स हिंदी में पढ़ें। खाटू श्याम बाबा के इस पावन भजन से अपने मन को शांति और सांवरे का आशीर्वाद प्राप्त करें।

देता हर दम सांवरे तू हारे का साथ भजन लिरिक्स (Deta Har Dam Sanware Tu Haare Ka Saath Lyrics in Hindi) - New Shyam Bhajan

प्रकाशित तिथि: 2026 | श्रेणियाँ: कृष्ण भजन, लेटेस्ट भक्ति गीत, श्याम भजन | पावन संकीर्तन संग्रह

कलिजुग में बाबा खाटू श्याम का नाम मात्र स्मरण करने से ही समस्त दुखों का निवारण हो जाता है। "देता हर दम सांवरे तू हारे का साथ" अत्यंत ही पावन, ऊर्जावान और भाव-विभोर कर देने वाला एक लोकप्रिय श्याम भजन है, जो विशेष रूप से उन भक्तों के अंतर्मन को ढांढस बंधाता है जो जीवन की कठिनाइयों, निराशा और संघर्षों से जूझ रहे हैं। खाटू नरेश, जिन्हें 'हारे के सहारे' के रूप में संपूर्ण भारत और विश्व भर में पूजा जाता है, अपने हर उस भक्त के साथ अटूट रूप से खड़े रहते हैं जो दुनिया से ठुकराया हुआ होता है। यह भजन प्रेम, अनन्य समर्पण, पूर्ण शरणागति और अगाध विश्वास का एक जीवंत प्रतीक है। जब एक साधक इस भजन के शब्दों को भाव के साथ गाता है या सुनता है, तो उसके भीतर एक नई आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। इस विस्तृत मार्गदर्शिका में हम इस लोकप्रिय भजन के संपूर्ण बोल, सरल हिंदी अर्थ, आध्यात्मिक महत्व, गायन विधि और जीवन पर इसके गहरे प्रभाव का सागोपंग अध्ययन करेंगे।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

स्थाई (मुखड़ा):

देता हर दम सांवरे तू हारे का साथ,
मेरे सिर पर सदा बनाए रखना अपना हाथ।
सांवरे तू हारे का साथ...
हारी बाजी को तूने ही है जिताया,
जब-जब भी मैंने तुझको दिल से बुलाया।

प्रथम अंतरा:

दुनिया के लोगों ने जब मुझको ठुकराया,
तेरी चौखट पे मैंने आके सिर झुकाया।
तूने सीने से लगाकर मुझे अपना बनाया,
मेरे वीरान जीवन में श्याम नूर है आया।
तेरी कृपा का न कभी चुका पाऊँगा मोल,
तेरा नाम जपने से खुले किस्मत के खोल।

द्वितीय अंतरा:

रंग रूप कुछ भी नहीं बस भाव का भूखा है तू,
मेरे हर एक दर्द का सांवरे दवा है तू।
कौन कहे कि भगवान नजर नहीं आते हैं,
जो संकट में पुकारे वो दौड़े चले आते हैं।
खाटू वाले तेरी महिमा अपरंपार है प्रभु,
मेरा रोम-रोम गाए बस तेरा ही भजन अब तू।

अंतिम अंतरा (समापन भाव):

जब तक चले सांसें मेरा ये नाम पुकारे,
तेरा दर्शन पाकर मेरे नयन संवरें सारे।
'भक्तलोक' की यही अरदास है हे मेरे श्याम,
मेरे जीवन की नैया चले तेरे ही नाम।
देता हर दम सांवरे तू हारे का साथ,
मेरे सिर पर सदा बनाए रखना अपना हाथ।

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

यह भजन खाटू श्याम बाबा और उनके भक्तों के बीच के अटूट वात्सल्य, प्रेम और विश्वास की पराकाष्ठा को दर्शाता है। आइए इसके गूढ़ आध्यात्मिक अर्थ को समझें:

भजन की शुरुआत ही इस परम सत्य से होती है कि श्याम बाबा कभी भी अपने शरणागत भक्त को अकेला नहीं छोड़ते। जब संसार के सभी मार्ग बंद हो जाते हैं और मनुष्य चारों तरफ से समस्याओं से घिर जाता है, तब 'हारे का सहारा बाबा श्याम' उसकी बांह पकड़कर उसे भवसागर से पार लगाते हैं। भक्त अपने आराध्य से प्रार्थना करता है कि हे सांवरे! तू सदा मेरे मस्तक पर अपना वरद हस्त (हाथ) बनाए रखना, ताकि मुझे किसी भी परिस्थिति में भय न लगे।

