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अथ श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा ( Ath Shree Brihaspativar Vrat Katha In Hindi) - Bhaktilok


श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा ( Ath Shree Brihaspativar Vrat Katha In Hindi) - 

श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा के लिरिक्स हिंदी में इस प्रकार हैं:-

(१)
जय गुरुदेव गुरुवार की,
व्रत कथा सुनो सब धारी।
कृष्ण भगवान ने कहा,
यह कथा जपा करो प्राणी॥

(२)
बृहस्पति पिता बृहस्पतिवार,
जिनके प्रिय भक्त बालक हमारे।
विश्व के भगवान वाक्य को,
ध्यान से उन्हें सुने हम सारे॥

(३)
बृहस्पति जो कुटुम्ब सहित,
आए उनको सम्मानित करें हम सारे।
किसी की मदद करें, दयालु बनें,
विश्व के भले के लिए बनें तैयार हम सारे॥

(४)
जो कोई यह व्रत बृहस्पतिवार को करे,
वह पाए गुरुदेव के कृपा फल बहुत सारे।
संतान धन धान्य सुख और समृद्धि,
बृहस्पतिवार की कृपा से मिले हमें सारे॥

(५)
व्रत कथा समाप्त होती है,
गुरुदेव का आशीर्वाद पाती है।
संतान धन धान्य सुख और समृद्धि,
बृहस्पतिवार की कृपा से मिले हमें सारे॥

यह कथा सुने, यह व्रत करें,
भगवान बृहस्पति को प्रसन्न करें।
गुरुदेव की शरण में चलें,
उनकी कृपा पाने का अवसर पाएं॥

बृहस्पतिवार व्रत कथा ( Brihaspativar Vrat Katha ):-

बृहस्पतिवार व्रत कथा सुनो, दिनचर्या सब भानु की।
पार्वती का मन बहुत हुआ, जो गौरा होवे वार की॥

एक समय की बात है, भक्त हुए गौरीपति।
व्रत रखा वह बृहस्पतिवार, पूजा की विधि भानु की॥

साक्षात भगवान शिव ने, सुनी पार्वती की पुकार।
"इस व्रत का अचरण करो, करूँगा मैं कल्याण वार की॥"

उन्होंने भक्ति भाव से किया, अराधना बृहस्पति की।
सुन्दर पुत्र प्राप्त किया, धन धान्य सब कुछ पाया भानु की॥

यह व्रत सुनो ध्यान से, पाठ करो भानु का।
भगवान का आशीर्वाद पाओ, हर मनोरथ सच करो वार की॥

बृहस्पतिवार का महत्व (Brihaspativar ka Mahatva):-

बृहस्पतिवार का महत्व, जपो मन्त्र भगवान का।
भक्ति और श्रद्धा से करो, प्राप्त होगा आशीर्वाद ज्ञान का॥

गुरु की कृपा पाने के लिए, ध्यान लगाओ व्रत अर्पण का।
धन और समृद्धि मिलेगी, उन्हें सेवा करने से पूर्ण विज्ञान का॥

बृहस्पति देव को प्रसन्न करो, करो उनकी सेवा नित्य हमेशा।
विज्ञान और बुद्धि में वृद्धि, पाओ अनंत धन सार्वजनिक का॥

गुरु का दीजिए आदर, जीवन में पाइए सफलता की परिधि।
बृहस्पतिवार को करो व्रत, होगा जीवन में बढ़ोत्तरी का संचय॥

बृहस्पतिवार, हिन्दू धर्म में ग्रह बृहस्पति के दिन के रूप में महत्वपूर्ण है। बृहस्पति ग्रह को ब्रह्मा का पुत्र, गुरु, विद्या, ज्ञान, और बुद्धि का प्रतिनिधि माना जाता है। इसलिए, बृहस्पतिवार का विशेष महत्व है और लोग इस दिन गुरुवार व्रत रखते हैं और गुरु की पूजा अर्चना करते हैं।

बृहस्पतिवार का महत्व यहाँ निहित है:

