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Sai Baba

साईं कष्ट निवारण मंत्र (Sai Kasht Nivaran Mantra Lyrics in Hindi) - Sai Baba Mantra - Bhaktilok

132 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

 

साईं कष्ट निवारण मंत्र (Sai Kasht Nivaran Mantra Lyrics in Hindi) - 


कष्टो की काली छाया दुःख दैयी है |

जीवन में घोर उदासी लायी है |


संकट को तालो सै दुहाई है |

तेरे सिवा ना कोई मददगार है |


मेरे मन तेरी मूरत समायी है |

हर पल हर स्कन महिमा गाई है |


घर मेरे कष्टों की आँधी आई है |

आपने क्यू मेरी सुध भुलायी है |



तुम भोले नाथ हो दया निधान हो |

तुम हनुमान हो महा बलवान हो |


तुम्हीं हो राम और तुम्हीं श्याम हो |

सारे जगत में तुम सबसे महान हो |


तुम्हीं महाकाली तुम्हीं माँ शारदे |

कर्ता हु प्रार्थना भावे से तार दे |


तुम्ही मोहम्मद हो गरीब नवाज हो |

नानक की वाणी में ईसा के साथ हो |


तुम्ही दिगम्बर तुम्हीं कबीर हो |

हो बूढ़ा तुम्हीं हो और महावीर हो |



सारे जगत का तुम्हीं आधार हो |

निराकार भी और साकार हो |


करता हूँ वन्दना प्रेम विश्वास से |

सुनो साईं अल्लाह के वास्ते |


अधरो में मेरी नहीं मुस्कान है |

घर मेरा बनाने लगा स्मशान है |


राहेम नज़र करो उझादे विरान पे |

जिंदगी सवरेगी एक वरदान से |


पापा की धोप से तन लगा हारें |

आपका ये दस लगा पुकारने |


आपने सदा ही लाज बचायी है |

देर ना हो जाए मन शंकाए है |


धीरे धीरे धीरज ही खोता है |

मन में बस विश्वास ही रोता है |


मेरी कल्पना साकार कर दो |

सुनी जिंदगी में रंग भर दो |


धोते-धोते पापो का भार जिंदगी से |

मैं हार गया जिंदगी से |


नाथ अवगुण अब तो बिसारो |

कश्तो की लहर से आके उबरो |


करता हूं पाप मैं पापो की खान हूं |

ज्ञानी तुम ज्ञानेश्वर मैं अज्ञान हूं |


पापो की भूल में करता हूं पग-पग पर |

तार दो जीवन ये चरणों के धूल से |


तुमने उजाड़ा हुआ घर बसाया |

पानी से दीपक भी तुमने जलाया |


तुमने ही शिरडी को धाम बनाया |

छोटे गाँव में स्वर्ग सजाया |


कष्ट पाप श्राप उतारो |

प्रेण दया दृष्टि से निहारो |


आप का दस हू ऐसे ना तालिये |

गिरने लगा हू सै संभालिये |


सैजी बालक मैं अनाथ हु |

तेरे भरोसे रहता दिन रात हूँ |


जैसा भी हु | हू तो आपका |

कीजे निवारण मेरे संताप का |


तू है सवेरा और मैं रात हूँ |

मेल नहीं कोई फिर भी साथ हूँ |


साईं मुझसे मुख ना मोड़ो |

बीच मझदार अकेला ना छोड़ो |


आपके चरणों में आधार प्राण जय |

तेरे वचन मेरे गुरुसमान है |


आपकी राहो पे चलता दस है |

ख़ुशी नहीं कोई जीवन उदास है |


आंसू की धारा है डूबता किनारा |

जिंदगी में दर्द | नहीं गुजारा |


लगाया चमन तो फूल खिलाओ |

फूल खिले हैं तो खुशबू भी लाओ |


कर दो इशारा तो बात बन जाये |

जो किस्मत में नहीं वो मिल जाए |


बीता जमाना ये गाके फसाना |

सरहदे जिंदगी मौत का तराना |


देर हो गई है अँधेरे ना हो |

फ़िक्र मिले लेकिन फ़रेब ना हो |


देके तलो या दामन बचा लो |

हिलने लगी रहुणयी संभालो |


तेरे दम पर अल्लाह की शान है |

सूफी संतो के ये बयान है |


ग़रीब की झोली में भर दो ख़ज़ाना |

ज़माने के वाली करो ना बहाना |


डर के भिखारी हैं मोहताज हैं हम |

शहंशाहे आलम करो कुछ करम |


तेरे खज़ाने में अल्लाह की रहमत |

तुम सद्गुरु हो समर्थ |


आये तो धरती पे देने सहारा |

करने लगे क्यों हम से किनारा |


जब तक ये ब्रह्माण्ड रहेगा |

साईं तेरा नाम रहेगा |


चांद तारे तुम्हें पुकारेंगे |

जन्मोजन्म हम रास्ता निहारेंगे |


आत्मा बदलेगी छोले हजार |

हम मिलते रहेंगे हर बार |


आपके कदमो में बैठे रहेंगे |

दुखड़े दिल के कहते रहेंगे |


आपको मर्ज़ी है दो या ना दो |

हम तो कहेंगे दामन भी भर दो |


तुम हो दाता हम हैं भिखारी |

सुनते नहीं क्यों अरग हमारी |


अच्छा चलो एक बात बता दो |

क्या नहीं तुम्हारे पास बता दो |


जो नहीं देना है इंकार कर दो |

