Hanuman Bhajan मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

सत्संग भजन लिरिक्स इन हिंदी (Satsang Bhajan Lyrics in Hindi) - Satsang Bhajan

सत्संग के प्रसिद्ध भजनों के हिंदी लिरिक्स (Satsang Bhajan Lyrics in Hindi) यहाँ पढ़ें। 'मेरे सतगुरु जी तुसी मेहर करो' भजन के बोल और भावार्थ का आनंद लें।

प्रस्तावना एवं परिचय

मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

प्रस्तावना एवं परिचय

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मेरे सतगुरु जी तुसी मेहर करो लिरिक्स (Mere Sataguru Ji Tusi Mehar Karo Lyrics in Hindi) -

मेरे सतगुरु जी तुसी मेहर करो
मैं दर तेरे ते आई हुई या
मेरे कर्मा वल ना वेखेयो ज�
मैं कर्मा तो शरमाईं हुई या

मेरे सतगुरु जी तुसी मेहर करो
मैं दर तेरे ते आई हुई या ।
जो दर तेरे ते आजांदा
ओह असल खजाने पा जांदा

मैंनू वी खाली मोड़ी ना
मैं वी दर ते आस लगाई हुई या
मेरे कर्मा वल ना वेखेयो ज�
मैं कर्मा तो शरमाईं हुई या ।

तुसी तारणहार कहोंदे हो
डूबेया नु बन्ने लोंदे हो
मेरा वी वेडा पार करो
मैं वी दुःखीयरण आई हुई या

मेरे सतगुरु जी तुसी मेहर करो
मैं दर तेरे ते आई हुई या ।
सब संगी साथी छोड़ गये
सब रिश्ते नाते तोड़ गए

तू वी किदरे ठुकरावीं ना
ए सोच के मैं घबराईं हुई या
मेरे कर्मा वल ना वेखेयो ज�
मैं कर्मा तो शरमाईं हुई या ।

मेरे सतगुरु जी तुसी मेहर करो
मैं दर तेरे ते आई हुई या
मेरे कर्मा वल ना वेखेयो ज�
मैं कर्मा तो शरमाईं हुई या

मेरे सतगुरु जी तुसी मेहर करो
मैं दर तेरे ते आई हुई या ।

सत्संग में बहनों आया करो लिरिक्स (Satsang mein bahas aayo karo Lyrics in Hindi) - 

सत्संग में बहनों आया करो..2
1-इस सत्संग में गणपति जी आए..2
संग में अपने रिद्धि सिद्धि लाए..2
सीधी का ध्यान लगाया 

करो सत्संग में ना आया करो।।
सत्संग में..
2-इस सत्संग में ब्रह्मा जी आए..2
संग मैं अपने ब्रह्मणी को लाए..2

वेदों का ध्यान लगाया करो..
सत्संग में बहनों..
3-इस सत्संग में विष्णु जी आए..2
संग में अपने लक्ष्मी जी को लाए..2

लक्ष्मी का ध्यान लगाया करो..2
सत्संग में..
4-इस सत्संग में शंकर जी आए
.2

संग में अपने गौरा को लाएं..2
गौरा का ध्यान लगाए करो 
सत्संग में बहनों आया करो.
सत्संग में

5-इस सत्संग में रामा जी आए..2
संग में अपने सीता मां को लाए..2्
सत्संग में..
6-इस सत्संग में कृष्णा जी आए

2
संगम अपनी राधा को लाए 
राधा को ध्यान लगाया करो..2
सत्संग में..

7-इस सत्संग में मैया जी आए..2
संगमा अपने नव दुर्गे लाई 
नव दुर्गे का ध्यान लगाया करो..
सत्संग में..

मैंने तेरे ही भरोसे सद्गुरु आज सागर मैं नैया डार दई लिरिक्स (Mainne teree hee katha sadguru aaj saagar mein naiya Lyrics in Hindi) - 

मैंने तेरे ही भरोसे सदगुरु आज
सागर में नैया डार दई
काहे की तो नाव बनाई
काहे की पतवार

यमे काहे की जंजीर
सागर में नैया डार दई
हृदय की नाव बनाई
काहे की पतवार

यामे सांसो की जंजीर
सागर में नैया डार दाई
कौन नाव में बैठन हारे
कौन है खेवन हार

याको कौन लगावे बेड़ा पार
सागर में नैया डार दाई
संगत नाव मै बैठन हारे
सत्संग खेवन हार

