मैंने पूछा हज़ारों बार मगर एक बार नहीं बोले भजन इन हिंदी लिरिक्स



मैंने पूछा हज़ारों बार मगर एक बार नहीं बोले ,

मेरे आंसू बहे हर बार मगर एक बार नहीं बोले ,

मैंने पूछा हज़ारों बार...


जब रिश्ता ये मंज़ूर ना था तो क्यों मुझको अनाया था ,

जब साथ मेरा नहीं देना था क्यों मुझको गले लगाया था ,

क्या मेरा नहीं अधिकार मगर एक बार नहीं बोले ,


हारे के साथी हो तुम तो मुझे माँ ने बताया बचपन से ,

ज़रा याद करो वो वादा जो तुमने किया अपनी माँ से ,

क्यों हारून मैं ही हर बार मगर एक बार नहीं बोले ,


हारा हुआ जो भी आता है तेरे दर से जीत के जाता है ,

ये कहते दुनिया वाले हैं पर मुझको समझ नहीं आता है ,

मैं हार गया रे कई बार मगर एक बार नहीं बोले ,


तुम कोशिश कुछ भी कर लो प्रभु मैं द्वार तेरा ना छोडूंगा ,

अंतिम स्वासें जीवन की प्रभु मैं द्वार पे तेरे तोडूंगा ,

अन्नू जान लो तुम इस बार ये बातें झूठ नहीं बोले ,

मेरे आसनु हर बार मगर एक बार नहीं बोले ,

मैंने पूछा हज़ारों बार.....