Durga Bhajan Lyrics बुधवार विशेष (भगवान श्री गणेश व बुध देव)

दुर्गा चालीसा लिरिक्स हिंदी (Durga Chalisa Lyrics in Hindi) - Trisha Parui Namo Namo Durge Sukh Karni Durga Bhajan

मां दुर्गा की असीम कृपा पाने के लिए पढ़ें दुर्गा चालीसा लिरिक्स। नमो नमो दुर्गे सुख करनी के शुद्ध पाठ और अर्थ सहित भक्तिमय प्रस्तुति।

मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें


दुर्गा चालीसा लिरिक्स हिंदी (Durga Chalisa Lyrics in Hindi) - Trisha Parui Namo Namo Durge Sukh Karni Durga Bhajan - 

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें।

दुर्गा चालीसा लिरिक्स हिंदी (Durga Chalisa Lyrics in Hindi) - 

नमो नमो दुर्ग सुख करणी नमो नमो अम्बे दुख हरानी।

निरंकार है ज्योति तुम्हारी तिहुन लोक फेली उजयरी।

शशि लालत मुख महा विशाल नेत्र लाल ब्रिकुटी विकारा।

रूप मतु को अधिक सुहावे दरस करात जन अति सुख पावे।

तुम संसार शक्ति लाया किना पालन हेतू अन्ना धन दिन।

अन्नपूर्णा हुई जग पाला तुम्हारी आदि सुंदरी बाला।

प्रलय कल सब नशा हरि तुम गौरी शिव शंकर प्यारी।

शिव योगी तुम्हारे गुण दिया ब्रह्मा विष्णु तुम्हें नित ध्याने।

रूप सरस्वती को तुम धारा दे सुबुधि ऋषि मुनिन उबरा

धर्यो रूप नरसिम्हा को अंबा प्रगत भयिन फर कर कम्बा।

रक्षा कारी प्रहलाद बचाओ हिरणकुश को स्वर्ग पथयो।

लक्ष्मी रूप धरो जग माही श्री नारायण अंग समाही

क्षीरी सिंधु करात विलासा दया सिंधु दीजय मान आस

हिंगलाज में तुम्हारी भवानी महिमा अमित ना जात बखानी

मातंगी धूमावती माता भुवनेश्वरी बगला सुखदाता

श्री बैरव तारा जोग तारणी चिन-ना भला भव दुख निवारानी।

केहरी वाहन सोह भवानी लंगूर वीर चलत आगवानी

कर में खप्पर खडग विराजे जाको देख कल दार भजे।

सोहे अस्त्र और त्रिशूला जैसे उठता शत्रु हिया शूल

नगरकोट में तुम्हारी विराट तिहुन लोक में डंका बजाती

शुंभु निशुंभु दनुजा तुम मारे रक्त-बीजा शंखन समहरे।

महिषासुर नृप अति अभिमानी यही आगा भर माही अकुलानी

रूप कराल कालिका धारा सेन साहित्य तुम तिन सम्हारा

परी गढ़ा संतान पर जब जब भयी सहाय मतू तुम तब तब

अमरपुरी अरु बसवा लोका तवा महिमा सब रहे अशोक

ज्वाला में है ज्योति तुम्हारी तुम्हें सदा पूजन नर नारी

प्रेम भक्ति से जो यश गए दुख-दरिद्रा निकत नहीं एवेन्यू

ध्याने तुमेन जो नर मन लाई जनम-मारन तको छुटी जाए।

जोगी सुर-मुनि कहत पुकारी जोग ना हो बिन शक्ति तुम्हारी

शंकर आचारराज टैप कीनहोन काम क्रोध जीत सब लीनहोन

निसिद्धिन ध्यान धरो शंकर को कहू कल नहीं सुमिरों तुम को

शक्ति रूप को मरम ना पायो शक्ति गई तब मन पचतायो

शरणगत हुई कीर्ति बखानी जय जय जय जगदंब भवानी

भयी प्रसन्ना आदि जगदम्बा दया शक्ति नहीं कीं विलंबा

मोकुन माटू कश्त अति घेरो तुम बिन कौन हरे दुख मेरो

आशा तृष्णा निपुण सातवे मोह मददिक सब बिनसावे

शत्रु नैश कीजे महारानी सुमिरों एकचिता तुमहेन भवानी

करो कृपा हे मतु दयाला रिद्धि-सिद्धि दे करहु निहाल

जब लगी जियूं दया फल पौं तुमो यश में सदा सुनाओं

दुर्गा चालीसा जो गए सब सुख भोग परंपरा पावे

देवीदास शरण निज जानी कराहु कृपा जगदंब भवानी।

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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

संकटमोचन हनुमान जी का यह भजन "दुर्गा चालीसा लिरिक्स हिंदी (Durga Chalisa Lyrics in Hindi) - Trisha Parui Namo Namo Durge Sukh Karni Durga Bhajan - Bhaktilok" बल, बुद्धि, विद्या और भक्ति का संचार करने वाला है। कलयुग के जागृत देव श्री हनुमान जी की महिमा अपार है। इस भजन का मुख्य उद्देश्य साधक के भीतर के भय को दूर कर उसमें आत्मगौरव और निष्काम सेवा भाव जागृत करना है।

भजन की चौपाइयों और पंक्तियों में हनुमान जी की लंका दहन, संजीवनी बूटी लाना और प्रभु श्री राम के प्रति अनन्य प्रेम का वर्णन होता है। हनुमान जी की शरण में जाने पर बड़े से बड़ा संकट भी क्षण भर में समाप्त हो जाता है, यही इस भजन की मूल भावना है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

हनुमान चालीसा और सुंदरकांड की भांति ही हनुमान भजनों का विशेष धार्मिक महत्त्व है। हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता के रूप में पूजा जाता है। इस पावन भजन के गायन से भूत-पिशाच, नकारात्मक ऊर्जा और सभी प्रकार के ऊपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान भजन से आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है, मानसिक रोग जैसे तनाव, अनिद्रा और डिप्रेशन दूर होते हैं। यह छात्रों की बुद्धि और परीक्षा में सफलता के लिए भी रामबाण है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष रूप से निर्धारित है। लाल आसन पर बैठकर, हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं और पूरे मनोयोग से इस भजन का संकीर्तन करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

हनुमान जी को किस दिन चमेली का तेल चढ़ाना चाहिए?

शनिवार और मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर चढ़ाना अत्यंत शुभ और संकट निवारक माना गया है।

क्या हनुमान भजन परीक्षा के भय को दूर करने में सहायक है?

हाँ, हनुमान जी के भजनों और मंत्रों के संकीर्तन से मन एकाग्र होता है, भय का नाश होता है और याददाश्त बढ़ती है।

शनि दोषों की शांति के लिए हनुमान उपासना क्यों की जाती है?

हनुमान जी ने शनिदेव को रावण के बंधन से मुक्त कराया था, जिसके कारण शनिदेव ने वचन दिया था कि जो हनुमान जी की भक्ति करेगा, उसे शनि जनित पीड़ा नहीं भोगनी पड़ेगी।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 03 Nov 2026

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