Hanuman Bhajan मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

असुर निकंदन भय भंजन कुछ आन करो लिरिक्स (Asur Nikandan Bhay Bhanjan Kuch Aan Karo Lyrics in Hindi) - Hanuman Bhajan

हनुमान जी की महिमा का वर्णन करते हुए यह भजन भक्तों को शक्ति और साहस प्रदान करता है। भक्ति भाव से गाएं और संकटों का नाश करें।

प्रस्तावना एवं परिचय

हनुमान चालीसा: आश्रय और बल का गीत

हनुमान जी की महिमा का गान करते हुए यह भजन भक्तों के दिल को सुकून और शक्ति प्रदान करता है।
 असुर निकंदन भय भंजन कुछ आन करो लिरिक्स (Asur Nikandan Bhay Bhanjan Kuch Aan Karo Lyrics in Hindi) - असुर निकंदन भय भंजन कुछ आन करोपवन तनय संकट मोचन कल्याण करोभीड़ पड़ी अब भारी हे बजरंगबलीभक्तो के दुःख दूर मेरे हनुमान करो ॥

गयारवे हो रूध्र तुम हो ले के अवतारीज्ञानियो में आप ग्यानी योधा बलशालीबाल अवस्था में चंचल आप का था मनसूर्य को तुम खा गए नटखट बड़ा बचपनमैं हूँ निर्बल बल बुद्धि का दान करोपवन तनय संकट मोचन कल्याण करो ॥
श्री राम का तुम सा ना सेवक और है दूजाआज घर घर में तुम्हारी हो रही पूजादीन दुखिओं की कतारें द्वार पे लम्बीआप की महिमा को सुन कर आया मैं भीअपने भक्तों का बजरंगी मान करोपवन तनय संकट मोचन कल्याण करो ॥

हे बजरंगी अब दया की कीजिये दृष्टिगा रही महिमा तुम्हारी यह सारी सृष्टिअपकी कृपा हो जिसपे राम मिले उसकोबेदड़क आया 'लक्खा' अब और कहूँ किसकोदया की दृष्टि तुम मुझपर बलवान करोपवन तनय संकट मोचन कल्याण करो ॥
असुर निकंदन भय भंजन कुछ आन करोपवन तनय संकट मोचन कल्याण करोभीड़ पड़ी अब भारी हे बजरंगबलीभक्तो के दुःख दूर मेरे हनुमान करो ॥

[ हनुमान ] -  भगवान श्रीराम के परमभक्त(संस्कृत: हनुमान् आंजनेय और मारुति के नाम से भी जानते है।) सबसे लोकप्रिय अवधारणाओं और भारतीय महाकाव्य रामायण में सबसे महत्वपूर्ण पात्रों में एक हैं। वह भगवान शिवजी के सभी अवतारों में सबसे बलवान और बुद्धिमान माने जाते हैं।[2] रामायण के अनुसार वे श्रीराम के अत्यधिक प्रिय हैं। इस धरा पर जिन सात मनीषियों को अमरत्व का वरदान प्राप्त है उनमें बजरंगबली भी हैं। हनुमान जी का अवतार भगवान राम की सहायता के लिये हुआ। हनुमान जी के पराक्रम की असंख्य गाथाएँ प्रचलित हैं। इन्होंने जिस तरह से राम के साथ सुग्रीव की मैत्री कराई और फिर वानरों की मदद से असुरों का मर्दन किया वह अत्यन्त प्रसिद्ध है।
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ इस भजन के मुख्य विषय में हनुमान जी की महिमा और उनके प्रति भक्तों की श्रद्धा का उल्लेख है। 'असुर निकंदन भय भंजन' का अर्थ है कि हनुमान जी असुरों का नाश करने वाले और भय को मिटाने वाले हैं। भक्तों की सुरक्षा के लिए वह अपने प्रिय भगवान श्रीराम की कृपा से संकटों में सहारा बनते हैं। 'पवन तनय संकट मोचन कल्याण करो' की पंक्तियों में यह अनुरोध किया गया है कि हनुमान जी अपनी कृपा से भक्तों के संकटों का नाश करें और उनके कल्याण का मार्ग प्रशस्त करें। भजन के अन्य छंदों में यह स्पष्ट किया गया है कि हनुमान जी अशक्त और निर्धन भक्तों को अपनी असीमित शक्ति और बुद्धि का आशीर्वाद देकर उनका उद्धार करते हैं। इस भजन के माध्यम से भक्त उनसे कृपा के साथ-साथ बल और बुद्धि प्राप्त करने की प्रार्थना कर रहे हैं।
इस भजन में गहरी संवेदनाएँ और भावार्थ प्रकट होते हैं। हनुमान जी का बाल्यकाल में की गई शरारतें दर्शाती हैं कि वह न केवल शक्तिशाली हैं, बल्कि चंचल और बुद्धिमान भी हैं। जब भक्त कहता है कि 'मैं हूँ निर्बल', यह भाव उनके अपने अशक्ति को स्वीकारते हुए हनुमान जी से कृपा की याचना कर रहा है। इस भाव में भक्ति का गहरा स्वरूप है, जहाँ भक्त आत्म-स्वीकृति के साथ महामूर्तियों से निर्भरता का अनुभव करता है। 'आपकी महिमा को सुनकर आया मैं भी' वाक्यांश दर्शाता है कि हनुमान जी की महिमा सुनकर भक्तों की संख्या बढ़ती जा रही है, जो उनकी शक्ति और कृपा का प्रमाण है। इस प्रकार, भजन न केवल प्रार्थना है, बल्कि भक्त और भगवान के बीच गहरे आध्यात्मिक जुड़ाव का दर्शन भी है।