अंतरों में कवि और भक्त यह स्वीकार करता है कि जब स्वार्थी संसार और नाते-रिश्तों ने संकट के समय मुंह मोड़ लिया, तब केवल श्याम बाबा की चौखट ही एकमात्र ऐसा शरण स्थल बनी जहाँ उसे सच्चा सुकून और अपनापन मिला। बाबा ने न केवल उसे स्वीकार किया, बल्कि उसके हताश जीवन में एक नई रोशनी भर दी। भगवान को किसी महंगे उपहार या दिखावे की आवश्यकता नहीं होती, वे तो केवल सच्चे और निर्मल भाव के भूखे हैं। जो भी व्यक्ति सच्चे हृदय से पुकारता है, उसके लिए खाटू नरेश दौड़े चले आते हैं।

अंत में साधक यही कामना करता है कि उसके शरीर में जब तक प्राण हैं, उसकी जुबान पर केवल श्याम नाम रहे और उसकी जीवन रूपी नाव हमेशा श्याम बाबा के चरणों की कृपा से ही चलती रहे। यही पूर्ण शरणागति (Surrender) की असली अवस्था है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • हारे का सहारा बाबा श्याम: यह भजन इस सनातन विश्वास को और मजबूत करता है कि भगवान हमेशा कमजोर, पीड़ित और निराश व्यक्तियों के साथ खड़े होते हैं।
  • भाव प्रधान भक्ति: इसमें स्पष्ट किया गया है कि ईश्वर को पाने के लिए किसी आडंबर की नहीं, बल्कि केवल सच्चे प्रेम और निष्कलंक भाव की आवश्यकता है।
  • मानसिक शांति और संबल: इस भजन को सुनने या गाने से अवसाद, चिंता और मानसिक तनाव दूर होता है तथा मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
  • कलयुग के जीवंत देवता: खाटू श्याम जी (श्री बर्बरीक जी) को कलयुग का अवतार माना गया है, जिनकी महिमा इस भजन के माध्यम से घर-घर पहुंचती है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

भक्ति संगीत को यदि उचित नियम और श्रद्धा के साथ गाया जाए, तो इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। इस पावन श्याम भजन को निम्नलिखित अवसरों पर विशेष रूप से गाया जा सकता है:

  • प्रतिदिन प्रातःकाल या संध्याकालीन पूजा के समय धूप-दीप प्रज्वलित करने के पश्चात।
  • एकादशी, द्वादशी या फाल्गुन मास के प्रसिद्ध खाटू श्याम मेलों और उत्सवों के दौरान।
  • घर पर आयोजित होने वाले श्याम संकीर्तन, चौकी या जागरण के पावन अवसरों पर।
  • जब भी मन में निराशा या कठिनाई का अनुभव हो, तब एकांत में बैठकर इस भजन का मानसिक स्मरण करने से अद्भुत शांति मिलती है।

गायन से पूर्व पवित्रता का ध्यान रखें, श्री श्याम बाबा के चित्र या विग्रह के समक्ष घी का दीपक जलाएं और पुष्प अर्पित कर भजन का आरंभ करें। अधिक जानकारी के लिए हमारे अन्य लेख जैसे श्री खाटू श्याम जी के अन्य लोकप्रिय भजन भी पढ़ सकते हैं।

भजन से जुड़े देवी-देवता एवं संत | Associated Deity / Saint

इस भजन के मुख्य आराध्य देव श्री खाटू श्याम जी (बर्बरीक) हैं, जो महाभारत काल के महान योद्धा घटोत्कच और मौरवी के पुत्र तथा पांडव कुल के पौत्र हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने इनकी अद्वितीय वीरता, त्याग और वचनबद्धता से प्रसन्न होकर इन्हें कलियुग में अपने ही नाम 'श्याम' से पूजे जाने का वरदान दिया था।

श्याम बाबा को 'हारे का सहारा' इसलिए कहा जाता है क्योंकि बर्बरीक ने महाभारत युद्ध से पूर्व श्री कृष्ण को यह वचन दिया था कि वह हमेशा युद्ध में हारने वाले पक्ष की तरफ से लड़ेंगे। आज भी यही परंपरा भक्तजनों के लिए प्रेरणा स्रोत है कि जो दुनिया में हार जाता है, श्याम बाबा उसे अपनी शरण में लेकर जिता देते हैं।

भजन की भाषा एवं काव्य शैली | Language & Literary Style

यह भजन सरल, सहज और आम बोलचाल की हिंदी (तद्भव शब्दों युक्त ब्रज-राजस्थानी मिश्रित लोक भाषा) में रचा गया है। इसकी काव्य शैली गेय (Singable) है, जिसे ढोलक, हारमोनियम और बांसुरी की मधुर धुनों पर आसानी से गाया जा सकता है।

श्लोक और कठिन संस्कृत के विपरीत, इस प्रकार के लोक भजन सीधे हृदय को स्पर्श करते हैं। इसमें रूपक अलंकारों का सुंदर प्रयोग किया गया है जैसे 'जीवन की नैया' और 'किस्मत के खोल', जो आम जनमानस के जीवन से जुड़े हुए हैं।

