हरि मोह पै नज़रे कर्म करो (Hari Moh Pai Najre karm karo Lyrics in Hindi) - Hari Bhajan - Bhaktilok

हरि मोह पै नज़रे कर्म करो (Hari Moh Pai Najre karm karo Lyrics in Hindi) - 


हरि मोह पै नज़रे कर्म करो ,

सब जग छोड़ शरण में आयो ,

सर पर हाथ धरो।।

यह जग बैरी पड़ो है ,

बहु विधि नाच करो।

सर पर काम ,काम में वासना ,

हिरदे कपट भरो।

विषय बेलि फलयो फल लागा ,

मन चाखत न टरो।

चलत फिरत सुमिरन करे मनवा ,

बैठ भजन न करो।

छूट गई सब आरती पूजा ,

जप-माला न फिरो।

‘‘मधुप’’ कुञ्ज मैं कागा बोलत ,

चित न हंस धरो।

गुरुदेव भव-भंजन स्वामी ,

किस विध पार करो।

हरि मोह पै नज़रे कर्म करो...||