ये प्रयागराज है जहां हर दिल में राम है (Ye Prayagraj Hai Janha Har Dil Mein Raam Hai Lyrics in Hindi) - Bhaktilok


भक्ति और आस्था से प्रेरित


ये प्रयागराज है, जहां हर दिल में राम है,

गंगा-यमुना का संगम, यही तो तीर्थधाम है।

कुम्भ के मेले में दिखती है आस्था की धारा,

हर भक्त का सपना, यहाँ आना दुबारा।


जहां संतों का वास है, ऋषियों की तपोभूमि,

हर कोना पावन, हर गली में है रूहानी गूंज।

मंदिरों की घंटियां, गूंजती हैं हर दिशा में,

यहां आकर हर मनुष्य खो जाता है भक्ति की भावना में।


संगम का तट, जहां मिलती तीन धाराएं,

पापों का नाश करती, ये पवित्र गंगा-मां की बाहें।

आस्था का सागर, जहां हर आत्मा स्नान करे,

जीवन को नया अर्थ, ये पवित्र जलदान करे।


कुम्भ का मेला, जहां विश्व का संगम होता है,

धर्म, संस्कृति और भक्ति का अद्भुत मेला सजता है।

हर ओर दिखती है श्रद्धा और विश्वास की लहरें,

साधु-संतों के प्रवचन, जो हर मन को छू लें।


ये प्रयागराज है, जहां इतिहास गूंजता है,

जहां आस्था और भक्ति का दीप जलता है।

आओ, इस भूमि को नमन करें, इसके चरणों में शीश झुकाएं,

प्रयागराज की महिमा का गुणगान करें, इसे दिल में बसाएं।