लक्ष्मी नाथ म्हाने प्यारो लागे चार भुजा रो नाथ लिरिक्स (Lakshmi Nath Mhane Pyaro Lage Lyrics in Hindi) - 


लक्ष्मी नाथ म्हाने प्यारो लागे

चार भुजा रो नाथ

म्हारो चित्त चरणों में राख

म्हारों चित्त चरणों में राख।


मोर मुकट सिर छत्र बिराजै

कानों में थारे कुण्डल साजे

गल हीरों रो हार हजारी

भगतों ने हिवड़े लगाए

म्हारों चित्त चरणों में राख

लक्ष्मी नाथ म्हाने प्यारो लागे

चार भुजा रो नाथ

म्हारो चित्त चरणों में राख

म्हारों चित्त चरणों में राख।


रत्न सिंघासन आप बिराजो

राधा रुकमणि संग में बिराजै

चरण धोय चरणामृत पीऊँ

मगन रहूँ दिन रात

म्हारों चित्त चरणों में राख

लक्ष्मी नाथ म्हाने प्यारो लागे

चार भुजा रो नाथ

म्हारो चित्त चरणों में राख

म्हारों चित्त चरणों में राख।


माखन मिश्री रो भोग लगाऊँ

हाथ जोड़ तन्ने अर्ज़ सुनाऊँ

सुबह शाम थारा दर्शन पाऊँ

खुशियाँ मनाऊँ दिन रात

म्हारों चित्त चरणों में राख

लक्ष्मी नाथ म्हाने प्यारो लागे

चार भुजा रो नाथ

म्हारो चित्त चरणों में राख

म्हारों चित्त चरणों में राख।


दर्शन बिन दोए अखियाँ प्यासी

दरस देवो नी द्वारिका रा वासी

रात दिन थोरा गुण गाऊँ

कर दो भव से पार

म्हारों चित्त चरणों में राख

लक्ष्मी नाथ म्हाने प्यारो लागे

चार भुजा रो नाथ

म्हारो चित्त चरणों में राख

म्हारों चित्त चरणों में राख।