महाकुंभ का पर्व, भक्ति का उत्सव (mahaakumbh ka parv, bhakti ka utsav lyrics in hindi)
"महाकुंभ का पर्व, भक्ति का उत्सव" एक लोकप्रिय भक्ति गीत है, जो महाकुंभ मेले के समय भक्तों की श्रद्धा और आस्था को दर्शाता है। इस गीत के कुछ प्रसिद्ध बोल इस प्रकार हैं:
महाकुंभ का पर्व, भक्ति का उत्सव
महाकुंभ का पर्व, भक्ति का उत्सव
मंगलमय हो, ये हर एक पल
गंगा की धारा में, बसा है प्यार
हर दिल में गूंजे, हर ह्रदय में संसार
संगम तट पर, बसी है भक्ति
संगम तट पर, बसी है भक्ति
गंगा यमुना का, संगम सत्य
आओ सब मिलकर, गाओ भजन
बने इस पुण्य में, सबका मन
हर हर गंगे, हर हर गंगे
हर हर गंगे, हर हर गंगे
आओ श्रद्धालु, करें स्नान
शुद्ध हो जाए, हर एक प्राणी
हर एक बुराई, नष्ट हो जाए
आओ संगम में, नहाओ सभी
आओ संगम में, नहाओ सभी
भक्ति के इस पर्व में, खो जाओ सभी
गंगा की धारा में, मिल जाए सुख
यह महाकुंभ, है भक्ति का उत्सव
यह गीत महाकुंभ के महत्व और उसमें सम्मिलित होने वाले भक्तों के आनंद को दर्शाता है।