  1. विद्या और ज्ञान की प्राप्ति: बृहस्पति ग्रह को विद्या और ज्ञान का प्रतिनिधि माना जाता है। इसलिए, बृहस्पतिवार को विद्या और ज्ञान की प्राप्ति के लिए शुभ माना जाता है।

  2. धर्मिक उपासना: गुरुवार को गुरु की पूजा करने से व्यक्ति अपने धार्मिक और आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में बढ़ता है।

  3. समृद्धि और खुशहाली: बृहस्पतिवार को गुरु की कृपा को प्राप्त करने से व्यक्ति को समृद्धि और खुशहाली की प्राप्ति होती है।

  4. परिवार के लिए शुभ फल: गुरुवार को गुरु की पूजा करने से परिवार के सदस्यों के जीवन में शांति, समृद्धि, और सुख-शांति का वातावरण बना रहता है।

इस प्रकार, बृहस्पतिवार का महत्व हिन्दू धर्म में विशेष रूप से माना जाता है और लोग इसे गुरुवार व्रत के रूप में मनाते हैं।

बृहस्पतिवार व्रत की विधि (Brihaspativar Ka vidhi):-

बृहस्पतिवार को व्रत रखो, भगवान बृहस्पति का ध्यान धारण करो।
उनका जप करो, मंत्रों का पाठ करो, भक्ति भाव से पूजन करो॥

उठकर सुबह भगवान की पूजा करो, अपने मन और अंतःकरण से उनका स्मरण करो।
धूप, दीप, नैवेद्य, फल, फूल चढ़ाओ, अन्नदान करो, गरीबों की सेवा करो॥

गुरुदेव के चरणों में जल चढ़ाओ, उनका आशीर्वाद प्राप्त करो।
मन, वाणी, और कर्म से उन्हें प्रसन्न करो, उनके ध्यान में सदा रहो॥

व्रत के बाद भोजन करो, सत्विक आहार लेने का संकल्प धारण करो।
ध्यान और आध्यात्मिकता में बने रहो, भगवान का ध्यान और सेवन करते रहो॥

  1. प्रातः काल में उठकर नहाने के बाद, साफ सफाई करें और साधना स्थल को साफ करें।

  2. ब्रह्मचर्य और शुद्धि की स्थिति में, बृहस्पतिवार के दिन व्रत आरम्भ करें।

  3. बृहस्पति की पूजा के लिए गुरु मूर्ति, बन्ने, या तिलक धारण करें। भगवान बृहस्पति की आराधना करें और मंत्रों का जाप करें।

  4. गुरुदेव का प्रसाद बनाएं और उन्हें अर्पित करें। विशेष रूप से चना, गुड़, और दही का प्रसाद बनाने का प्रयास करें।

  5. व्रत के दिन दो बार भोजन करें, पहली बार सुबह और दूसरी बार सायंकाल। अन्य समय में फल, शाकाहारी भोजन, और दूध अथवा दही का सेवन करें।

  6. गुरु मंत्रों का जाप करते समय, गुरुदेव के चरणों में चढ़ावा करें और उनकी कृपा के लिए प्रार्थना करें।

  7. सायंकाल को फिर से ध्यान और भक्ति के साथ गुरुदेव की पूजा करें।

  8. व्रत के दिन विशेष रूप से गुरुवार की आरती और भजन गाएं। गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करें।

  9. बृहस्पतिवार के दिन ब्रह्मचर्य, सच्ची विश्वास और निरंतर भगवान की पूजा करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है।

  10. व्रत की सफलता के बाद, गुरुदेव का प्रसाद लें और अपने दोस्तों, परिवारजनों और गरीबों के साथ साझा करें।

इन विधियों का पालन करते हुए, बृहस्पतिवार व्रत को सफलता प्राप्त होती है और व्रती को गुरुदेव का आशीर्वाद मिलता है।

बृहस्पतिवार व्रत के फल (Brihaspati Vrat Ke Fal):-

बृहस्पतिवार के व्रत के फल, पाओ विशेष लाभ अनेक।
धन, समृद्धि, संतान और सुख, मिलता है गुरुदेव का आशीर्वाद बहुत बेक।।

