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तेरी मुरली की मैं हूँ गुलाम मेरे अलबेले श्याम (Teri Murli Ki Main Hu Gulam Lyrics in Hindi) - New Krishna Bhajan - Bhaktilok


तेरी मुरली की मैं हूँ गुलाम मेरे अलबेले श्याम (Teri Murli Ki Main Hu Gulam Lyrics in Hindi) -


तेरी मुरली की मैं हूँ गुलाम मेरे अलबेले श्याम 
अलबेले श्याम मेरे मतवाले श्याम ॥

घर बार छोड़ा सब तेरी लगन में
बाँवरी भई डोलूं ब्रिज की गलिन में ।
मेरे स्वांसो की माला तेरे नाम मेरे अलबेले श्याम ॥

सांवरे सलोने यही विनती हमारी
करदो कृपा मैं हूँ दासी तुम्हारी ।
तेरी सेवा करूँ आठों याम मेरे अलबेले श्याम ॥

जब से लड़ी निगोड़ी तेरे संग अखियाँ
चैन नहीं दिन मैं काटूं रो रो के रतियाँ ।
तूने कैसा दिया यह इनाम मेरे अलबेले श्याम ॥

आऊँगी मिलन को तुमसे कर के बहाने
सांस रूठे जेठानी मारे सो सो ताने ।
हूँ घर घर में मैं तो बदनाम मेरे अलबेले श्याम ॥

तेरी मुरली की मैं हूँ गुलाम मेरे अलबेले श्याम (Teri Murli Ki Main Hu Gulam Lyrics in English) -

teree muralee kee main hoon gulaam mere alabele shyaam.
alabele shyaam mere matavaale shyaam .

ghar baar chhod sab tere lagan mein
baanvaree bhaee doloon brij kee galee mein.
mere svaanso kee maatrbhoomi tere naam mere alabele shyaam .

saanvare salone yahee vinatee hamaaree
karado krpa main hoon daasee tum.
teree seva karoon aathon yaam mere alabele shyaam .

jab se ulajhe nigodee tere sang akhiyaan
chain nahin din main kaatoon ro ro ke ratiyaan.
toone kaisa diya yah inaam mere alabele shyaam .

aaogee milan ko sab kar ke sampradaay
saans roothe jethaanee mare to so taane .
hoon ghar mein main to badanaam mere alabele shyaam .


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