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Ganesha Mantra

जरा हम पे भी कर दो गणेशा दया की नजर लिरिक्स (Jara Hum Pe Bhi Kar Do Ganesha Daya Ki Najar Lyrics in Hindi) - SANJAY GIRI Ganesh Bhajan - Bhaktilok

55 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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गणेश कृपा: संकटमोचन का आशीर्वाद

गणेश जी की कृपा से सभी विघ्न दूर करने की प्रार्थना का अद्भुत भजन। आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु गाएं।

 जरा हम पे भी कर दो गणेशा दया की नजर लिरिक्स (Jara Hum Pe Bhi Kar Do Ganesha Daya Ki Najar Lyrics in Hindi) - जय जय गणेश जय श्री गणेशआये तेरे दर हम खड़े है हाथ जोड़ करकर दो तुम किरपा भटके न हम दरबदर  ,तू को पूजे दुनिया सारी हे महिमा बड़ी तुम्हारीजरा हम पे भी कर दो गणेशा दया की नजरआये तेरे दर हम खड़े है हाथ जोड़ करदूर है मंजिल दूर किनारे हम तो है बस तेरे सहारे,मेरी मुरादे करदो पूरी आये है हम तेरे द्वारे,बीच में नैया भवर में डूब न जाए आप ही बोलो गणेशा हम कहा जाये,तेरे चरणों के पुजारे सुनो विनती यही हमारी जरा हम पे भी करदो गणेशा दया की नजर,तुम विघ्नेश्वर हो हे विघंहर्ताहर संकट को हर लेते हो,आया जो भी द्वार तुम्हारे उस की झोली भर देते होहम भी चोकठ पे खड़े है देर ना करनादूर चरणों से हमे भी आप न करनाहो भगतो के हित कारी करो मूषक की सवारीजरा हम पे भी करदो गणेशा दया की नजरआये तेरे दर हम खड़े है हाथ जोड़ कर ||

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का मुख्य विषय गणेश जी से दया की मांग करना है। भक्त प्रार्थना कर रहे हैं कि 'जरा हम पे भी कर दो गणेशा दया की नजर'। यहाँ भक्त भगवान गणेश से अपनी भावनाओं का इज़हार कर रहे हैं और उन्हें अपने संकटों से मुक्ति दिलाने के लिए पुकार रहे हैं। गीत की पंक्तियों में भक्त जन गणेश जी की महिमा का गुणगान करते हैं, जब वह कहते हैं 'तू को पूजे दुनिया सारी है', यह दर्शाता है कि गणेश जी की पूजा सम्पूर्ण विश्व में की जाती है और उनकी कृपा सभी पर होती है। आगे कहा गया है कि 'दूर है मंजिल दूर किनारे, हम तो हैं बस तेरे सहारे', यह वाक्य भक्तों के विश्वास को दर्शाता है कि वे केवल गणेश जी पर निर्भर हैं, और उनके समर्थन के बिना जीवन की कठिनाइयों का सामना करना कठिन है।

भजन का भावार्थ सरलता से गणेश जी से उनकी कृपा की याचना करता है। भक्त हर प्रकार की विघ्न-बाधाओं से मुक्ति की अपेक्षा करते हैं, जैसे कि ‘आप ही बोलो गणेशा, हम कहाँ जाएं’। यह पंक्तियाँ दिव्य प्रेम और समर्पण का बोध कराती हैं। भक्त की आस्था इतनी गहरी है कि वह हर प्रकार की कठिनाई में गणेश जी की शरण लेना चाहते हैं। 'हम भी चौकठ पे खड़े हैं, देर ना करना', इस वाक्य से भक्त की बेचैनी और तुरंत मदद की चाह स्पष्ट होती है। ऐसा लग रहा है कि भक्त केवल गणेश जी के चरणों में आश्रय खोज रहे हैं, जहाँ उन्हें सभी प्रकार की सहायता मिल सकती है।

यह भजन भक्ति मार्ग का एक अद्भुत उदाहरण है। भगवती का भजन गाते समय, भक्त उनके प्रति अपनी भक्ति और प्रेम को प्रकट करते हैं। 'विघ्नेश्वर हो हे विघ्नहर्ता', इस वाक्य में गणेश जी को विघ्नों के नाशक के रूप में वर्णित किया गया है। तात्पर्य यह है कि गणेश जी सभी प्रकार की बाधाओं को दूर करने की शक्ति रखते हैं। भक्तजन इस गीत में अपनी मुसीबतों को व्यक्त करते हैं और साथ ही गणेश जी की अनुकंपा की प्रतीक्षा करते हैं, जिससे उनकी आध्यात्मिक प्रगति में मदद मिल सके। भक्ति का यह मार्ग विश्वास और समर्पण से भरा हुआ है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

यह भजन भारतीय पौराणिक कथा में गहन आत्मीयता से भरा हुआ है। गणेश जी का नाम लेते ही भक्त उनकी कृपा, ज्ञान और सुख के लिए प्रार्थना करते हैं। पुराणों में वर्णित है कि गणेश जी विघ्नों के नाशक हैं और भक्तों की समस्याएँ दूर करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। 'महाभारत' से लेकर 'रामायण' तक, गणेश जी का जिक्र श्रद्धा और विश्वास से किया गया है। इस भजन के माध्यम से भक्त गणेश जी की करुणा को दर्शाते हैं और उनके प्रति अपनी अनन्य भक्ति को प्रकट करते हैं।

प्रथम पूज्य श्री गणेश जी के जन्म और उनकी कथाओं का संपूर्ण विवरण जानने के लिए ब्रह्म पुराण गणेश महिमा का पाठ करें। इस भजन का नियमित जाप मानसिक शांति और स्थिरता लाने में सहायक होता है। भक्तों के लिए यह आंतरिक शक्ति को बढ़ाता है और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है। भजन गाने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि इसे सच्चे दिल से गाने से आत्म-संयम और आत्म-विश्वास भी प्राप्त होता है। यह संकटों से मुक्ति का साधन बनता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जाप सुबह जल्दी या संध्या के समय किया जाना चाहिए। पूजा में दीप जलाना और गुड़ या मोदक का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है। भक्त को इस समय ध्यान लगाकर और एकाग्रता से गणेश जी के प्रति श्रद्धा भाव से भजन गाना चाहिए, ताकि उनके आशीर्वाद का अनुभव कर सकें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

क्या यह भजन केवल गणेश पूजा के लिए है?

जी हाँ, यह भजन विशेष रूप से गणेश जी को समर्पित है, और उनकी कृपा की याचना करने के लिए गाया जाता है। इसे विशेष अवसरों पर, जैसे गणेश चतुर्थी पर, अधिक प्रभावशाली माना जाता है।

क्या इस भजन का पाठ करने से विशेष लाभ होते हैं?

इस भजन का पाठ करनें से मानसिक शांति, समर्पण और सभी विघ्नों से मुक्ति मिलती है। यह भक्तों को अपनी समस्याओं से बाहर निकालने में मदद करता है और विश्वास बढ़ाता है।

क्या इस भजन को सुनने और गाने से आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है?

बिल्कुल, इस भजन को सुनने या गाने से भक्तों में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। यह ध्यान लगाने में भी सहायता करता है और भक्तों को आंतरिक संतुलन प्रदान करता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 02 Sep 2026

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