बुद्धि, ज्ञान, और विवेक, बढ़ाता है व्रत का अभ्यास।
गुरुदेव की कृपा से, मिलता है समस्त संगठन का सम्मान अद्भुत लक्ष्य उत्साह।।

भक्ति और श्रद्धा से, बृहस्पति को अर्पण करें हर वर्ष।
पाते हैं भक्त धन्यता, उन्हें बढ़ती सफलता का अहसास स्पष्ट बहुत मर्यादित अपनाने के तरीके विचारणीय व्यक्ति महसूस होता है।।

सुख-शांति और समृद्धि, विश्वास रखें गुरुदेव पर सदा।
उनकी कृपा से मिले, व्रत के पालन से सम्पन्नता का विशेष बहुत प्रभावित करते हैं।।

  1. धन संचय: बृहस्पतिवार के व्रत का पालन करने से धन की प्राप्ति होती है। गुरुदेव की कृपा से व्यापार में वृद्धि होती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

  2. संतान की प्राप्ति: व्रत का पालन करने से जोड़ी गई साधना और भक्ति से संतान की प्राप्ति होती है। संतान के लिए बेकार जोड़ी की इच्छा पूरी होती है।

  3. बुद्धि और विज्ञान का वृद्धि: गुरुदेव की कृपा से व्यक्ति की बुद्धि और विज्ञान में वृद्धि होती है। उन्हें शिक्षा, ज्ञान, और समझ की प्राप्ति होती है।

  4. समृद्धि और सुख: बृहस्पतिवार के व्रत का पालन करने से व्यक्ति को समृद्धि और सुख की प्राप्ति होती है। उन्हें आनंद, खुशी, और संतोष का अनुभव होता है।

  5. कार्य की सफलता: व्रत का पालन करने से व्यक्ति के कार्य में सफलता मिलती है। गुरुदेव की कृपा से उन्हें विशेष रूप से विजय मिलती है और उनके कठिनाईयों का समाधान होता है।

  6. मान-सम्मान: बृहस्पतिवार के व्रत का पालन करने से व्यक्ति को समाज में मान-सम्मान प्राप्त होता है। उन्हें सम्मानित और प्रतिष्ठित माना जाता है।

इन सभी फलों के साथ-साथ, बृहस्पतिवार के व्रत का पालन करने से व्यक्ति का आत्मविश्वास और आत्मसमर्पण भी बढ़ता है। उन्हें दृढ़ संकल्प और धैर्य की प्राप्ति होती है जो उन्हें जीवन में हर कठिनाई को पार करने में सहायक होती है।

बृहस्पतिवार के उपाय ( Brihaspati Ke Upay):-

गुरुवार के उपाय करें, भगवान बृहस्पति का ध्यान।
करो उनकी पूजा-अर्चना, बनेगा जीवन संतुष्ट और धन्य।।

बृहस्पति के उपाय ध्यान लगाएं, मन्त्रों का जाप करें।
भक्ति और श्रद्धा से करें, गुरुदेव को प्रिय बनाएं।।

गुरु की कृपा पाने के लिए, ध्यान लगाएं उनका नाम।
बृहस्पति देव की आराधना करें, मिलेगा जीवन में आनंद और शांति का भरपूर काम।।

गुरुदेव के उपाय करते समय, ध्यान लगाएं उनकी मूर्ति का रूप।
उनकी कृपा पाने के लिए, करें अपने मन को शुद्ध और निर्मल।।

गुरुदेव के उपाय करते समय, अर्पण करें उन्हें मन, वाच, और कर्म से।
उनकी कृपा से मिलेगा सफलता, खुशियाँ, और समृद्धि का परिणाम हम सबको विश्वास है।।

  1. गुरु मंत्र का जाप: बृहस्पतिवार को गुरु मंत्रों का जाप करें, जैसे "ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः" या "ॐ बृं बृहस्पतये नमः"।

  2. बृहस्पति की पूजा: बृहस्पतिवार को बृहस्पति की पूजा करें, उनकी मूर्ति को स्थापित करें और ध्यान दें।