ख़तम ये आपस की तकरार कर दो |


लौट के खाली चला जाऊंगा |

फिर भी गन तेरे गाऊंगा |


जबतक काया है तबतक माया है |

इसी में दुखों का मूल समाया है |


सब कुछ जान के अंजान हूँ मैं |

अल्लाह की तू शान तेरी हूं शान मैं |


तेरा करम सदा सबपे रहेगा |

ये चक्र युग-युग चलता रहेगा |


जो प्राण गाएगा साई तेरो नाम |

उसको मिले मुक्ति पूछे परम धाम |


ये मंत्र जो प्राणि नित गाएंगे |

राहु केतु शनि निकट ना आयेंगे |


टाल जायेंगे संकट सारे |

घर में दस वास करे सुख सारे |


जो श्रद्धा से करेगा पथन |

हम पर देव सभी हो प्रसन्न |


रोग समुह नष्ट हो जायेंगे |

कष्ट निवारण मंत्र जो गाएंगे |


चिंता हारेगा निवारण जाप |

पल में डर हो सब पाप |


जो ये पुस्तक नित दिन बाचे |

लक्ष्मीजी घर उसके सदा बिराजे |


ज्ञान बुद्धि प्राणि वो पायेगा |

कष्ट निवारण में जो ध्यान देगा |


ये मंत्र भक्तो कमाल करेगा |

आये जो अनहोनी तो ताल देगा |


भूत-प्रेत भी रहेंगे दूर |

इस मंत्र में साईं शक्ति भरपुर है |


जपते रहे जो मंत्र अगर |

जादू टोना भी हो ब्यासर |


क्या मंत्र में सब गुण समाये |

ना हो भरोसा तो आजमाये |


ये मंत्र साई बचन ही जाणो |

स्वयं अमल कर सत्य पहचानो |


संशय ना लाना विश्वास जगाना |

ये मंत्र सुख का है खजाना |


क्या पुस्तक में साई का वास है |

साईं दया से ही लिख पाया दास |


अनंत कोटि ब्रह्माण्ड नायक

राजा धी राज योगी राज परा ब्रह्म

श्री सच्चिदानंद सद्गुरु साईं नाथ महाराज की जय ||

संतों और ऋषियों के आध्यात्मिक इतिहास की गहरी समझ के लिए संत एवं ऋषि ज्ञानकोश अवश्य पढ़ें।

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

शिरडी के साईं बाबा को समर्पित यह भजन "साईं कष्ट निवारण मंत्र (Sai Kasht Nivaran Mantra Lyrics in Hindi) - Sai Baba Mantra - Bhaktilok" सबका मालिक एक होने के सिद्धांत को प्रतिपादित करता है। साईं बाबा का जीवन काल सादगी, प्रेम, सहिष्णुता और मानवता का संदेश देता है। इस भजन की सरल पंक्तियां भक्त को सीधे बाबा के दिव्य आशीर्वाद और करुणा से जोड़ती हैं।

भजन का मुख्य भाव श्रद्धा और सबूरी (धैर्य) का है। साईं बाबा अपने भक्तों को वचन देते हैं कि जो भी उनके द्वार पर आएगा, वह कभी खाली हाथ नहीं जाएगा। बाबा की उदी (भस्म) और उनके वचनों का स्मरण ही इस भजन का सार है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

साईं बाबा के भजनों के संकीर्तन से भक्तों के मन में धर्म-जाति के भेद से ऊपर उठकर प्राणी मात्र के प्रति प्रेम की भावना जागृत होती है। बाबा की पूजा में सादगी और शुद्ध अंतःकरण का विशेष महत्त्व है।

संतों और ऋषियों के आध्यात्मिक इतिहास की गहरी समझ के लिए संत एवं ऋषि ज्ञानकोश अवश्य पढ़ें। साईं बाबा के भजन से पारिवारिक शांति प्राप्त होती है, मन के द्वेष और कलह दूर होते हैं और साधक में संतोष तथा धैर्य का विकास होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

साईं बाबा की आराधना के लिए गुरुवार का दिन विशेष रूप से फलदायी है। साईं बाबा की मूर्ति या चित्र के सम्मुख दीप जलाकर, उदी का तिलक लगाएं और श्रद्धापूर्वक भजन गाएं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

शिरडी साईं बाबा की उपासना के दो मुख्य स्तंभ क्या हैं?

बाबा ने अपने भक्तों को 'श्रद्धा' (विश्वास) और 'सबूरी' (धैर्य) को जीवन का मूल आधार बनाने की शिक्षा दी थी।

साईं भजनों के संकीर्तन के लिए कौन सा दिन उत्तम है?

गुरुवार (गुरु दिवस) का दिन साईं बाबा के पूजन, व्रत और भजन संकीर्तन के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।

साईं बाबा की 'उदी' का क्या महत्त्व है?

उदी बाबा की धूनी की पवित्र भस्म है। भक्तों का अटूट विश्वास है कि उदी धारण करने से शारीरिक बीमारियां और मानसिक कष्ट दूर होते हैं।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 02 Sep 2026

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