मेरा क्या कसूर मईया लिरिक्स (Mera Kya Kasoor Maiya Lyrics in Hindi) -
मेरा क्या कसूर मैया
करदिया क्यो मुझे अपने से दूर।।
सुबह शाम करता हू भक्ति तुम्हारी
तेरे दर आओ कैसे यही है लाचारी।।
सोचता हू हाए मैं बड़ा बदनसीब हू
धन दौलत नही मैं तो ग़रीब हू।।
दिन में फेर दे तो अवँगा ज़रूर
करदिया क्यो मुझे अपने से दूर।।
पता नही कैसा होगा मैया तेरा द्वारा
देखु एक बार तेरे भवन का नज़ारा।।
कर उपकार बस इतना तू मुझपे
फिर कुछ और ना माँगूंगा तुझसे।।
रखेगी तू जिस रंग वही मंज़ूर
करदिया क्यो मुझे अपने से दूर।।
तूने कितनो की बिगड़ी बनाई है
माता रानी अब जाके मेरी बारी आई है।।
सुना है के तू सारे जाग की है सुनती
मुझे भी यकीन हो जो सुन मेरी विनती।।
सच मान डाती मैं तो हू बेकसूर
मेरा कसूर मैया मेरा क्या कसूर मैया
करदिया क्यो मुझे अपने से दूर।।