नाथ ये वो ही है रघुनाथ जिसने मारा है बाली लिरिक्स (Nath Ye Wo Hi Hai Raghunath Lyrics in Hindi) - 


नाथ ये वो ही है रघुनाथ

जिसने मारा है बाली

मारा है बाली जिसने

मारा है बाली

नाथ ये वो ही है रघुनाथ

जिसने मारा है बाली ||


नदियां जिनकी नसो का जाल है

पेड़ पौधे तन के बाल हैं

काल के भी वो तो काल है

काल के भी वो तो काल है

सीता रात काली

जिसने मारा है बाली

नाथ ये वो ही है रघुनाथ

जिसने मारा है बाली ||


वो है पर्वत आप है तिनका

नाथ विरोध किया है जिनका

जग जाने है तीर जिनका

जग जाने है तीर जिनका

जाए नहीं खाली

जिसने मारा है बाली

नाथ ये वो ही है रघुनाथ

जिसने मारा है बाली ||


तन मन से सीता है पति की

ताकत तुम ना जानो सती की

हैरत है हे नाथ मति की

हैरत है हे नाथ मति की

आई कंगाली

जिसने मारा है बाली

नाथ ये वो ही है रघुनाथ

जिसने मारा है बाली ||


चंदन रघुनन्दन का सहारा

जड़ चेतन का वो ही गुज़ारा

एक चमन है ये जग सारा

एक चमन है ये जग सारा

रघुवर है माली

जिसने मारा है बाली

नाथ ये वो ही है रघुनाथ

जिसने मारा है बाली || 


नाथ ये वो ही है रघुनाथ

जिसने मारा है बाली

मारा है बाली जिसने

मारा है बाली

नाथ ये वो ही है रघुनाथ

जिसने मारा है बाली ||