भजन में व्यक्त आध्यात्मिक संदेश एवं जीवन सीख | Spiritual Message & Life Lessons

  1. निराशा में आशा: जीवन में कभी भी परिस्थितियां प्रतिकूल होने पर घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि ईश्वर का हाथ हमेशा सिर पर रहता है।
  2. अहंकार का त्याग: भगवान भक्तों के अहंकार को नहीं बल्कि उनके भोलेपन और सच्चे भाव को स्वीकार करते हैं।
  3. शरणागति का मार्ग: अपनी हर समस्या को प्रभु के चरणों में समर्पित कर देने से मानसिक शांति और समाधान दोनों मिलते हैं।
  4. निरंतर स्मरण: सांसारिक भागदौड़ के बीच भी ईश्वर के नाम का सिमरन नहीं छोड़ना चाहिए।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द / वाक्यांश सरल हिंदी अर्थ संदर्भ / प्रसंग
सांवरे भगवान श्रीकृष्ण या खाटू श्याम जी श्याम प्रभु के सांवले सलोने रूप के संबोधन में
हारे का साथ जो जीवन की कठिनाइयों में हार चुके हैं उनका संबल बनना बाबा श्याम की मुख्य कृपा का स्वरूप
चौखट मंदिर या घर की देहरी श्याम बाबा का दरबार (खाटू धाम)
वीरान उजाड़, सूना या दुखों से भरा जीवन भक्त के भक्तिहीन या संकटग्रस्त जीवन की स्थिति
अरदास प्रार्थना, विनती या निवेदन भक्त द्वारा श्याम बाबा के चरणों में रखी गई गुहार

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम देता हर दम सांवरे तू हारे का साथ (Deta Har Dam Sanware Tu Haare Ka Saath Lyrics)
आराध्य देवता श्री खाटू श्याम बाबा (बर्बरीक जी)
भजन श्रेणी श्याम भजन / लेटेस्ट भक्ति गीत / कृष्ण भजन
भाषा सरल हिंदी / लोक भाषा
मुख्य भाव शरणागति, करुणा, प्रेम और विश्वास
उचित अवसर श्याम संकीर्तन, एकादशी पूजा, दैनिक साधना
प्लेटफॉर्म भक्तिलोक (Bhaktilok.in)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

यह पावन भजन कलयुग के अवतारी देवता श्री खाटू श्याम बाबा (बर्बरीक जी) को समर्पित है, जिन्हें 'हारे का सहारा' भी कहा जाता है।

महाभारत युद्ध से पूर्व बर्बरीक ने भगवान श्रीकृष्ण को वचन दिया था कि वह युद्ध में हमेशा हारने वाले या कमजोर पक्ष का साथ देंगे। इसी वचन के कारण उन्हें 'हारे का सहारा' कहा जाता है।

इस भजन को आप प्रातःकालीन पूजा, संध्या आरती, एकादशी के व्रत या घर पर होने वाले श्याम संकीर्तन के दौरान शुद्ध मन और प्रेम भाव के साथ गा सकते हैं।

हाँ, इसके बोल बहुत ही सरल, लयबद्ध और लोक शैली में रचे गए हैं, जिन्हें कोई भी भक्त आसानी से याद करके गुनगुना सकता है।

श्याम बाबा को मुख्य रूप से चूरमा, खीर, माखन-मिश्र और पेड़े का भोग अत्यंत प्रिय है।

श्री खाटू श्याम जी का मुख्य और ऐतिहासिक मंदिर राजस्थान के सीकर जिले के खाटू गाँव में स्थित है।

भक्ति संगीत हमारे अंतर्मन को सकारात्मक तरंगों से जोड़ता है, जिससे तनाव कम होता है और ईश्वर के प्रति विश्वास मजबूत होता है।

हाँ, भक्तलोक (Bhaktilok.in) पर आपको श्री कृष्ण, हनुमान जी, शिव जी और खाटू श्याम जी के सैकड़ों पावन भजन, चालीसा और आरती के लिरिक्स हिंदी में मिल जाएंगे।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह आलेख सनातन धर्म की भजन परंपरा और लोक आस्था के संदर्भ में संपादकीय रूप से तैयार सामग्री है। इसका उद्देश्य पाठकों को शुद्ध और प्रामाणिक भजन लिरिक्स के साथ-साथ उनके आध्यात्मिक भाव से अवगत कराना है। सभी विवरण पारंपरिक मान्यताओं और संकीर्तन ग्रंथों पर आधारित हैं।


स्रोत एवं संदर्भ:

  • सनातन भक्ति संगीत एवं श्याम संकीर्तन परंपरा
  • श्रीमद्भागवत पुराण एवं महाभारत कथा संदर्भ
  • खाटू श्याम जी मंदिर प्रांगण की लोक गाथाएं एवं भजन संग्रह

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यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 20 Oct 2026

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