  3. दान: गरीबों को भोजन, वस्त्र, धन आदि का दान करें।

  4. व्रत: बृहस्पतिवार का व्रत रखें और प्रात: काल में उठकर स्नान करें, फिर बृहस्पति की पूजा करें और फल और प्रसाद चढ़ाएं।

  5. सद्गुरु की सेवा: गुरु के आदर्शों का पालन करें और उनकी सेवा करें।

  6. गुरु के आशीर्वाद की प्रार्थना: बृहस्पतिवार को गुरुदेव के आशीर्वाद की प्रार्थना करें और उनसे अपने जीवन की दिशा और मार्गदर्शन प्राप्त करें।

  7. सच्ची भक्ति: गुरुदेव के प्रति सच्ची भक्ति और श्रद्धा रखें। उनके उपासना में अडिग रहें और उनकी कृपा की कामना करें।

इन उपायों का पालन करते हुए, व्यक्ति बृहस्पतिवार के दिन गुरुदेव की कृपा को प्राप्त कर सकता है और अपने जीवन में समृद्धि, सुख, और सफलता की प्राप्ति कर सकता है।

बृहस्पति देव की आराधना के लाभ (Brihaspati Dev Ki Aaradhana Ke Labh):-

बृहस्पति देव की आराधना करो,
आनंद और समृद्धि पाओ।
धन और बुद्धि की वृद्धि हो,
जीवन में सफलता का प्रकाश छाओ॥

ज्ञान और विज्ञान का फल पाओ,
बृहस्पति देव का आशीर्वाद पाओ।
आत्मविश्वास और धैर्य मिले,
जीवन को अधिक सहज बनाओ॥

सदा आनंदित और संतुष्ट रहो,
गुरुदेव की आराधना से लाभ उठाओ।
बुराई से दूर रहें और सच्चाई का पाठ पढ़ो,
जीवन को खुशियों से सजाओ॥

बृहस्पति देव की कृपा से,
जीवन को धन्य और समृद्ध बनाओ।
आराधना के बल से मन को शुद्ध करो,
गुरुदेव के दर्शन से जीवन को स्वर्ग बनाओ॥

बृहस्पति देव की आराधना के लाभ समझो,
आशीर्वाद पाकर जीवन को सफलता की ओर ले जाओ।
आत्म-विश्वास बढ़ाकर अपने सपनों को पूरा करो,
गुरुदेव की कृपा से जीवन को खुशहाली से सजाओ॥

  1. बुद्धि और विज्ञान में वृद्धि: बृहस्पति देव की आराधना करने से व्यक्ति की बुद्धि और विज्ञान में वृद्धि होती है। उनकी कृपा से व्यक्ति को शिक्षा, ज्ञान, और समझ में वृद्धि मिलती है।

  2. धन और समृद्धि: बृहस्पति देव की प्रार्थना करने से धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है। व्यापारिक क्षेत्र में वृद्धि होती है और व्यक्ति के आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

  3. संतान की प्राप्ति: बृहस्पति देव की आराधना से विवाहित जोड़ी को संतान की प्राप्ति होती है। विशेष रूप से जिन जोड़ियों को संतान की कामना होती है, उन्हें यह आराधना करनी चाहिए।

  4. शिक्षा में सफलता: बृहस्पति देव की आराधना करने से विद्यार्थियों को शिक्षा में सफलता मिलती है। उनके पढ़ाई में वृद्धि होती है और उन्हें ज्ञान में प्रगति का मार्ग प्राप्त होता है।

  5. कार्य में सफलता: बृहस्पति देव की आराधना करने से व्यक्ति के कार्य में सफलता मिलती है। उनकी कृपा से व्यक्ति के कठिनाईयों का समाधान होता है और उन्हें प्रगति का मार्ग प्राप्त होता है।

इन लाभों के साथ-साथ, बृहस्पति देव की आराधना करने से व्यक्ति का मन शांत, आत्मविश्वास बढ़ता है, और उन्हें जीवन में संतोष और खुशियां मिलती हैं। 

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