Parvati Stotram

आने से श्याम के आये बहार जाने से श्याम के जाये बहार लिरिक्स (Aane Se Shyam Ke Aaye Bahar Jaane Se Shyam Ke Jaaye Bahar Lyrics in Hindi) - Bhaktilok

246 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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आने से श्याम के आये बहार जाने से श्याम के जाये बहार लिरिक्स (Aane Se Shyam Ke Aaye Bahar Jaane Se Shyam Ke Jaaye Bahar Lyrics in Hindi) - Bhaktilok

श्रेणियां: श्याम भजन, कृष्ण स्तोत्र, लोकप्रिय भक्ति गीत अपडेटेड: 2026 पाठ प्रकार: भजन लिरिक्स एवं भावार्थ

श्री कृष्ण भक्ति की अलौकिक धारा में 'आने से श्याम के आये बहार जाने से श्याम के जाये बहार' एक अत्यंत लोकप्रिय, हृदयस्पर्शी और आनंदित करने वाला श्याम भजन है। यह भजन भगवान श्री बांके बिहारी, खाटू श्याम और गोकुल के कान्हा के प्रति अनन्य प्रेम, विरह, और समर्पण की भावना को अत्यंत सरल एवं मधुर शब्दों में व्यक्त करता है। जब भक्त के जीवन में भगवान श्री कृष्ण का आगमन होता है, तो उसका अंतःकरण वसंत ऋतु के समान खिल उठता है — चारों तरफ प्रेम, आनंद और सकारात्मकता की बहार आ जाती है। इसके विपरीत, श्याम के ओझल होने या दूरी का अहसास होते ही जीवन में उदासी छा जाती है। इस भजन का गायन विशेष रूप से खाटू श्याम कीर्तन, एकादशी उत्सव, जन्मोत्सव, और सत्संग समारोहों में अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ किया जाता है। आइए इस पावन भजन के सम्पूर्ण बोल, विस्तृत भावार्थ और आध्यात्मिक महत्व को जानें।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

शुद्ध उच्चारण और अनन्य भक्ति भाव के साथ इस पावन भजन का स्मरण एवं गायन करें:

स्थायी (मुखड़ा)

आने से उसके आए बहार,
जाने से जिसके जाए बहार!
बड़ा सीधा सादा है मेरा सांवरिया,
बड़ा भोला भाला है मेरा सांवरिया।

अंतरा 1

बंसी बजाए ऐसे जैसे हो कोई बंसी बजैया,
देखो तो कौन है वो पूछो तो कौन है वो?
राधा का दीवाना है मेरा सांवरिया!
आने से उसके आए बहार, जाने से जिसके जाए बहार,
बड़ा सीधा सादा है मेरा सांवरिया, बड़ा भोला भाला है मेरा सांवरिया।

अंतरा 2

गैया चराए ऐसे जैसे हो कोई गैया चिरैया,
देखो तो कौन है वो पूछो कौन है वो?
राधा का दीवाना है मेरा सांवरिया!
आने से उसके आए बहार, जाने से जिसके जाए बहार,
बड़ा सीधा सादा है मेरा सांवरिया, बड़ा भोला भाला है मेरा सांवरिया।

अंतरा 3

माखन चुराए ऐसे जैसे हो कोई माखन चुरेइया,
देखो तो कौन है वो पूछो तो कौन है वो?
राधा का दीवाना है मेरा सांवरिया!
आने से उसके आए बहार, जाने से जिसके जाए बहार,
बड़ा सीधा सादा है मेरा सांवरिया, बड़ा भोला भाला है मेरा सांवरिया।

अंतरा 4

रास रचाए ऐसे जैसे हो कोई रास रचैया,
देखो तो कौन है वो पूछो तो कौन है वो?
राधा का दीवाना है मेरा सांवरिया!
आने से उसके आए बहार, जाने से जिसके जाए बहार,
बड़ा सीधा सादा है मेरा सांवरिया, बड़ा भोला भाला है मेरा सांवरिया।

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

यह भजन केवल शब्दों का मेल नहीं है, बल्कि एक भक्त की अपने आराध्य श्री कृष्ण (सांवरिया) के साथ आत्मीयता का जीवंत दस्तावेज है। आइए इसके गहरे आध्यात्मिक भाव को समझें:

"आने से उसके आए बहार, जाने से जिसके जाए बहार" - इस पंक्ति में भक्त कह रहा है कि मेरे प्रभु सांवरिया के जीवन में आने मात्र से ही समस्त सांसारिक दुखों का अंधकार मिट जाता है और आनंद की बहार छा जाती है। उनके बिना यह जीवन सूना और बेरंग प्रतीत होता है।

"बड़ा सीधा सादा है मेरा सांवरिया, बड़ा भोला भाला है मेरा सांवरिया" - भगवान श्री कृष्ण यद्यपि सृष्टि के रचयिता और ब्रह्मांड के स्वामी हैं, किंतु भक्तों के लिए वे अत्यंत सरल, निष्कपट और सहज हैं। वे भक्तों के प्रेम के भूखे हैं, किसी बड़े आडंबर के नहीं।

