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करुणा निधि नाम तेरा करुणा बरसा जाओ लिरिक्स (Karuna Nidhi Naam Tera Karuna Barsa Jaao Lyrics in Hindi) - by Dhwani Sharma Khatu Shyam Bhajan - Bhaktilok

114 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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खाटू श्याम भजन संकीर्तन

करुणा निधि नाम तेरा करुणा बरसा जाओ लिरिक्स (Karuna Nidhi Naam Tera Karuna Barsa Jaao Lyrics in Hindi) - by Dhwani Sharma Khatu Shyam Bhajan - Bhaktilok

अपडेटेड: 2026 Bhaktilok Editorial Team श्रेणी: कृष्ण स्तोत्र / श्याम भजन

कलयुग के धनी, हारे के सहारे और खाटू नरेश बाबा श्याम के चरणों में समर्पित अत्यंत ही पावन, कर्णप्रिय एवं भक्ति रस से ओत-प्रोत भजन "करुणा निधि नाम तेरा करुणा बरसा जाओ" (Karuna Nidhi Naam Tera Karuna Barsa Jaao) प्रसिद्ध गायिका ध्वनि शर्मा की मधुर वाणी में भक्तों के अंतर्मन को झंकृत कर देता है। यह भजन केवल शब्दों की माला नहीं, अपितु एक विरहुरिक्त और शरणागत जीवात्मा की अपने आराध्य के प्रति अनन्य पुकार है। सनातन धर्म में संकीर्तन और प्रभु के नामों का स्मरण संसार सागर से पार उतरने का सबसे सरल और सुगम मार्ग माना गया है। जब साधक पूर्ण विश्वास और दीनता के साथ बाबा श्याम को 'करुणा निधि' कहकर पुकारता है, तो भक्त और भगवान के बीच की दूरी मिट जाती है। इस विस्तृत एवं प्रामाणिक आलेख में हम इस अद्भुत भजन के संपूर्ण बोल, सरल हिंदी अर्थ, भावार्थ, और इसके आध्यात्मिक महत्व का गहन विश्लेषण प्रस्तुत कर रहे हैं। इस भजन के माध्यम से आप भगवान श्री कृष्ण के श्याम रूप की महिमा और शरणागति के मर्म को आत्मसात कर सकते हैं।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

॥ स्थायित्व / मुखड़ा ॥

करुणा निधि नाम तेरा, करुणा बरसा जाओ,
मेरे बाबा श्याम, मुझे अपना बना जाओ।
सुना है दरबार तेरा, दुखियों का सहारा है,
इस डूबती नैया का, तू ही तो किनारा है।

॥ प्रथम अंतरा ॥

भटक रहा अंधियारों में, राह न कोई दिखती है,
हर इक सांस मेरी प्रभु, आंसुओं में बिकती है।
आके थाम ले हाथ मेरा, अब धीरज छूट रहा,
विश्वास की डोरी से, हर रिश्ता टूट रहा।
चरणों से अपने मुझे, तुम दूर न भटकाओ,
मेरे बाबा श्याम, मुझे अपना बना जाओ।

॥ द्वितीय अंतरा ॥

दुनिया के मेले में, मैं खुद को भूल आया हूँ,
ख्वाहिशों के पाश में, मन को उलझाया हूँ।
अब तो तेरी दीदार की, प्यास जगी दिल में,
ढूंढ रहा हूँ तुमको मैं, इस वीरान महफिल में।
अपनी इस मुरली की, तान मुझे सुना जाओ,
मेरे बाबा श्याम, मुझे अपना बना जाओ।

॥ तृतीय अंतरा / समापन ॥

'ध्वनि' पुकारे तुझको, हे खाटू के राजा,
तेरे दर पे आके ही, जीवन ने पाया साजा।
कृपा की एक बूंद से, प्यास बुझा देना,
अपने इन चरणों में, मुझको जगह देना।
भक्ति का यह दीपक, प्रज्वलित कर जाओ,
करुणा निधि नाम तेरा, करुणा बरसा जाओ।

