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जिसे दुनिया ने ठुकराया उसे तेरा सहारा है (Jise Duniya Ne Thukaraya use Tera Sahara Lyrics in Hindi) - Khatu Shyam Bhajan Shivam Sukhija - Bhaktilok

176 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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महाकाल का अभिषेक: निर्बलों का सच्चा साथी

इस भजन में शिव की करुणा और सहारा देने की शक्ति का बखान है। सबको समर्पण से गाएं।

जिसे दुनिया ने ठुकराया उसे तेरा सहारा है

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

भजन में मुख्य रूप से इस विचार का प्रकाश डाला गया है कि संसारिक लोग अक्सर उन व्यक्तियों को ठुकरा देते हैं जो समाज की मान्यता या योग्यताओं पर खरे नहीं उतरते। लेकिन भगवान शिव, जिन्हें समस्त Universe का आधार मानते हैं, ऐसे ही व्यक्तियों का सच्चा सहारा बनते हैं। 'जिसे दुनिया ने ठुकराया' यह वाक्यांश स्पष्ट करता है कि भगवान शिव उन सभी का संरक्षण करते हैं, जिन्हें समाज द्वारा नकारा गया है। हर इंसान के जीवन में कठिनाइयां आती हैं, लेकिन जब कोई व्यक्ति अपने को अकेला महसूस करता है, तब भगवान शिव की कृपा और स्नेह उसे एक नई दिशा प्रदान करती है। इस भजन में ध्यान केंद्रित करना और शिव की शरण में जाना, हमारे आत्मबल को बढ़ाता है और हमें सच्चे विश्वास के साथ आगे बढ़ने का साहस प्रदान करता है।

इस भजन के प्रत्येक शब्द में गहरी भक्ति और श्रद्धा का भाव है। जब कहा जाता है 'उसे तेरा सहारा है', तो यह दर्शाता है कि ईश्वर की कृपा का दरवाजा हमेशा खुला रहता है। भक्त यदि सच्चे मन से शिव की आराधना करते हैं, तो उनका हर संकट समाप्त हो सकता है। यहाँ पर भावार्थ यह भी है कि दुनिया के ठुकराए लोग जो हर दृष्टि से प्रताड़ित होते हैं, उन्हें शिव की छांव में शांति और संजीवनी मिलती है। यह भजन हमें सिखाता है कि कभी भी निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि भगवान शिव हमारे साथ हैं और हमें कभी नहीं छोड़ते।

भगवान शिव का सिद्धांत 'शिवोहम्' इस भजन में स्पष्ट होता है, जिसमें यह बताया गया है कि हरेक व्यक्ति स्वयं को ईश्वर का अंश समझे। भक्ति मार्ग का यह गुण हर जीव को एकता की भावना से जोड़ता है। हम जब शिव कीआराधना करते हैं, तो उसकी रूपांतरकारी शक्ति हमारे अन्दर प्रविष्ट होती है। इस भजन में भक्ति का जो स्वरूप है, वह हमें यह समझाता है कि शिव हमारे अंधकार को दूर कर सकते हैं, जब हम उन्हें हृदय से पुकारते हैं। संवेदनाओं के इस गहरे ढंग से हमें यह महसूस होता है कि शिव हमें न केवल बाहरी सुरक्षा देते हैं, बल्कि हमारे अंदर की खोई हुई शक्ति को भी जागृत करते हैं।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन का धार्मिक संदर्भ हमें यह बताता है कि संसार में हर व्यक्ति के साथ भगवान शिव का संबंध है। पुराणों के अनुसार, भगवान शिव उन सभी की रक्षा करते हैं, जो समाज की पूर्वधारणाओं से अलग हैं। 'उसे तेरा सहारा है' एक अद्भुत वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि भले ही संसार हमें नकार दे, लेकिन शिव की किरपा सबसे ऊपर है। शिव के अस्तित्व में उन भक्तों के लिए एक विशेष संरक्षण और मार्गदर्शन है, जो सच्चे मन के साथ उनकी शरण में आते हैं।

भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें। इस भजन का उच्चारण करने से मानसिक शांति, भावनात्मक संवेदनशीलता और आत्म-संयम की प्राप्ति होती है। यह भक्ति न केवल आध्यात्मिक बल देती है, बल्कि आत्मविश्वास को भी बढाती है। भगवान शिव की ध्यान साधना से सभी प्रकार के भय कम होते हैं और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जाप करते समय सुबह का समय सबसे उपयुक्त होता है, खासकर ब्रह्म मुहूर्त में। भक्तों को चाहिए कि वे अपने आस-पास शांति का वातावरण बनाएं। दीप जलाकर, श्रद्धा के साथ बैठकर और मन को एकाग्र कर भजन का उच्चारण करें। सच्ची भक्ति और सरलता के साथ शिव का नाम लेते हुए मन में भक्तिपूर्ण भावनाएं जगाएं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन का उद्धेश्य क्या है?

इस भजन का उद्धेश्य उन लोगों के प्रति भगवान शिव की करुणा और सहारा देना है, जिन्हें समाज ने ठुकराया है। यह भजन हमें याद दिलाता है कि प्रत्येक व्यक्ति का महत्व है और भगवान शिव हमेशा हमारे साथ हैं।

भजन का जाप कब करना चाहिए?

इस भजन का जाप सुबह के समय करना सर्वोत्तम होता है, खासकर जब मन शांत और सकारात्मक हो। यह समय ध्यान और साधना के लिए अति अनुकूल माना गया है।

भजन के माध्यम से कौन-कौन से लाभ मिल सकते हैं?

इस भजन के जाप से मानसिक शांति, आत्मविश्वास, और सुरक्षा का अनुभव होता है। यह व्यक्ति को कठिनाईयों का सामना करने की शक्ति प्रदान करता है और शिव की कृपा का आभास कराता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 02 Sep 2026

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