तू ही बतला दे मेरी श्याम कहाँ गलती है भजन इन हिंदी लिरिक्स


 मेरे तकदीर की लक़ीर नहीं टलती है |

तू ही बतला दे मेरे श्याम कहाँ गलती है |

सबकी बदली हमारी क्यों नहीं बदलती है |

तू ही बतला दे मेरी श्याम कहाँ गलती है |


मैंने एक बार नहीं बार बार रोया है |

पाने की उमर में अपनों का प्यार खोया है |

ग़मों की धुप में खुशियों की शाम ढलती है |

तू ही बतला दे मेरी श्याम कहाँ गलती है |


कोई हमदर्द नहीं अपना इस जमाने में |

लगी है आग मुक्कदर के आशियाने में |

ऐसी तकदीर है पत्थर सी ना पिघलती है |

तू ही बतला दे मेरी श्याम कहाँ गलती है


लोग कहते हैं श्याम हारे का सहारा है |

हमने इस बात पे बाबा तुझे पुकारा है |

तेरी चौखट पे ही मनचाही ख़ुशी मिलती है |

तू ही बतला दे मेरी श्याम कहाँ गलती है


तू ही बतला दे मेरी श्याम कहाँ गलती है |

सबकी बदली हमारी क्यों नहीं बदलती है |