कृष्ण कन्हैया छोड़ो मेरी बईया
हो गई है अब शाम अब घर जाने दो
बागों में जाऊं फुलवा तोड़न को
तोड़त में भई शाम अब घर जाने दो
कृष्ण कन्हैया छोड़ो मेरी बईया
सास ननंद मेरी लड़ेगी भिड़ेगी
कर देंगी मेरा बुरा हाल अब घर जाने दो
कृष्ण कन्हैया छोड़ो मेरी बईया
कपड़ा धौवन को जाऊं जमुना पर
साड़ी धोने में हुई शाम अब घर जाने दो
कृष्ण कन्हैया छोड़ो मेरी बईया
दौरानी जिठानी मेरी मुख मोड़ेगी
नयारों करेंगे सारा काम अब घर जाने दो
कृष्ण कन्हैया छोड़ो मेरी बईया
पनिया भरन को जाऊं पनघट पर
गगरी भरत हुई शाम अब घर जाने दो
कृष्ण कन्हैया छोड़ो मेरी बईया
संघ की सहेली हमें छेड़ेंगी
बतियां करेंगी तमाम अब घर जाने दो
कृष्ण कन्हैया छोड़ो मेरी बईया
बंसी सुनन को जाऊं मधुबन में
सुनत सुनत भई शाम अब घर जाने दो
कृष्ण कन्हैया छोड़ो मेरी बईया
गोदी का ललना सोता छोड़ आई
रोता होगा मेरा लाल अब घर जाने दो
कृष्ण कन्हैया छोड़ो मेरी बईया
रास देखन को जाऊं वृंदावन में
नाचत में हुई शाम अब घर जाने दो
कृष्ण कन्हैया छोड़ो मेरी बईया
सैयां हमारे बड़े बेदर्दी
कर देंगे मोहे बदनाम अब घर जाने दो
कृष्ण कन्हैया छोड़ो मेरी बईया
कृष्ण कन्हैया छोड़ो मेरी बईया
हो गई है अब शाम अब घर जाने दो