कान्हा तेरा मंदिर अब मेरा है ये घर
तू ही नज़र आये देखूं मैं जिधर
तेरा दर छोड़ अब जाऊँगा किधर
देखु मैं जिद्हा तू ही तू आये नज़र
कहा ओ कान्हा मेरे कान्हा
कृष्णा मुरली की धुन ये तेरी
दिल की धड़कन हुई है मेरी
गोकुल भी तेरा है बरसाना भी तेरा है
जग तेरा दीवाना है
कहा ओ कान्हा मेरे कान्हा
कृष्णा तेरा दीदार जब हुआ
कान्हा तेरा दावेदार मैं हुआ
मंज़िल भी दिखाई तूने समझा दिए रस्ते
तुम्हे अपना बनाना
कहा ओ कान्हा मेरे कान्हा
सांवरे उजाला हर किरण कर गई
मन में कितना ही प्यार भर गई
मेरे अंग संग तू है हर रंग में तू है
जग तेरा दीवाना रे
कहा ओ कान्हा मेरे कान्हा !!