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

यह भजन साधक के अंतर्मन की उस पुकार को व्यक्त करता है जब वह संसार की तमाम असफलताओं और दुखों से घिरकर केवल एकमात्र परमात्मा की शरण में जाता है। भजन का प्रत्येक शब्द भक्त की लाचारी और भगवान की असीम कृपा के बीच के सुंदर संतुलन को दर्शाता है।

मुखड़े का भावार्थ:

भक्त अपने आराध्य खाटू श्याम को 'करुणा निधि' (यानी करुणा का खजाना) कहकर संबोधित करता है। उसका मानना है कि जैसे कल्पवृक्ष सब की इच्छाएं पूरी करता है, वैसे ही बाबा श्याम अपने भक्तों पर कृपा की वर्षा करने वाले हैं। संसार रूपी सागर में मनुष्य की जीवन नैया डोल रही है, और केवल श्याम बाबा का दरबार ही वह सुरक्षित बंदरगाह है जहाँ आकर सभी कष्टों से मुक्ति मिल जाती है।

अंतरारों का आध्यात्मिक विश्लेषण:

जीवन के मार्ग में जब अज्ञानता और मोह-माया का अंधकार छा जाता है, तब मनुष्य अपने को अकेला पाता है। भजनकार कहती है कि भौतिक सुखों की चाह में मनुष्य ने खुद को बिसार दिया है और अंततः उसे भगवान के दिव्य दर्शन और उनकी मुरली की तान की ही अभिलाषा शेष रहती है। यह विरह भाव ही भक्त को भगवान के और अधिक निकट लाता है। अंत में गायिका अपने नाम 'ध्वनि' के माध्यम से समस्त संतों और भक्तों की और से प्रार्थना करती है कि हे खाटू नरेश! बस आपके चरणों की एक बूंद कृपा ही इस जीवन को धन्य करने के लिए पर्याप्त है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • देवता संदर्भ: यह भजन कलियुग के अवतार खाटू श्याम बाबा (भगवान श्री कृष्ण के कलिकीय रूप बर्बरीक) को समर्पित है।
  • भक्ति भाव: इसमें शरणागति (Surrender), विनय (Humility) और करुणा की पुकार का अनूठा समन्वय देखने को मिलता है।
  • सांस्कृतिक महत्व: खाटू श्याम जी के दरबार में फाल्गुन मेला हो या एकादशी का कीर्तन, इस प्रकार के भजन भक्तों को झूमने और रोने दोनों के लिए विवश कर देते हैं।
  • मानसिक शांति: इस भजन के नियमित श्रवण से मानसिक तनाव कम होता है और भगवान के प्रति अटूट विश्वास पैदा होता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

भक्ति संगीत के लिए समय या स्थान का बंधन नहीं होता, परंतु कुछ विशेष अवसरों पर इसका गान और स्मरण विशेष फलदायी होता है:

उचित समय एवं अवसर

  • प्रतिदिन प्रातः काल पूजा के समय या संध्या आरती के बाद।
  • शुक्ल पक्ष की एकादशी और द्वादशी तिथि को विशेष रूप से।
  • खाटू श्याम बाबा के संकीर्तन, जागरण या सत्संग के दौरान।
  • फाल्गुन मास के पावन मेलों और उत्सवों में।

स्मरण एवं गायन विधि

  • स्नान आदि से निवृत्त होकर पवित्र मन से आसन पर बैठें।
  • सामने खाटू श्याम बाबा या श्री कृष्ण का चित्र अथवा विग्रह रखें।
  • धूप, दीप प्रज्वलित कर मन ही मन बाबा का ध्यान करें।
  • पूर्ण भाव और तन्मयता के साथ इस भजन का उच्चारण करें।

