जेहि बिधि नाथ होइ हित मोरा (jehi Vidhi Nath Hoi hit Mora Lyrics in Hindi) -


चौपाई

जेहि बिधि नाथ होइ हित मोरा। करहु सो बेगि दास मैं तोरा॥

निज माया बल देखि बिसाला। हियँ हँसि बोले दीनदयाला॥


भावार्थ-

हे नाथ! जिस तरह मेरा हित हो, आप वही शीघ्र कीजिए। मैं आपका दास हूँ। अपनी माया का विशाल बल देख दीनदयालु भगवान मन-ही-मन हँसकर बोले ||