श्री गणपतिची आरती (Shri Ganapati Aarati in Hindi ) - Bhaktilok
सुखकार्ता दुखर्ता वार्ता विघ्नचि
नूरवी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची
सर्वांगी सुंदर उती शेंदुराची
कांठी झलके माल मुक्ताफलांची
जय देव जय देवी
जय देव जय देवी
जय मंगलमूर्ति
दर्शन मातृ मन कामना पूर्ति
जय देव जय देवी
रत्नाखचित फिर तुझ गौरीकुमरा
चंदनाची उति कुमकुम केशर
हिरेजादित मुकुट शोभतो बर
रुंझुनती नुपुरे चरणी घागरिया
जय देव जय देवी
जय देव जय देवी
जय मंगलमूर्ति
दर्शन मातृ मन कामना पूर्ति
जय देव जय देवी
लम्बोदर पीतांबर फणीवार बंधन
सरल सोंड वक्रतुंडा त्रिनायन
दास रमाचा वात पाए साधना
संकटी पाववे निर्वाणी रक्षावे सुरवरवंदन
जय देव जय देवी
जय देव जय देवी
जय मंगलमूर्ति दर्शन मत्रे मन कामना पूर्ति
जय देव जय देवी