"आसरा एक तेरा एक तेरा सहारा" यह अत्यंत ही भावपूर्ण और हृदयस्पर्शी कृष्ण भजन है, जो भक्त की अपने आराध्य के प्रति अटूट निष्ठा और पूर्ण शरणागति को प्रदर्शित करता है। कलयुग के इस आपाधापी भरे जीवन में, जहाँ मनुष्य चारों ओर से दुखों और चिंताओं से घिरा हुआ है, यह भजन हमें यह स्मरण कराता है कि अंततः केवल श्री कृष्ण ही एकमात्र आधार हैं। इस भजन का भाव 'दैन्य भाव' और 'अनन्य भक्ति' का मिश्रण है, जो भक्त को संसार के मायाजाल से हटाकर प्रभु के चरणों में समर्पित होने की प्रेरणा देता है।
सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics
आसरा एक तेरा, एक तेरा सहारा,
सुन ले फरियाद मेरी, आ मुझे दे किनारा,
आसरा एक तेरा, एक तेरा सहारा।
जख्मी जग ने किया है, घाव किसको दिखाऊँ,
कोई अपना नहीं है, हाल किसको सुनाऊँ,
एक तुझपे ही मैया, जोर चलता है मेरा,
आसरा एक तेरा, एक तेरा सहारा।
आंधियां चल रही हैं, रात भी है तूफानी,
बड़ा गहरा भंवर है, और कश्ती पुरानी,
आज मजबूर होके, मैंने तुझको पुकारा,
आसरा एक तेरा, एक तेरा सहारा।
दर्द दिल में भरा है, हर्ष तू बाँट लेना,
भेंट ये अवगुणों की, आज स्वीकार लेना,
मिट करके बुराई, तूने कितनों को तारा,
आसरा एक तेरा, एक तेरा सहारा।
भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth
इस भजन की पंक्तियाँ भक्त की उस अवस्था को दर्शाती हैं जहाँ वह संसार से पूर्णतः निराश होकर केवल प्रभु की शरण में जाता है। "आसरा एक तेरा" का अर्थ है कि हे प्रभु, इस संसार में मेरे पास कोई अन्य सहारा नहीं है। भक्त कहता है कि संसार ने उसे दुखों के घाव दिए हैं, और उन घावों को दिखाने वाला कोई नहीं है। यहाँ 'मैया' शब्द का प्रयोग प्रभु के वात्सल्य स्वरूप को संबोधित करने के लिए किया गया है, जो भक्त को एक माँ की तरह संभालते हैं।
भजन का दूसरा भाग जीवन की कठिनाइयों को एक 'तूफानी रात' और 'गहरे भंवर' के रूप में चित्रित करता है। भक्त अपनी 'पुरानी कश्ती' (कमजोर शरीर और मन) के साथ इस संसार सागर को पार करने में असमर्थ है। वह प्रभु से प्रार्थना करता है कि वे आकर उसकी नैया पार लगाएं। अंतिम पंक्तियों में भक्त अपने अवगुणों को प्रभु के सामने स्वीकार करता है, जो यह दर्शाता है कि प्रभु के प्रति पूर्ण समर्पण ही मोक्ष का मार्ग है।
भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance
- भक्ति का प्रकार: यह भजन 'शरणागति भक्ति' का उत्कृष्ट उदाहरण है।
- भाव: इसमें विरह, करुणा और पूर्ण विश्वास का भाव निहित है।
- आध्यात्मिक संदेश: यह सिखाता है कि जब मनुष्य सब ओर से हार जाता है, तब ईश्वर का द्वार ही एकमात्र विकल्प बचता है।
भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing
इस भजन को किसी भी समय गाया जा सकता है, परंतु विशेष रूप से एकांत में, संध्या वंदन के समय या जब मन अशांत हो, तब इसका श्रवण अत्यंत शांति प्रदान करता है। इसे हारमोनियम या बांसुरी की धुन के साथ गाने से इसका प्रभाव और अधिक गहरा हो जाता है।
एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| भजन का नाम | आसरा एक तेरा एक तेरा सहारा |
| आराध्य | श्री कृष्ण / श्याम |
| मुख्य भाव | शरणागति (Surrender) |
| भाषा | हिंदी |
| उपयुक्त अवसर | दैनिक पूजा, सत्संग, कीर्तन |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ
संपादकीय रूप से तैयार सामग्री। यह भजन विभिन्न भक्ति परंपराओं और संकीर्तन मंडलों में प्रचलित है।
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