bholenath bhajan lyrics मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

गले में जिसके नाग भोलेनाथ जी लिरिक्स (Gale Me Jiske Naag Bholenath ji Lyrics in Hindi) - Hashtag Pandit Shiv Bhajan

भगवान भोलेनाथ की महिमा को दर्शाते इस भजन से भक्तों को शांति, आनंद और दिव्यता का अनुभव होता है।

प्रस्तावना एवं परिचय

भोलेनाथ: सच्चे भक्त की प्रार्थना

शिव भक्ति का यह भजन एक अद्वितीय अनुभव और दिव्य कृपा की अनुभूति कराता है।

 गले में जिसके नागभोलेनाथ जी लिरिक्स (Gale Me Jiske Naag Bholenath ji Lyrics in Hindi) - ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥गले में जिसके नागसर पे गंगे का निवासजो नाथों का है नाथ भोलेनाथ जीकरता पापों का विनाशकैलाश पे निवासडमरू वाला वो सन्यास भोलेनाथजी।जो फिरता मारा माराउसको देता वो सहारातीनो लोक का वो स्वामी भोलेनाथ जीरख दे सर पे जिसके हाथदुनिया चलती उसके साथऐसा खेल है खिलाता मेरा नाथ जी।मोह माया से परे उसकी छाया के तलेजो तपता दिन रात उसको रोशनी मिले।केदार विश्वनाथ मुझको जाना अमरनाथ जहां मिलता तेरा साथ भोलेनाथ जीरख दे सर पे जिसके हाथ दुनिया चलती उसके साथ ऐसा खेल है खिलाता मेरा नाथ जी।ये दुनिया है भिखारी पैसे की मारी मारी मेरा तू ही है सहारा मेरे भोलेनाथ जीमेरा हाथ ले तू थाम बाबा ले जा अपने धाम इस दुनिया से बचा ले मुझको शंभूनाथ जीमोह माया से परे तेरी छाया के तलेजो तपता दिन रात उसको रोशनी मिले।केदार विश्वनाथ मुझको जाना अमरनाथ जहां मिलता तेरा साथ भोलेनाथ जी रख दे सर पे जिसके हाथ दुनिया चलती उसके साथ ऐसा खेल है खिलाता मेरा नाथ जी।तेरा रूप है प्रचण्ड तू आरंभ तू ही अंत तू ही सृष्टि का रचियता मेरे भोलेनाथ जी में खुद हूं खण्ड खण्ड फिर कैसा है घमंड़ मुझे तुझमें है समाना मेरे भोलेनाथज़ीमोह माया से परे तेरी छाया के तलेजो तपता दिन रात उसको रोशनी मिले।केदार विश्वनाथ मुझको जाना अमरनाथ जहां मिलता तेरा साथ भोलेनाथ जी रख दे सर पे जिसके हाथ दुनिया चलती उसके साथ ऐसा खेल है खिलाता मेरा नाथ जी।( Singer - Hashtag Pandit )
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन में भगवान भोलेनाथ की महिमा का वर्णन किया गया है। 'गले में जिसके नाग' इस वाक्यांश से हमें शिव की अनंत शक्तियों की ओर संकेत मिलता है। शिवजी का नाग उनके नियंत्रण, शक्ति और अजेयता का प्रतीक है, जो यह दर्शाता है कि वे सृष्टि के नायक हैं। इसके बाद भजन में कहता है 'जो नाथों का है नाथ,' जो उनके सर्वोच्च स्थान को उजागर करता है। भगवान शिव न केवल एक देवता हैं, बल्कि वे सम्पूर्ण सृष्टि के संरक्षक और कल्याणकर्ता भी हैं। इस भजन में यह स्पष्ट किया गया है कि भोलेनाथ की कृपा से श्रद्धालु अपने सारे पापों का नाश कर सकते हैं। 'कैलाश पे निवास' यह दर्शाता है कि वे कैलाश पर्वत पर निवास करते हैं, जो उनके अद्वितीय स्थान का प्रतीक है।

