ऐरे सतसंग चर्चा से है जाइगो बेढ़ापार (Are Satsang Charcha Se Hai Jaigo Bedhapaar Lyrics in Hindi) - 



ऐरे सतसंग चर्चा से है जाइगो बेढ़ापार,

तू काहे मन भटकाय रहा


सतसंग चर्चा सुनने से तोय लाभ मिलेगा भारी।

भक्ती रस में डूबक लेने जुड़ रहे नर और नारी।

ऐरे तेरे जीवन का हो जाएगा उद्धार

तू काहे मन भटकाय रहा


काम क्रोध का त्यागन करके ममता दूर भगाले।

अहंकार में मार पटकनी भक्ति माल कमाले।

ऐरे तेरे जीवन का यही है आधार।

तू काहे मन भटकाय रहा


करुणाकर करुणा केशव ने दे दिया मानव चोला।

राम नाम सुमिरन करने को अब तक मुँह नहीं खोला।

ऐरे तू तो भटकेगा जगत में बारम्बार।

तू काहे मन भटकाय रहा


गर्भमास में कौल किया वह तूने नहीं निभायौ।

मैं मेरी में भूल गया तूने राम नाम नहीं गायौ।

ऐरे महावीर पछतायौ तू तो बेसुम्बार।

तू काहे मन भटकाय रहा