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शिव के प्यारे गणेश काटो विघन कलेश भजन लिरिक्स (Shiv Ke Pyare Ganesh Kato Vighan Kalesh Lyrics in Hindi) - Ganesh Bhajan

शिव के प्यारे गणेश काटो विघन कलेश भजन लिरिक्स हिंदी में पढ़ें। विघ्नहर्ता गणेश जी की यह सुंदर स्तुति आपके जीवन के सभी कष्टों और क्लेशों को दूर करेगी।

भगवान गणेश, जिन्हें 'विघ्नहर्ता' और 'मंगलमूर्ति' के रूप में पूजा जाता है, वे आदिदेव महादेव और माता पार्वती के पुत्र हैं। "शिव के प्यारे गणेश, काटो विघन कलेश" भजन एक अत्यंत भावपूर्ण प्रार्थना है, जिसमें भक्त अपने आराध्य गजानन से जीवन की समस्त बाधाओं और मानसिक क्लेशों को दूर करने की याचना करता है। यह भजन न केवल गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर, बल्कि किसी भी शुभ कार्य के प्रारंभ में, गृह प्रवेश, या दैनिक पूजा में श्रद्धापूर्वक गाया जाता है। इसमें निहित 'रिद्धि-सिद्धि' के दाता का स्मरण भक्त को आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। इस भजन के माध्यम से भक्त अपनी बिगड़ी हुई स्थितियों को सुधारने और भवसागर से पार लगाने के लिए गणेश जी के चरणों में पूर्ण शरणागति अर्पित करता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

शिव के प्यारे गणेश, काटो विघन कलेश
मेरे अंगना पधारो, मैं तर जाऊंगा
इक दया की नजर, आप करदो इधर
मेरी बिगड़ी सुधारो, मैं तर जाऊंगा ||

रिद्धि सिद्धि के दाता, कहें आपको
ज्ञान बुद्धि ज्ञाता, कहें आपको
कर के मूषक सवारी, चले आइये
मेरा जीवन सँवारो, मैं तर जाऊंगा ||

लड्डू मोदक का भोग, चढ़ायें तुम्हें
सारे देवों से पहले, मनायें तुम्हें
नाम सुमरन करें, शीश चरनन धरें
पार भव से उतारो, मैं तर जाऊंगा ||

शिव के प्यारे गणेश, काटो विघन कलेश
मेरे अंगना पधारो, मैं तर जाऊंगा ||

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन में भक्त भगवान गणेश को 'शिव के प्यारे' के रूप में संबोधित करता है, जो उनकी महिमा और महादेव के प्रति उनके अटूट प्रेम को दर्शाता है। भक्त का भाव यह है कि यदि गणेश जी प्रसन्न हो जाएं, तो जीवन के सभी विघ्न (बाधाएं) और कलेश (मानसिक कष्ट) स्वतः ही दूर हो जाते हैं। 'मेरे अंगना पधारो' का अर्थ केवल भौतिक आगमन नहीं, बल्कि भक्त के हृदय में गणेश जी के वास से है। भक्त उनसे प्रार्थना करता है कि वे अपनी दया की एक दृष्टि उस पर डालें ताकि उसके जीवन की सभी उलझनें सुलझ जाएं।

भजन के अगले भाग में गणेश जी को 'रिद्धि-सिद्धि के दाता' और 'ज्ञान-बुद्धि के ज्ञाता' कहा गया है। यह उनकी सर्वज्ञता और समृद्धि प्रदान करने की शक्ति को रेखांकित करता है। भक्त उन्हें मूषक सवारी पर सवार होकर आने का निमंत्रण देता है, जो विनम्रता का प्रतीक है। अंत में, भक्त उन्हें मोदक का भोग अर्पित कर यह स्वीकार करता है कि समस्त देवताओं में गणेश जी की पूजा सबसे पहले की जाती है। यह पूर्ण शरणागति का भाव है, जहाँ भक्त अपने आराध्य के चरणों में शीश झुकाकर भवसागर से पार होने की कामना करता है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • विघ्न विनाशक: यह भजन विशेष रूप से बाधाओं को दूर करने के लिए गाया जाता है।
  • प्रथम पूज्य: गणेश जी को सभी कार्यों में सबसे पहले पूजने का महत्व इसमें स्पष्ट है।
  • मानसिक शांति: इस भजन का निरंतर श्रवण मन से नकारात्मकता को दूर करता है।
  • सरलता: इसकी भाषा अत्यंत सरल और हृदयस्पर्शी है, जो सामान्य भक्त को भी सीधे ईश्वर से जोड़ती है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को किसी भी शुभ कार्य के प्रारंभ में, विशेषकर बुधवार के दिन, गणेश चतुर्थी पर, या दैनिक पूजा के समय गाया जा सकता है। इसे गाते समय मन में गणेश जी की प्रतिमा या स्वरूप का ध्यान करना चाहिए। धूप-दीप जलाकर और मोदक का भोग लगाकर इसे गाने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द सरल अर्थ
विघन बाधाएं या संकट
कलेश मानसिक कष्ट या झगड़े
रिद्धि-सिद्धि समृद्धि और सफलता
मूषक गणेश जी का वाहन (चूहा)
भवसागर संसार रूपी सागर

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम शिव के प्यारे गणेश
आराध्य देव भगवान गणेश
भाषा हिंदी
मुख्य भाव शरणागति एवं विनय
उपयुक्त अवसर गणेश चतुर्थी, बुधवार पूजा, शुभ कार्य

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. इस भजन को गाने का सबसे अच्छा समय क्या है?
बुधवार की सुबह या गणेश जी की पूजा के समय इसे गाना सबसे उत्तम माना जाता है।

2. क्या इस भजन को घर पर गाया जा सकता है?
हाँ, इसे घर पर, मंदिर में या किसी भी सत्संग में श्रद्धापूर्वक गाया जा सकता है।

3. गणेश जी को 'विघ्नहर्ता' क्यों कहते हैं?
क्योंकि वे अपने भक्तों के जीवन के सभी कष्टों और बाधाओं को दूर करते हैं।

4. क्या इस भजन के साथ कोई विशेष भोग लगाना चाहिए?
गणेश जी को मोदक और लड्डू अत्यंत प्रिय हैं, अतः उनका भोग लगाना शुभ है।

5. क्या यह भजन बच्चों के लिए भी अच्छा है?
जी हाँ, इसकी सरल भाषा बच्चों को गणेश जी के प्रति भक्ति सिखाने के लिए उत्तम है।

6. क्या बुधवार को व्रत रखना अनिवार्य है?
अनिवार्य नहीं है, लेकिन बुधवार का व्रत और गणेश जी की पूजा विशेष फलदायी होती है।

7. रिद्धि और सिद्धि का क्या अर्थ है?
रिद्धि का अर्थ है समृद्धि और सिद्धि का अर्थ है सफलता।

8. क्या इस भजन को सुनने से मानसिक शांति मिलती है?
हाँ, गणेश जी के भजनों का श्रवण मन को एकाग्र और शांत करता है।

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

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संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

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