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सुब्रमण्यम स्वामी अष्टोत्रम (Shri Subramanya Swamy Ashtothram Lyrics in Hindi) - Subramanya Ashtottara Shatanamavali - Bhaktilok

88 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

 

सुब्रमण्यम स्वामी अष्टोत्रम (Subramanya Swamy Ashtothram Lyrics in Hindi) - 


|| श्री सुब्रह्मण्य स्वामी अष्टोत्तर शतनामावली ||


ॐ स्कन्दाय नमः

ॐ गुहाय नमः

ॐ षण्मुखाय नमः

ॐ फलानेत्र सुतुयै नमः

ॐ प्रभवे नमः

ॐ पिंगलाय नमः

ॐ कृत्तिकासुनवे नमः

ॐ शिखिवहाय नमः

ॐ द्विशाद्बुजाय नमः

ॐ द्विशनेत्राय नमः


ॐ शक्ति धाराय नमः

ॐ पिशिताश्रप्रभंजनाय नमः

ॐ तारकासुर संहर्ते नमः

ॐ रक्षोबला विमर्धनाय नमः

ॐ मत्तय नमः

ॐ प्रमत्तयाय नमः

ॐ उन्मत्ताय नमः

ॐ सुरा सैन्यासुर रक्षकाय नमः

ॐ देवसेनापथये नमः

ॐ प्राज्ञय नमः


ॐ कृपालावे नमः

ॐ भक्तवत्सलाय नमः

ॐ उमासुताय नमः

ॐ शक्ति धाराय नमः

ॐ कुमाराय नमः

ॐ क्रौंचदारणाय नमः

  ॐ सेनानी नमः

ॐ अग्नि जन्मने नमः

ॐ विशाखाय नमः

ॐ शंकरात्मजाय नमः


ॐ शिव स्वामी नमः

ॐ गुणस्वामी नमः

नमः ॐ सर्वस्वामीने

ॐ सनातनाय नमः

ॐ अनन्तशक्तये नमः

ॐ अक्षोभ्य नमः

ॐ पार्वतीप्रिया नंदनाय नमः


ॐ गंगसुताय नमः

ॐ शरद्भूतुयै नमः

ॐ आहुताय नमः


ॐ पावकात्मजय नमः

ॐ जृम्भाय नमः

ॐ प्राज्रुम्भाय नमः

ॐ उजरुम्बाय नमः

ॐ कमलासनसमस्तुथाय नमः


ॐ एकवर्णाय नमः

ॐ द्विवर्णाय नमः

ॐ त्रिवर्णाय नमः

ॐ सुमनोहराय नमः

ॐ चतुर्वर्णाय नमः


ॐ पंचवर्णाय नमः

ॐ प्रजापतये नमः

ॐ अहर्फतये नमः

ॐ अग्निगर्भाय नमः

ॐ समिघार्भाय नमः

ॐ विश्वरेत्से नमः

ॐ सुरारिघ्ने नमः

ॐ हरिधारणाय नमः

ॐ शुभकाराय नमः

ॐ वातवे नमः


ॐ वतुवेशाब्रिते नमः

ॐ पुषाय नमः

ॐ गभस्थ्यै नमः

ॐ गहनाय नमः

ॐ चन्द्रवर्णाय नमः

ॐ कलाधराय नमः

ॐ मायाधराय नमः

ॐ महामायैते नमः

ॐ कैवल्ययानमः

ॐ शंकरात्मजाय नमः


ॐ विश्वयोनाय नमः

ॐ अमेयात्माय नमः

ॐ तेजोनिधाय नमः

ॐ अनमायाय नमः

ॐ परमेष्टिने नमः

ॐ परब्रह्माय नमः

ॐ वेदगर्भाय नमः

ॐ विराटसुताय नमः

ॐ पुलिन्दकन्याभर्ताय नमः

ॐ महासरस्वतवृत्त यनमः


ॐ आश्रितखिला धत्रे नमः

ॐ चोरघ्नाय नमः

ॐ रोगानासनाय नमः

ॐ अनन्त मूर्तये नमः

ॐ आनन्दाय नमः

ॐ शिखिंदिक्रता केतनाय नमः

ॐ दम्भाय नमः

ॐ परमदमबाय नमः

ॐ महादंभाय नमः

ॐ वृषकामाय नमः


ॐ कारणोपथदेहाय नमः

ॐ कारणाथिता विग्रहाय नमः

ॐ अनिश्वराय नमः

ॐ अमृताय नमः

ॐ प्राणायानमः

ॐ प्राणायाम परायणाय नमः

ॐ विरद्धहंत्रे नमः

ॐ वीरघ्नाय नमः

ॐ रक्तसाय नमः

ॐ श्यामाकंदराय नमः


ॐ सुब्रह्मण्याय नमः

ॐ गुहाय नमः

ॐ प्रीताय नमः

ॐ ब्रह्मनाय नमः

ॐ ब्रह्मणप्रिय नमः

ॐ वेदवेद्यै नमः

ॐ अक्षयफलदाय नमः

ॐ वल्लीदेवसेना सहित श्री सुब्रह्मण्य स्वामिने नमः || 


🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "सुब्रमण्यम स्वामी अष्टोत्रम (Shri Subramanya Swamy Ashtothram Lyrics in Hindi) - Subramanya Ashtottara Shatanamavali - Bhaktilok" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।

भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?

राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।

राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?

भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत पवित्र माना गया है।

क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?

हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 02 Sep 2026

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