हनुमान जी की उपासना में भक्ति मार्ग का महत्वपूर्ण स्थान है। यह भजन भक्तों को ध्यान करने, श्रद्धा और भक्ति से भरे मन से अपने इष्ट की आराधना करने हेतु प्रेरित करता है। हनुमान जी भगवान राम के अनुचर और परम भक्त हैं, जो 'दीन दुखियों के कष्ट हरने' का कार्य करते हैं। उनके प्रति श्रद्धा रखना, शक्ति और साहस प्राप्त करने का माध्यम है। भजन में 'दया की दृष्टि तुम मुझ पर बलवान करो' के माध्यम से भावार्थ निकलता है कि हनुमान जी की कृपा से व्यक्ति अपने अंदर साहस और आत्मविश्वास का अनुभव करता है। हनुमान जी की उपासना से भक्त न केवल भौतिक संकटों से मुक्त हो सकते हैं, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति भी प्राप्त कर सकते हैं।
🔍 विशेष महत्त्व और लाभ यह भजन हनुमान जी की महत्ता को दर्शाते हुए उन प्रसंगों का उल्लेख करता है, जहाँ उन्होंने विभिन्न पराक्रम किए और असुरों का नाश किया। भारतीय पौराणिक कथाओं में हनुमान जी का स्थान अत्यधिक महत्वपूर्ण है। रामायण में उन्हें श्रीराम के प्रति अपने निष्ठा के लिए जाना जाता है। हनुमान चालीसा के अनुसार, उन्हें सच्चा भक्त और संकटमोचन माना जाता है। इस तरह के भजनों का गान मात्र श्रद्धा का ही नहीं, बल्कि आस्था का भी प्रतीक होता है। भक्तों को यह भजन हनुमान जी की भक्ति और उनके प्रति आस्था में गाढ़ा करता है।
वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान जी के इस भजन का पाठ करने से मानसिक शांति, मानसिक शक्ति में वृद्धि और संकटों से मुक्ति मिलती है। भावनात्मक तनाव और चिंता से राहत पाने के लिए यह भजन सशक्त माध्यम बनता है। नियमित रूप से इस भजन का जाप करने से भक्तों को आत्मविश्वास, साहस और सकारात्मकता का अनुभव होता है।
🕒 साधना एवं गायन विधि इस भजन का पाठ सुबह या शाम के समय करना विशेष फलदायी माना जाता है। पूजा के समय एक दीया जलाना, फूल और प्रसाद चढ़ाना चाहिए। सही मुद्रा में बैठकर, ध्यान में मन को संयमित करके इस भजन का गान करें। इस क्रिया से भक्त अपने मन को शुद्ध करता है और हनुमान जी से कृपा की याचना करता है।

�� अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) यह भजन क्यों गाया जाता है?यह भजन हनुमान जी की महिमा का गान करता है और भक्तों को संकट से मुक्त करने की प्रार्थना करता है।
क्या इस भजन का गान विशेष अवसरों पर करना चाहिए?इस भजन का गान किसी भी समय किया जा सकता है, लेकिन मंगलवार और शनिवार को विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।
इस भजन का लाभ क्या है?हनुमान जी के इस भजन का पाठ करने से भक्तों को मानसिक शक्ति, साहस और संकटों से मुक्ति मिलती है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

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