मैं वृन्दावन नचदी फिरां (Main Vrindavan nachdi phiran Lyrics in Hindi) -
मैं वृन्दावन में नाचूंगी
प्यार से, प्यार से, प्यार से,
प्यार से, झांझ पैर,
मैंने वृन्दावन में नृत्य किया
हो, नचदी फिरन*, मैं हूं टप्पदी फिरन ॥
हो पा पा, प्रेम वली, झंझर पेरेई.......
प्रेम वलि झांझर, टूटे कभी न ल
श्याम, पिया मेरा, रूसे कड़ी ना ॥
हो कड़ी रूस, हो कड़ी रूस,
हो कड़ी रूसे, और मैं जश्न मनाऊंगा,
मैं वृन्दावन में नाचता हूँ,
आखिर प्रेम वाली.........
राधा जी है प्रेम का सागर l
श्याम, सुन्दर मेरे, नटवर नागर ll
एहानान, दोनों मैं से, हो एहानान, दोनों मैं से,
इन दोनों से मैं, बारी-बारी से, जाता हूँ,
मैं वृन्दावन में नाचता हूँ,
आखिर प्रेम वाली…….
अहा, वृन्दावन, प्रेम की नगरी
यहाँ प्रेम की गंगा बहती है॥
मुझ पर, मुझ पर, मुझ पर,
मैं एक गहरा गोता लगाने जा रहा हूँ।
मैं वृन्दावन में नाचता हूँ,
आखिर प्रेम वाली…….
पैर, घुंघरू में, हाथ खड़े एल
नाचो नाचो सब, पुता धमालन ॥
मैं भी हीरो की तरह, मैं भी हीरो की तरह,
मैं भी वीरों की भाँति गिड़गिड़ाऊँगा
मैं वृन्दावन में नाचता हूँ,
आखिर प्रेम वाली....... .
*** Singer:Didi aarti sharma ji ***