पशुपति व्रत की आरती ( Pashupati Vrat Aarti Lyrics in Hindi ) - 


जय पशुतिनाथ हरे 

जय पशुपतिनाथ हरे ||


भक्त जनों की संकट 

दासों जनों के संकट 

पल में दूर करें।


जय पशुपतिनाथ हरे 

जय पशुपतिनाथ हरे ||


अष्टमुखी शिव नाम तिहारो 

शरण में आए तेरे 

स्वामी शरण में आए तेरे 

इक्षा फल प्रभु देहु

कष्ट हटाओ मेरे।


जय पशुपतिनाथ हरे

जय पशुपतिनाथ हरे ||


शिव ना तट पर आप बिराजे 

पूजे नर नारी

निशदिन तुमको ध्यावे 

भक्तन हितकारी।


जय पशुपतिनाथ हरे

जय पशुपतिनाथ हरे ||


तुम हो जग के स्वामी शंभू 

अन धन के भरता 

स्वामी अन धन के भरता

अष्टमुखी त्रिपुरारी 

जग तम के हरता।


जय पशुपतिनाथ हरे 

जय पशुपतिनाथ हरे ||


तन मन धन सब अर्पण 

आरती भोले गाएं 

तुम हो दया के सागर 

द्वार तुम्हारे आए।


जय पशुपतिनाथ हरे  

जय पशुपतिनाथ हरे ||


दास जनों के संकट 

दासों जनों के संकट 

पल में दूर करें।


जय पशुपतिनाथ हरे

जय पशुपतिनाथ हरे ||