हर दिल में हो प्रेम का नाता (har dil mein ho pyaar ka naata lyrics in hindi) 

(राग: भक्ति रस)


हर दिल में हो प्रेम का नाता,

सत्य, धर्म, और भक्ति का गाता।

द्वेष मिटे, हर मन खिल जाए,

प्रेम की गंगा बहती जाए।

हर दिल में हो प्रेम का नाता।


संगम तट पर दीप जलाएँ,

हरि का नाम सब गुनगुनाएँ।

भक्तों की टोली झूमे गाकर,

सच्चाई का पाठ सिखाकर।

भक्ति का यह अनोखा नजारा,

हर मन को बनाता उजियारा।

हर दिल में हो प्रेम का नाता,

सत्य, धर्म, और भक्ति का गाता।


सूरज की किरणें जब चमकें,

गंगा की लहरें मोती बरसाएँ।

हर जन को मिले शांति का वरदान,

हरि का नाम बने जीवन का मान।

साधु-संतों का संग सुहाना,

ज्ञान की धारा बहाए निरंतर।

हर दिल में हो प्रेम का नाता,

सत्य, धर्म, और भक्ति का गाता।


शंखनाद और मंत्रों की गूँज,

हर दिशा में फैलाए पूज।

डुबकी लगाकर जो भी आए,

जीवन का सत्य वहीं पाए।

संगम की महिमा अद्भुत न्यारी,

हरि की कृपा सब पर भारी।

हर दिल में हो प्रेम का नाता,

सत्य, धर्म, और भक्ति का गाता।


महाकुंभ का यह मेला अनोखा,

भक्ति का दीप जलाए जोश का।

हर मन में आस्था का प्रकाश,

भक्ति से मिटे अज्ञान का वास।

प्रेम और शांति का पाठ सिखाए,

हर जीवन को उजाला दिलाए।

हर दिल में हो प्रेम का नाता,

सत्य, धर्म, और भक्ति का गाता।


गंगा मैया की जय-जयकार,

हरि के चरणों में सुख अपार।

हर भक्त को जीवन का वर दे,

भक्ति की धारा हर मन भर दे।

आओ मिलकर भक्ति का गीत गाएँ,

प्रेम और शांति से जीवन सजाएँ।

हर दिल में हो प्रेम का नाता,

सत्य, धर्म, और भक्ति का गाता।


सत्य, प्रेम, और धर्म की राह,

यही दिखाए संगम का प्रकाश।

हर मन में हो भक्ति का दीप,

हर जीवन बने एक मधुर संगीत।

आओ मिलकर संगम की महिमा गाएँ,

हर दिल में प्रेम का दीप जलाएँ।

हर दिल में हो प्रेम का नाता,

सत्य, धर्म, और भक्ति का गाता।


यह गीत प्रेम, शांति, और भक्ति का संदेश देता है। इसे गाने से हर दिल में सच्चाई और प्रेम का भाव जागृत होता है, जो जीवन को दिव्यता और आनंद से भर देता है।