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लक्ष्मी अष्टोत्रम् कन्नड़ में (Lakshmi Ashtothram Lyrics in Kannada) - by Dakshayani ಶ್ರೀ ಲಕ್ಷ್ಮೀ ಅಷ್ಟೋಟ್ರಾಮ್ 108 times - Bhaktilok

115 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

 

लक्ष्मी अष्टोत्रम् कन्नड़ में (Lakshmi Ashtothram Lyrics in Kannada) - 


ಓಂ ಪ್ರಕೃತ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ವಿಕೃತ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ವಿದ್ಯಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಸರ್ವಭೂತಹಿತಪ್ರದಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಶ್ರದ್ಧಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ವಿಭೂತ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಸುರಭ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಪರಮಾತ್ಮಿಕಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ವಾಚೇ ನಮಃ | ೯


ಓಂ ಪದ್ಮಾಲಯಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಪದ್ಮಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಶುಚಯೇ ನಮಃ |

ಓಂ ಸ್ವಾಹಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಸ್ವಧಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಸುಧಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಧನ್ಯಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಹಿರಣ್ಮಯ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಲಕ್ಷ್ಮ್ಯೈ ನಮಃ | ೧೮


ಓಂ ನಿತ್ಯಪುಷ್ಟಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ವಿಭಾವರ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಅದಿತ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ದಿತ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ದೀಪ್ತಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ವಸುಧಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ವಸುಧಾರಿಣ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಕಮಲಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಕಾಂತಾಯೈ ನಮಃ | ೨೭


ಓಂ ಕಾಮಾಕ್ಷ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಕ್ರೋಧಸಂಭವಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಅನುಗ್ರಹಪರಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಬುದ್ಧಯೇ ನಮಃ |

ಓಂ ಅನಘಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಹರಿವಲ್ಲಭಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಅಶೋಕಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಅಮೃತಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ದೀಪ್ತಾಯೈ ನಮಃ | ೩೬


ಓಂ ಲೋಕಶೋಕವಿನಾಶಿನ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಧರ್ಮನಿಲಯಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಕರುಣಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಲೋಕಮಾತ್ರೇ ನಮಃ |

ಓಂ ಪದ್ಮಪ್ರಿಯಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಪದ್ಮಹಸ್ತಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಪದ್ಮಾಕ್ಷ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಪದ್ಮಸುಂದರ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಪದ್ಮೋದ್ಭವಾಯೈ ನಮಃ | ೪೫


ಓಂ ಪದ್ಮಮುಖ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಪದ್ಮನಾಭಪ್ರಿಯಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ರಮಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಪದ್ಮಮಾಲಾಧರಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ದೇವ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಪದ್ಮಿನ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಪದ್ಮಗಂಧಿನ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಪುಣ್ಯಗಂಧಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಸುಪ್ರಸನ್ನಾಯೈ ನಮಃ | ೫೪


ಓಂ ಪ್ರಸಾದಾಭಿಮುಖ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಪ್ರಭಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಚಂದ್ರವದನಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಚಂದ್ರಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಚಂದ್ರಸಹೋದರ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಚತುರ್ಭುಜಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಚಂದ್ರರೂಪಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಇಂದಿರಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಇಂದುಶೀತಲಾಯೈ ನಮಃ | ೬೩


ಓಂ ಆಹ್ಲಾದಜನನ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಪುಷ್ಟ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಶಿವಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಶಿವಕರ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಸತ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ವಿಮಲಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ವಿಶ್ವಜನನ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ತುಷ್ಟ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ದಾರಿದ್ರ್ಯನಾಶಿನ್ಯೈ ನಮಃ | ೭೨


ಓಂ ಪ್ರೀತಿಪುಷ್ಕರಿಣ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಶಾಂತಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಶುಕ್ಲಮಾಲ್ಯಾಂಬರಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಶ್ರಿಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಭಾಸ್ಕರ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಬಿಲ್ವನಿಲಯಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ವರಾರೋಹಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಯಶಸ್ವಿನ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ವಸುಂಧರಾಯೈ ನಮಃ | ೮೧


ಓಂ ಉದಾರಾಂಗಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಹರಿಣ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಹೇಮಮಾಲಿನ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಧನಧಾನ್ಯಕರ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಸಿದ್ಧಯೇ ನಮಃ |

ಓಂ ಸ್ತ್ರೈಣಸೌಮ್ಯಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಶುಭಪ್ರದಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ನೃಪವೇಶ್ಮಗತಾನಂದಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ವರಲಕ್ಷ್ಮ್ಯೈ ನಮಃ | ೯೦


ಓಂ ವಸುಪ್ರದಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಶುಭಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಹಿರಣ್ಯಪ್ರಾಕಾರಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಸಮುದ್ರತನಯಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಜಯಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಮಂಗಳಾ ದೇವ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ವಿಷ್ಣುವಕ್ಷಃಸ್ಥಲಸ್ಥಿತಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ವಿಷ್ಣುಪತ್ನ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಪ್ರಸನ್ನಾಕ್ಷ್ಯೈ ನಮಃ | ೯೯


ಓಂ ನಾರಾಯಣಸಮಾಶ್ರಿತಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ದಾರಿದ್ರ್ಯಧ್ವಂಸಿನ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ದೇವ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಸರ್ವೋಪದ್ರವವಾರಿಣ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ನವದುರ್ಗಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಮಹಾಕಾಲ್ಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಬ್ರಹ್ಮಾವಿಷ್ಣುಶಿವಾತ್ಮಿಕಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ತ್ರಿಕಾಲಜ್ಞಾನಸಂಪನ್ನಾಯೈ ನಮಃ |