विभिन्न अंतरों में गोपियों के कान्हा की लीलाओं — बंसी बजाना, गैया चराना, माखन चुराना और महारास रचाना — का सुंदर वर्णन किया गया है। यह दर्शाता है कि श्री कृष्ण हर रूप में परम आनंद और माधुर्य के प्रतीक हैं, और जो भी उनके चरणों से जुड़ जाता है, उसका जीवन कृतार्थ हो जाता है। ऐसे ही अन्य सुंदर भजनों के लिए आप हमारा श्याम भजन संग्रह देख सकते हैं, या सम्पूर्ण स्तुति के लिए ॐ जय जगदीश हरे आरती का पाठ कर सकते हैं।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • देवता संदर्भ: भगवान श्री कृष्ण, खाटू श्याम बाबा और ब्रजराज गोपीवल्लभ।
  • भक्ति भाव: माधुर्य भाव, सख्य भाव, और अनन्य शरणागति।
  • सांस्कृतिक महत्व: यह भजन उत्तर भारत, विशेषकर राजस्थान, ब्रज और दिल्ली-एनसीआर के खाटू श्याम मेलों और सत्संगों में अत्यधिक लोकप्रिय है।
  • मानसिक शांति: इस भजन के निरंतर श्रवण और गायन से मन का तनाव दूर होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को गाने या सुनने के लिए किसी विशेष नियम की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि भक्ति में केवल प्रेम और पवित्र भाव प्रधान है। फिर भी, निम्नलिखित अवसरों पर इसका गायन विशेष रूप से फलदायी माना जाता है:

  • प्रातःकाल उठकर भगवान के दर्शन करते समय या संध्या वंदन के दौरान।
  • घर पर साप्ताहिक सत्संग, एकादशी कीर्तन या खाटू श्याम जागरण के समय।
  • जन्माष्टमी, गोवर्धन पूजा या होली जैसे पावन पर्वों पर।
  • जब भी मन विचलित हो या जीवन में कठिनाइयों का अनुभव हो, तब इस भजन का स्मरण करने से आंतरिक शक्ति मिलती है।

कठिन शब्दों के अर्थ | Difficult Word Meanings

शब्द / पद सरल हिंदी अर्थ आध्यात्मिक संदर्भ
सांवरिया सांवले रंग वाले भगवान श्री कृष्ण भक्तों द्वारा प्रेम से पुकारा जाने वाला संबोधन
बहार खुशहाली, वसंत, आनंद और उल्लास प्रभु के आगमन से मिलने वाली आंतरिक प्रसन्नता
बंसिया / बजैया बंसुरी बजाने वाला योगेश्वर कृष्ण जिनकी मुरली सबकों मोह लेती है
गैया चिरैया गायों की देखभाल करने वाला ग्वालबाल गौ-सेवा और प्रकृति के प्रति प्रेम का प्रतीक
चुरेइया चुराने वाला (माखन चोर) भक्तों के हृदय का प्रेम चुराने वाले कन्हैया
रचैया रचना करने वाला / रास रचाने वाला समस्त ब्रह्मांड और रासलीला के रचयिता

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम आने से श्याम के आये बहार जाने से श्याम के जाये बहार
आराध्य देवता भगवान श्री कृष्ण / खाटू श्याम बाबा
संगीत शैली लोकप्रिय लोक भजन / संकीर्तन शैली
भाषा सरल हिंदी / ब्रज-बोली मिश्रित
मुख्य भाव प्रेम, माधुर्य, भक्ति और विरह
उपयुक्त अवसर खाटू श्याम कीर्तन, एकादशी, सत्संग, दैनिक पूजा

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

इस भजन के मुख्य आराध्य भगवान श्री कृष्ण और उनके कलयुगी अवतार खाटू श्याम बाबा हैं।

यह भजन खाटू श्याम के जागरण, मासिक एकादशी उत्सव, संकीर्तन संध्या, और घर की दैनिक पूजा-आराधना के समय अत्यंत प्रेम के साथ गाया जाता है।

इस भजन का केंद्रीय भाव भक्त और भगवान के बीच का निश्चल प्रेम, समर्पण और प्रभु की सादगी का वर्णन करना है।

हाँ, इस भजन को आप अपने घर पर पूजा के समय, तन्मयता से अकेले या परिवार के साथ संकीर्तन के रूप में गा सकते हैं।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह पृष्ठ (Aane Se Shyam Ke Aaye Bahar Lyrics) भक्तों की सुविधा के लिए पूरी शुद्धता और प्रामाणिक परंपरा के अनुसार संपादित किया गया है। सामग्री का उद्देश्य सनातन संस्कृति और कृष्ण भक्ति का प्रसार करना है। संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

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समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 25 Sep 2026

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