भजन से जुड़े देवी-देवता एवं संत | Associated Deity / Saint

यह भजन मुख्य रूप से खाटू श्याम बाबा को समर्पित है, जिन्हें महाभारत काल के वीर योद्धा बर्बरीक के रूप में जाना जाता है। भगवान श्री कृष्ण ने बर्बरीक के त्याग और सर्वोच्च बलिदान से प्रसन्न होकर उन्हें कलयुग में अपने ही नाम 'श्याम' से पूजे जाने का वरदान दिया था। जो भक्त बाबा श्याम की शरण में जाते हैं, उनके जीवन के सारे संकट हर लिए जाते हैं। इस भजन को अपनी मधुर आवाज से सजाने वाली प्रसिद्ध भजन गायिका ध्वनि शर्मा हैं, जिन्होंने अपनी सुरीली और भावपूर्ण गायकी से इसे अमर बना दिया है। आप अन्य स्तोत्रों के बारे में जानने के लिए श्री कृष्ण स्तोत्र और ओम जय जगदीश आरती का भी पाठ कर सकते हैं।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द / पदावली सरल हिंदी अर्थ आध्यात्मिक संदर्भ
करुणा निधि दया का खजाना / जिसके पास असीम करुणा हो परमात्मा के उस स्वरूप का वर्णन जहाँ वे जीवों पर अहेतुकी कृपा करते हैं।
नैया नाव / नौका मानव जीवन जो इस संसार रूपी सागर में तैर रहा है।
शरणागति पूर्ण समर्पण अपने अहंकार का त्याग कर भगवान के चरणों में स्वयं को सौंप देना।
मुरली की तान कृष्ण की बांसुरी की मधुर धुन दिव्य नाद जो आत्मा को परमात्मा की ओर आकर्षित करता है।

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम करुणा निधि नाम तेरा करुणा बरसा जाओ (Karuna Nidhi Naam Tera Karuna Barsa Jaao)
गायक / कलाकार ध्वनि शर्मा (Dhwani Sharma)
आराध्य देव खाटू श्याम बाबा / भगवान श्री कृष्ण
भाषा सरल हिंदी / ब्रज-प्रभावित लोक भाषा
मुख्य थीम शरणागति, करुणा और विनय भाव
उपयुक्त अवसर श्याम संकीर्तन, एकादशी पूजा, दैनिक प्रार्थना

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

यह लोकप्रिय भजन प्रसिद्ध भजन गायिका ध्वनि शर्मा (Dhwani Sharma) द्वारा अपनी मधुर और भावपूर्ण आवाज में गाया गया है।

यह भजन कलियुग के अवतारी देवता खाटू श्याम बाबा (जिन्हें बर्बरीक और श्री कृष्ण का रूप माना जाता है) को समर्पित है।

आप इसे प्रतिदिन पूजा के समय, एकादशी के पावन अवसर पर या किसी भी श्याम सत्संग और जागरण के दौरान सुन सकते हैं।

करुणा निधि का अर्थ है 'दया और करुणा का खजाना'। यह भगवान का वह स्वरूप है जो बिना किसी भेदभाव के अपने भक्तों पर कृपा बरसाता है।

हाँ, एकांत में या परिवार के साथ बैठकर इस भजन का गान करने से मन को असीम शांति और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।

संकीर्तन से भक्तों के पाप नष्ट होते हैं और मन में भगवान के प्रति प्रेम व भक्ति भाव दृढ़ होता है। इसे कलयुग का सबसे बड़ा साधन माना गया है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह आलेख और भजन के बोल खाटू श्याम बाबा की महिमा और पारंपरिक संकीर्तन परंपराओं पर आधारित हैं। इसे पाठकों की सुविधा और प्रामाणिकता को ध्यान में रखते हुए संपादकीय रूप से तैयार सामग्री के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यदि आप अन्य स्तोत्रों का भी अध्ययन करना चाहते हैं, तो पार्वती स्तोत्र और कृष्ण स्तोत्र के लेख पढ़ सकते हैं।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

  • पारंपरिक श्री खाटू श्याम भजन परंपरा एवं संकीर्तन संग्रह।
  • श्रीमद्भगवद्गीता - भक्ति योग एवं शरणागति अध्याय।
  • भक्तिकालीन संत साहित्य एवं लोक संकीर्तन ग्रंथ।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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