ಓಂ ಭುವನೇಶ್ವರ್ಯೈ ನಮಃ | ೧೦೮ |

ಇತಿ ಶ್ರೀ ಲಕ್ಷ್ಮೀ ಅಷ್ಟೋಟ್ರಾಮ್ ಪರಿಪೂರ್ಣ ||


लक्ष्मी अष्टोत्रम् कन्नड़ में (Lakshmi Ashtothram Lyrics in Hindi) - 


ॐ प्रकृत्यै नमः |

ॐ विकृत्यै नमः |

ॐ विद्यायै नमः |

ॐ सर्वभूतहितप्रदायै नमः |

ॐ श्रद्धायै नमः |

ॐ विभूतियै नमः |

ॐ सुरभ्यै नमः |

ॐ परमात्मिकायै नमः |

ॐ वाचे नमः | 9


ॐ पद्मालयै नमः |

ॐ पद्मायै नमः |

ॐ शुचये नमः |

ॐ स्वाहायै नमः |

ॐ स्वधायै नमः |

ॐ सुधायै नमः |

ॐ धान्यै नमः |

ॐ हिरण्मयै नमः |

ॐ लक्ष्म्यै नमः | 18


ॐ नित्यपुष्टयै नमः |

ॐ विभावरायै नमः |

ॐ आदित्यै नमः |

ॐ दित्यै नमः |

ॐ दीप्तायै नमः |

ॐ वसुधायै नमः |

ॐ वसुधारिण्यै नमः |

ॐ कमलायै नमः |

ॐ कान्तायै नमः | 27


ॐ कामाक्ष्यै नमः |

ॐ क्रोधसम्भवायै नमः |

ॐ अनुग्रहपर्यै नमः |

ॐ बुद्धाय नमः |

ॐ अनघ्यै नमः |

ॐ हरिवल्लभाय नमः |

ॐ अशोकायै नमः |

ॐ अमृतायै नमः |

ॐ दीप्तायै नमः | 36


ॐ लोकशोकविनाशिनै नमः |

ॐ धर्मनिलयै नमः |

ॐ करुणायै नमः |

ॐ लोकमात्रे नमः |

ॐ पद्मप्रियै नमः |

ॐ पद्महस्तायै नमः |

ॐ पद्माक्ष्यै नमः |

ॐ पद्मसुन्दर्यै नमः |

ॐ पद्मोद्भवयै नमः | 45


ॐ पद्मुख्यै नमः |

ॐ पद्मनाभप्रियै नमः |

ॐ रामायै नमः |

ॐ पद्ममालाधारयै नमः |

ॐ देव्यै नमः |

ॐ पद्मिण्यै नमः |

ॐ पद्मगन्धिन्यै नमः |

ॐ पुण्यगन्धायै नमः |

ॐ सुप्रसन्नायै नमः | 54


ॐ प्रसादभिमुख्यै नमः |

ॐ प्रभायै नमः |

ॐ चन्द्रवदनायै नमः |

ॐ चंद्रायै नमः |

ॐ चन्द्रसहोदरायै नमः |

ॐ चतुर्भुजायै नमः |

ॐ चन्द्ररूपायै नमः |

ॐ इन्दिरायै नमः |

ॐ इंदुशीतलयै नमः | 63


ॐ अह्लादजान्यायै नमः |

ॐ पुष्ट्यै नमः |

ॐ शिवायै नमः |

ॐ शिवकार्यै नमः |

ॐ सत्यायै नमः |

ॐ विमलायै नमः |

ॐ विश्वजनन्यायै नमः |

ॐ तुष्ट्यै नमः |

ॐ दारिद्र्यनाशिनै नमः | 72


ॐ प्रीतिपुष्करिण्यै नमः |

ॐ शांतायै नमः |

ॐ शुक्लमालाम्बरायै नमः |

ॐ श्रीयै नमः |

ॐ भास्कर्यै नमः |

ॐ बिल्वनिलयै नमः |

ॐ वाररोहायै नमः |

ॐ यशस्विन्यै नमः |

ॐ वसुन्धराराय नमः | 81


ॐ उदारांगयै नमः |

ॐ हरिण्यै नमः |

ॐ हेममालिन्यै नमः |

ॐ धनधान्यकार्यै नमः |

ॐ सिद्धये नमः |

ॐ स्त्रायणासौमयै नमः |

ॐ शुभप्रदायै नमः |

ॐ नृपवेशमगतानन्दायै नमः |

ॐ वरलक्ष्म्यै नमः | 90


ॐ वासुप्रदायै नमः |

ॐ शुभायै नमः |

ॐ हिरण्य प्रकरायै नमः |

ॐ समुद्रथनैयै नमः |

ॐ जयायै नमः |

ॐ मंगल देव्यै नमः |

ॐ विष्णुवक्षस्थलस्थितै नमः |

ॐ विष्णुपटनाय नमः |

ॐ प्रसन्नाक्ष्यै नमः | 99


ॐ नारायणसमाश्रितयै नमः |

ॐ दारिद्र्यध्वंसिन्यै नमः |

ॐ देव्यै नमः |

ॐ सर्वोपद्रवारिण्यै नमः |

ॐ नवदुर्गायै नमः |

ॐ महाकाल्यै नमः |

ॐ ब्रह्माविष्णुशिवात्मिकायै नमः |

ॐ त्रिकालज्ञानसम्पन्नयै नमः |

ॐ भुवनेश्वर्यै नमः | 108 |


प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें।

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "लक्ष्मी अष्टोत्रम् कन्नड़ में (Lakshmi Ashtothram Lyrics in Kannada) - by Dakshayani ಶ್ರೀ ಲಕ್ಷ್ಮೀ ಅಷ್ಟೋಟ್ರಾಮ್ 108 times - Bhaktilok" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।

भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?

राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।

राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?

भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत पवित्र माना गया है।

क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?

हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 02 Sep 2026

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