भजन के भावार्थ में हमें दिखाया गया है कि भोलेनाथ अपने भक्तों के लिए सदा सहारा बनते हैं। 'जो फिरता मारा मारा' इस वाक्य के द्वारा यह अर्थ निकाला जा सकता है कि जब भक्त जीवन के कठिन संघर्षों से गुजरता है, तब शिवजी उसे अपने आशीर्वाद से सही रास्ता दिखाते हैं। भोलेनाथ का 'तीनों लोक का स्वामी' होना, उनकी सर्वशक्तिमानता को प्रकट करता है। यह भक्त के मन में एक गहरी उम्मीद और आस्था का संचार करता है। 'मोह माया से परे उनकी छाया' तो जीवन की असली सारतत्व को दर्शाता है, जहां भक्ति के माध्यम से माता- पिता, रिश्तेदार, और धन-दौलत की माया से परे जीवात्मा श्री शिव के साथ जुड़ती है।

यह भजन भक्ति मार्ग की गहराई को समझाता है। संतों का यह कहना है कि जब भक्त अपने समर्पण के साथ शिव का नाम लेते हैं, तब उनके जीवन की कठिनाईयाँ दूर हो जाती हैं। 'तेरा रूप है प्रचण्ड, तू आरंभ तू ही अंत' यह मान्यता दर्शाती है कि शिव ही सृष्टि के आरंभ और अंत का साक्षी हैं। भक्त की यह इच्छी होती है कि वे भगवान शिव में समा जाएं, यह दर्शाता है कि आत्मा का अंश वही है। 'मोह माया से परे तेरी छाया के तले' यह भक्त के साधना और साधना के परिणाम को दर्शाता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

यह भजन भगवान शिव के महानता को प्रकट करता है, जो कि शिवपुराण, भागवत पुराण तथा अन्य धार्मिक ग्रंथों में भी वर्णित है। हालांकि भगवान शिव के अनेक नाम हैं, लेकिन इस भजन में विशेष रूप से 'भोलेनाथ' शब्द का उपयोग किया गया है, जो उनकी दयालुता और कृपा का प्रतीक है। शिव का संगम तात्त्विक रूप से भक्तों को आत्मिक उन्नति और मोक्ष की ओर अग्रसर करता है। भगवान शिव का ध्यान करना और उनकी कृपा को प्राप्त करना, भक्तों के लिए सुख, शांति और समृद्धि का स्रोत बनता है।

भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें। इस भजन का जाप करने से मानसिक शांति, शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार और आध्यात्मिक विकास होता है। भक्तों को यह अनुभव होता है कि उनकी समस्याएँ भगवान शिव की कृपा से दूर हो जाती हैं। यह भजन नाम-स्मरण के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है, जिससे भक्त के मन में जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का भक्ति भाव से स्वागत करने के लिए धार्मिक समय जैसे सुबह या संध्या को इसकी साधना करना सर्वोत्तम है। भजन से पूर्व स्वच्छता का ध्यान रखना आवश्यक है। घर में एक दीया जलाना और फूलों का चढ़ावा देना, इस भजन को गाने के दौरान भक्त की भक्ति को बढ़ाता है। मन में श्रद्धा और समर्पण के साथ भजन को गाना चाहिए, ताकि शिव की कृपा प्राप्त की जा सके।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

गले में जिसके नाग भोलेनाथ जी भजन के मुख्य विषय क्या हैं?

यह भजन भगवान शिव की महिमा और उनकी असीम शक्तियों, सहारा बनने के लिए भक्तों की कठिनाइयों को दूर करने के लिए है।

भोलेनाथ की कृपा कैसे प्राप्त करें?

इस भजन का नियमित पाठ करने से भक्त को शिव की कृपा प्राप्त होती है, जिससे उनके जीवन से सभी परेशानियाँ समाप्त हो जाती हैं।

इस भजन का गाने का उचित समय क्या है?

इस भजन का गान भक्ति भाव से सुबह या शाम को किया जाना चाहिए, जब वातावरण भक्तिपूर्ण होता है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 12 Oct 2026

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