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जीवत कोय समुझै नहीं मुवा न कह संदेश दोहे का अर्थ(Jeevat Koy Samujhai Nahi Muaa na Kah Sandesh Dohe Ka Arth in Hindi)

 

जीवत कोय समुझै नहीं मुवा न कह संदेश दोहे का अर्थ(Jeevat Koy Samujhai Nahi Muaa na Kah Sandesh Dohe Ka Arth in Hindi):-


जीवत कोय समुझै नहीं, मुवा न कह संदेश।
तन – मन से परिचय नहीं, ताको क्या उपदेश।

 

जीवत कोय समुझै नहीं मुवा न कह संदेश दोहे का अर्थ(Jeevat Koy Samujhai Nahi Muaa na Kah Sandesh Dohe Ka Arth in Hindi)


जीवत कोय समुझै नहीं मुवा न कह संदेश दोहे का अर्थ(Jeevat Koy Samujhai Nahi Muaa na Kah Sandesh Dohe Ka Arth in Hindi):-

शरीर रहते हुए तो कोई यथार्थ ज्ञान की बात समझता नहीं, और मार जाने पर इन्हे कौन उपदेश करने जायगा। जिसे अपने तन मन की की ही सुधि – बूधी नहीं हैं, उसको क्या उपदेश किया?



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