Ram Bhajan मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

राम नाम महामंत्र है भजन इन हिंदी

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भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "राम नाम महामंत्र है" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र और उनके नाम की महिमा का अद्भुत गुणगान करता है। भारतीय अध्यात्म में 'राम' शब्द केवल एक नाम नहीं, बल्कि एक महामंत्र है, जिसमें सृष्टि की समस्त ऊर्जा और शांति समाहित है। यह भजन हमें स्मरण कराता है कि कैसे आदि कवि वाल्मीकि से लेकर हनुमान जी और स्वयं महादेव तक, राम नाम के जप से भवसागर से पार हुए हैं। इस भजन का भाव समर्पण, विश्वास और नाम-जप की शक्ति पर केंद्रित है, जो कलयुग के विकारों को मिटाने के लिए एक अचूक औषधि के समान है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

|| राम नाम महामंत्र है ||

राम नाम महाभूतों में, दिन-रात्रि गाये जा रहे हैं,
शंकर हनुमान जपे, तू धन ये कमाए जा।
|| राम नाम महामंत्र है ||

श्री गणेश ने नाम जपा, प्रथम पूजनीय हुआ,
उलटा नाम जपत वाल्मीकि, भरम भये दूर,
जप लेना राम नाम तू, ये माला फिराए जा,
शंकर हनुमान जपे, तू धन ये कमाए जा।
|| राम नाम महामंत्र है ||

करोड़ों मन्त्रों में राम नाम, महा मन्त्र है,
इसकी सीधी शक्ति, सब इस के अंदर है,
राम नाम के अमृत को, जग में तू पिलाए जा,
शंकर हनुमान जपे, तू धन ये कमाए जा।
|| राम नाम महामंत्र है ||

कलयुग में पापों का, ऐसा जोर छाया है,
मानव का मन मछली, जल बिन न रह पाया है,
नाम रूपी जल में गोता, तू लगाये जा,
शंकर हनुमान जपे, तू धन ये कमाए जा।
|| राम नाम महामंत्र है ||

काम क्रोध मद मोह सब ही, नरक के द्वार हैं,
मन के मन्दिर को खोल, श्री राम विराज हैं,
राजू राम के पथ पे तू, नित दौड़ लगाये जा,
शंकर हनुमान जपे, तू धन ये कमाए जा।
|| राम नाम महामंत्र है ||

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का मुख्य भाव 'नाम-जप' की महिमा है। कवि कहते हैं कि राम नाम कोई साधारण शब्द नहीं, बल्कि एक महामंत्र है। जिस प्रकार पंच-महाभूतों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) में निरंतर स्पंदन है, उसी प्रकार राम नाम ब्रह्मांड के कण-कण में व्याप्त है। भगवान शिव और हनुमान जी जैसे महापुरुष भी निरंतर राम नाम का जप करते हैं, जो हमें यह सिखाता है कि भक्ति का सबसे बड़ा धन 'राम नाम' ही है।

भजन में वाल्मीकि ऋषि का उदाहरण दिया गया है, जिन्होंने 'मरा-मरा' जपते हुए भी राम नाम की कृपा से ब्रह्मर्षि का पद प्राप्त किया। यह संदेश देता है कि नाम में इतनी शक्ति है कि वह अज्ञान और भ्रम को मिटा सकता है। कलयुग के संदर्भ में, जहाँ मन अशांत है, राम नाम को 'जल' कहा गया है, जिसमें डुबकी लगाकर भक्त अपने पापों और विकारों (काम, क्रोध, मद, मोह) से मुक्ति पा सकता है। अंत में, मन के मंदिर को शुद्ध करने और प्रभु के दर्शन पाने का मार्ग भी राम नाम ही बताया गया है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • नाम की शक्ति: राम नाम को 'तारक मंत्र' माना गया है, जो जन्म-मरण के चक्र से मुक्त करता है।
  • आदर्श उदाहरण: शिव, हनुमान और गणेश जी के माध्यम से नाम जप की परंपरा को पुष्ट किया गया है।
  • कलयुग का निवारण: यह भजन कलयुग के मानसिक तनाव और पापों से बचने का सरल उपाय बताता है।
  • आंतरिक शुद्धि: मन के मंदिर को खोलने और प्रभु को हृदय में विराजमान करने का मार्ग प्रशस्त करता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को किसी भी समय गाया जा सकता है, परंतु ब्रह्म मुहूर्त (प्रातः 4 से 6 बजे) या संध्या काल में इसका प्रभाव सर्वाधिक होता है। इसे सामूहिक सत्संग, मंदिर में आरती के बाद, या घर में पूजा करते समय गाया जा सकता है। जप माला के साथ इसका गायन मन को एकाग्र करने में अत्यंत सहायक सिद्ध होता है।

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

विवरण जानकारी
भजन का नाम राम नाम महामंत्र है
आराध्य देव भगवान श्री राम
मुख्य भाव भक्ति, नाम-जप, समर्पण
उपयुक्त अवसर दैनिक पूजा, सत्संग, रामनवमी
भाषा हिंदी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

राम नाम को महामंत्र क्यों कहा जाता है?

राम नाम को तारक मंत्र माना गया है, जो भवसागर से पार लगाने की शक्ति रखता है। यह मंत्र मन को शुद्ध करने और ईश्वर से जोड़ने का सबसे सरल साधन है।

क्या राम नाम का जप कोई भी कर सकता है?

हाँ, राम नाम का जप करने के लिए किसी विशेष योग्यता या दीक्षा की आवश्यकता नहीं है। इसे कोई भी, कभी भी और कहीं भी कर सकता है।

भजन में 'उलटा नाम' का क्या अर्थ है?

यह महर्षि वाल्मीकि की कथा की ओर संकेत है, जिन्होंने 'मरा-मरा' जपते हुए राम नाम की सिद्धि प्राप्त की थी। यह दर्शाता है कि प्रभु भाव के भूखे हैं।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह सामग्री भक्ति परंपरा के ग्रंथों और नाम-जप की महिमा पर आधारित है। इसे पाठकों की आध्यात्मिक जिज्ञासा को शांत करने के लिए तैयार किया गया है। यह "संपादकीय रूप से तैयार सामग्री" है।

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यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 11 Oct 2026

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