याको सतगुरु लगावे बेड़ा पार
सागर में नैया डार दई
लाल चुनरिया ओढके
मै तो सदगुरु के ढ़ीग जाऊं

मेरो जन्म सफल हो जाए
सागर में नैया डार दई

काया तेरी हो गयी पुरानी लिरिक्स (kaaya tera ho gaya puraana Lyrics in Hindi) - 

राम भजन करो प्राण�
ये काया तेरी हो गयी पुरान�
इस काया को मल मल धोया
साबुन तेल फुलेल लगाया

मान ले अभिमान�
ये काया तेरी हो गयी पुरान�
इस काया की राख बनेग�
उस पर हरी हरी घास उगेग�

पशु चरे मन मान�
ये काया तेरी हो गयी पुरान�
तुलसी दास आस रघुवर क�
आस नही है पल भर छड़ क�

मान ले अज्ञान�
ये काया तेरी हो गयी पुरान�

- भरदे रे श्याम झोली भरदे ना बहला ओ बातों में (Bharde Re Shyam Jholi Na Bahalao Baato Me Lyrics in Hindi) - 

भरदे रे श्याम झोली भरदे

भरदे ना बहला ओ बातों में

ना बहला ओ बातों में।।

दिन बीते बीती रातें

अपनी कितनी हुई रे मुलाकातें

तुझे जाना पहचाना

तेरे झूठे हुए रे सारे वादे

भूले रे श्याम तुम तो भूले

क्या रखा है बातों में

भर दे रे श्याम झोली भरदे।।

नादान है अनजान हैं

श्याम तू ही मेरा भगवान है

तुझे चाहूं तुझे पाऊं

मेरे दिल का यही अरमान है

पढ़ ले रे श्याम दिल की पढ़ले

सब लिखा है आंखों में

भरदे रे श्याम झोली भरदे।।

मेरी नैया ओ कन्हैया

पार करदे तू बनके खिवैया

मैं तो हारा गम का मारा

आजा आजा ओ बंशी के बजैया

लेले रे श्याम अब तो लेले

लेले मेरा हाथ हाथों में

भर दे रे श्याम झोली भरदे।।

मैं हूं तेरा तू है मेरा

मैंने डाला तेरे दर पे डेरा

मुझे आस है विश्वास है

श्याम भर देगा दामन तु मेरा

झूमें रे श्याम नन्दू झूमें

झूमें तेरी बांहों में

भर दे रे श्याम झोली भरदे।।

भरदे रे श्याम झोली भरदे

भरदे ना बहला ओ बातों में

ना बहला ओ बातों में।।

-सतगुरु मैं तेरी पतंग (Sataguru Mai Teri Patang Lyrics in Hindi) - 

सतगुरु मैं तेरी पतंग 

बाबा मैं तेरी पतंग

हवा विच उडदी जावांगी 

हवा विच उडदी जावांगी

बाबा डोर हथों छड़ी 

न मैं कटी जावांगी

सतगुरु मैं तेरी पतंग 

बाबा मैं तेरी पतंग

बड़ी मुश्किल दे नल 

मिलिया मैनू तेरा दवारा है  

बाबा तेरा दवारा है

मैनू इको तेरा आसरा नाल 

तेरा सहारा है  

बाबा तेरा सहारा है

तेरे ही भरोसे 

बाबा तेरे ही भरोसे

हवा विच उडदी जावांगी

बाबा डोर हथों छड़ी 

न मैं कटी जावांगी

सतगुरु मैं तेरी पतंग 

बाबा मैं तेरी पतंग

हवा विच उडदी जावांगी 

हवा विच उडदी जावांगी

ऐना चरना कमला नालो 

मैनू दूर हटायीं न 

बाबा दूर हटायीं न

इस झूठे जग दे अंदर 

मेरा पेंचा लाइ न

जे कट गयीं ता सतगुरु

फिर मैं लुटती जावांगी

फिर मैं लुटती जावांगी

सतगुरु मैं तेरी पतंग 

बाबा मैं तेरी पतंग

हवा विच उडदी जावांगी 

हवा विच उडदी जावांगी

अज्ज मलेया बूहा आके मैं 

तेरे द्वार दा बाबा तेरे दवार दा

फिर जनम मरन दे गेडे 

तो मैं बचती जावांगी

हवा विच उडदी जावांगी 

हवा विच उडदी जावांगी

सतगुरु मैं तेरी पतंग 

बाबा मैं तेरी पतंग

हवा विच उडदी जावांगी 

हवा विच उडदी जावांगी

बाबा डोर हथों छड़ी 

न मैं कटी जावांगी

गोरी गोरी मैया लाल हनुमान काले काले मेरो भैरवनाथ लिरिक्स (Gori Gori Maiya Lal Hanuman Kaale Kaale Mero Bhairavnath Lyrics in Hindi) - 

