मेरा तो एक ही साथी श्याम सरकार है
खाटू वाले की मुझपे किरपा अपार है
मुझको फिर कैसा डर जब श्याम मेरा रहबर
मिलता रहा मुझे बाबा तेरा प्यार है
बिगड़े मेरे हालात ये थे खुशियों के कहीं आसार ना थे
सुख में रहते जो पास मेरे दुःख में वो रिश्तेदार ना थे
साथ तूने तब दिया करता हूँ मैं शुक्रिया
चल रही सांसें मेरी तेरा उपकार है
मेरी ख़ामोशी पढता है ये बिन मांगे ही सब देता है
खुशियां बांटे तू ही सबको बदले में कुछ ना लेता है
तुमसे ही हर आस है तुमपे ही विश्वास है
तेरी रहमतों से चलता मेरा परिवार है
जबसे पकडे हैं पाँव तेरे फिर हाथ कहीं भी ना जोड़े
जिसको थामे खाटूवाला फिर साथ कभी भी ना छोड़े
तू ही मेरी ज़िन्दगी तू ही मेरी हर ख़ुशी
तेरे सचिन का बाबा तू ही आधार है ||