Type Here to Get Search Results !

जग में बैरी कोई नहीं जो मन शीतल होए दोहे का अर्थ (Jag Me Bairi Koi Nahi Jo Man Sheetal Hoye Dohe Ka Arth in Hindi) - Bhaktilok


जग में बैरी कोई नहीं जो मन शीतल होए दोहे का अर्थ (Jag Me Bairi Koi Nahi Jo Man Sheetal Hoye Dohe Ka Arth in Hindi) :- 


जग में बैरी कोई नहीं, जो मन शीतल होए ।

यह आपा तो डाल दे, दया करे सब कोए ।


जग में बैरी कोई नहीं जो मन शीतल होए दोहे का अर्थ (Jag Me Bairi Koi Nahi Jo Man Sheetal Hoye Dohe Ka Arth in Hindi) - Bhaktilok


जग में बैरी कोई नहीं जो मन शीतल होए दोहे का अर्थ (Jag Me Bairi Koi Nahi Jo Man Sheetal Hoye Dohe Ka Arth in Hindi):-

अगर आपका मन शीतल है तो दुनियां में कोई आपका दुश्मन नहीं बन सकता



Ads Area