गोरी गोरी मैया लाल हनुमान 
काले काले मेरो भैरवनाथ -2
कहां रहे मैया कहां हनुमान 
कहां रहे मेरो भैरवनाथ 2..

मंदिर रहे मैया बन हनुमान 
घाटों रहें मेरो भैरव नाथ 2..
गोरी गोरी मैया
.

क्या पीवे मैया क्या हनुमान 
क्या पीवे मेरो भैरवनाथ 2..
दूध पिवे मैया जल हनुमान 
दारु पीवे मेरो भैरवनाथ2

गोरी गोरी मैया
क्या खावे मैया क्या हनुमान 
क्या खावे मेरो भैरव नाथ 2
.

हलवा खा वे मैया फल हनुमान 
खिचड़ी खावे मेरो भैरव नाथ 2
गोरी गोरी मैया
क्या पहने मैया क्या हनुमान 

क्या पहने मेरो भैरवनाथ 2
..
साड़ी पहने मैया लंगोटा हनुमान 
काले वस्त्र मेरे भैरव नाथ2

गोरी गोरी मैया लाल हनुमान 
काले काले मेरो भैरवनाथ..4

आने से श्याम के आये बहार जाने से श्याम के जाये बहार लिरिक्स (Aane Se Shyam Ke Aaye Bahar Jaane Se Shyam Ke Jaaye Bahar Lyrics in Hindi) - 

आने से उसके आए बहार 
जाने से जिसके जाए बहार 2
बड़ा सीधा साधा है मेरा सांवरिया 
बड़ा भोला भाला है मेरा सांवरिया2

बंसी बजाए ऐसे जैसे हो कोई बंसी बजैया2..
देखो तो कौन है वो पूछो तो कौन है वो 2
राधा का दीवाना है मेरा सांवरिया 2..
आने से उसके आए बहार 

जाने से जिसके जाए बहार 2
बड़ा सीधा साधा है मेरा सांवरिया 
बड़ा भोला भाला है मेरा सांवरिया2
गैया चराए ऐसे जैसे हो कोई गैया चिरैया 2

देखो तो कौन है वो पूछो कौन है वो2..
राधा का दीवाना है मेरा सांवरिया 2
आने से उसके आए बहार 
जाने से जिसके जाए बहार 2

बड़ा सीधा साधा है मेरा सांवरिया 
बड़ा भोला भाला है मेरा सांवरिया2
माखन चुराए ऐसे जैसे हो कोई माखन चुरेइया2..
देखो तो कौन है वो पूछो तो कौन है वो 2

राधा का दीवाना है मेरा सांवरिया 2
आने से उसके आए बहार 
जाने से जिसके जाए बहार 2
बड़ा सीधा साधा है मेरा सांवरिया 

बड़ा भोला भाला है मेरा सांवरिया2
रास रचाए ऐसे जैसे हो कोई रास रचैया2..
देखो तो कौन है वो पूछो तो कौन है वो2..
राधा का दीवाना है मेरा सांवरिया2

आने से उसके आए बहार 
जाने से जिसके जाए बहार 2
बड़ा सीधा साधा है मेरा सांवरिया 
बड़ा भोला भाला है मेरा सांवरिया2

9 :-मेरी मां का डोला आया lyrics
मेरी मां का डोला आया जयकारा बोलो गली गली..2
मां आई आसन बैठ गई मैंने ऐसे चरण धुलाऐ
गंगाजल हो गया गली गली..2

मेरी मां का
मां आई आसन बैठ गई मैंने 
ऐसा दीप जलाया उजियारा हो गया गली गली..2
मेरी मां का

मां आई आसन बैठ गई मैंने ऐसा 
तिलक लगाया. रंगोली हो गए गली गली..2
मेरी मां का
मां आई आसन बैठ गई मैंने ऐसे 

