आल्हा गढ़ी माई की गाथा 

आल्हा गढ़ी माई की गाथा
गढ़ी माई का जस गा लीजै,
सुनो भक्तन ध्यान लगाइ।
आल्हा-ऊदल वीर पुकारें,
गढ़ी माई की महिमा गाइ।

माई के दरबार में जो आए,
सबकी बिगड़ी बात बने।
धरती हिले, गगन डोले,
माई का जयकारा बजे।

गढ़ी माई के चरणों में,
वीर आल्हा शीश नवाए।
ऊदल संग करे अरदास,
माई सबका संकट हराए।