फूल चढ़ाएं फुलवारी हो गई गली गली..2
मेरी मां का
.
मां आई आसन बैठ गई मैंने ऐसा 

भोग लगाया भंडारा हो गया गली गली..2
मेरी मां का
मां आई आसन बैठ गई मैंने ऐसे 
भजन सुनाए जगराता हो गया गली गली..2

10:-हरे तीन पत्तों में क्या बल है
हरे तीन पत्तों में क्या बल है
जिसमें भोला मगन है-२
शरयू मगन है गोमती मगन है 

गंगा में ऐसा क्या बल है 
जिसमें भोला मगन है-२
हरे तीन पत्तों में
.

सूरज मगन है तारे मगन है 
चंदा में ऐसा क्या बल है 
जिसमें भोला मगन है-२
हरे तीन पत्तों में

..
बिच्छू मगन है ततैया मगन है 
नागो में ऐसा क्या बल है 
जिसमें भोला मगन है-२

हरे तीन पत्तों में
..
ढोलक मगन है मंजीरा मगन है 
डमरु में ऐसा क्या बल है 

जिसमें भोला मगन है-२
हरे तीन पत्तों में
लड्डू मगन है पेड़ा मगन है 
भांग धतूरे में क्या बल है 

जिसमें भोला मगन है-२
हरे तीन पत्तों में
..
सालों मगन है दुशाला मगन है 

बागम्बर में ऐसा क्या बल है 
जिसमें भोला मगन है-२
हरे तीन पत्तों में

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा शुभ मुहूर्त">दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।
साझा करें:
🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ यह अत्यंत ही पावन भक्ति रस से परिपूर्ण भजन "सत्संग भजन लिरिक्स इन हिंदी (Satsang Bhajan Lyrics in Hindi) - Satsang Bhajan - Bhaktilok" ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और पूर्ण शरणागति का जीवंत उदाहरण है। सनातन धर्म में संकीर्तन और प्रभु नाम का जाप कलयुग का परम साधन बताया गया है। इस भजन के प्रत्येक शब्द में जीवात्मा का अपनी मूल परम सत्ता (परमात्मा) से मिलने का गहरा अनुराग छुपा हुआ है।
भजन का मुख्य संदेश यही है कि संसार के समस्त कार्यों को करते हुए भी यदि मनुष्य का मन निरंतर ईश्वर के चरणों में लीन रहे, तो वह संसार सागर से सहज ही पार उतर जाता है। यह भजन साधक के अंतर्मन को झंकृत कर उसमें भक्ति रूपी अमृत का संचार करता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि जो भक्त निरंतर मेरा नाम संकीर्तन करते हैं, वे सदा मुझमें ही निवास करते हैं। यह भजन साधक के मन को चंचलता से मुक्त कर आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करता है।
सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भक्ति भजन के नियमित संकीर्तन से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, मन शांत और प्रसन्न रहता है तथा पारिवारिक क्लेश दूर होकर शांति का उदय होता है।
🕒 साधना एवं गायन विधि भजन संकीर्तन के लिए प्रातःकाल अथवा सायं संध्या का समय सर्वोत्तम है। एक शांत स्थान पर पूर्वाभिमुख बैठकर, भगवान की प्रतिमा के सम्मुख धूप-दीप प्रज्वलित करें और तन्मयता से संकीर्तन करें।
�� अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य क्या है?भजन संकीर्तन का मुख्य उद्देश्य मन को संसार की व्यर्थ की चिंताओं से हटाकर ईश्वर के ध्यान में लगाना और आत्मिक आनंद की प्राप्ति करना है।

भजनों को गाने की सही विधि क्या है?भजनों को गाने के लिए राग-सुर से अधिक शुद्ध भाव और प्रेमपूर्ण हृदय की आवश्यकता होती है। मन में पूर्ण श्रद्धा रखकर शांत चित्त से संकीर्तन करें।
क्या सामूहिक भजन संकीर्तन अधिक फलदायी होता है?हाँ, शास्त्रों के अनुसार सामूहिक संकीर्तन से दिव्य स्पंदन (Vibrations) उत्पन्न होते हैं, जिससे वहां उपस्थित सभी लोगों का मन शुद्ध होता है और सामाजिक एकता बढ़ती है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

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