खाटू वाले तेरी जय हो, नीले वाले तेरी जय हो - सम्पूर्ण भजन एवं भावार्थ
खाटू श्याम जी की महिमा का गुणगान करने वाला यह भजन 'खाटू वाले तेरी जय हो, नीले वाले तेरी जय हो' भक्तों के हृदय में असीम श्रद्धा और भक्ति का संचार करता है। यह भजन न केवल बाबा श्याम के प्रति समर्पण को दर्शाता है, बल्कि उनके नीले घोड़े की महिमा और उनके दयालु स्वरूप का भी सुंदर वर्णन करता है।
सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics
खाटू वाले तेरी जय हो, नीले वाले तेरी जय हो
खाटू वाले तेरी जय हो, नीले वाले तेरी जय हो
भगतों की वाणी कह रही, तेरे नाम की गंगा बह रही
खाटू वाले तेरी जय हो, नीले वाले तेरी जय हो...
आन्तरा 1:
तेरी आन है निराली, तेरी शान है निराली
तेरे दर से ना जाये कोई खाली
जब नाम लिया तेरा, दूर हो गया अँधेरा
जीवन बन जाये दिवाली
मतवाले तेरी जय हो, भोले भाले तेरी जय हो
भगतों की वाणी कह रही, तेरे नाम की गंगा बह रही...
आन्तरा 2:
सब जानते कहानी, बाबा सीस के है दानी
तेरी महिमा न जाये बखानी
बाबा बड़े हो दयालु, भगतों पे कृपालु
जागती रहे ज्योत नूरानी
रखवारे तेरी जय हो, उजियारे तेरी जय हो
भगतों की वाणी कह रही, तेरे नाम की गंगा बह रही...
आन्तरा 3:
तेरे रूप का नज़ारा, जो भी देखे लगे प्यारा
सारी दुनिया से है ये न्यारा
जो भी करे अरदास, पूरी सबकी हो आस
तेरे दर पे झुके जग सारा
फूलों वाले तेरी जय हो, नीले वाले तेरी जय हो
भगतों की वाणी कह रही, तेरे नाम की गंगा बह रही...
आन्तरा 4:
श्याम सांवरे मुरारी, भगतों की भीड़ भारी
दर्शन दो तीन बाण धारी
तेरा होके अनुरागी, गाता महिमा है त्यागी
अब आ जाओ बनके बिहारी...
भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ
इस भजन में भक्त अपने आराध्य खाटू श्याम जी को 'नीले वाले' कहकर संबोधित करता है, जो उनके प्रिय नीले घोड़े (नीला घोड़ा असवार) की ओर संकेत है। भजन का मुख्य भाव 'शरणागति' है। भक्त कहता है कि बाबा के नाम की गंगा निरंतर बह रही है, जिसमें डुबकी लगाने से भक्तों के पाप धुल जाते हैं। 'सीस के दानी' कहकर भक्त बाबा के उस महान त्याग को याद करता है, जहाँ उन्होंने महाभारत युद्ध के समय अपना शीश दान कर दिया था। यह भजन हमें सिखाता है कि जो भी सच्चे मन से बाबा के दर पर आता है, वह कभी खाली हाथ नहीं लौटता। 'जीवन बन जाये दिवाली' का अर्थ है कि बाबा की कृपा से भक्त का अंधकारमय जीवन खुशियों और प्रकाश से भर जाता है।
भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व
यह भजन खाटू श्याम जी के भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। इसकी लयबद्धता और सरल शब्द इसे कीर्तन और सत्संग के लिए उपयुक्त बनाते हैं। यह भजन 'तीन बाण धारी' और 'सीस के दानी' जैसे विशेषणों का उपयोग करके बाबा के पौराणिक स्वरूप को जीवंत करता है।
भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि
इस भजन को एकादशी के दिन, श्याम बाबा के जागरण में या नित्य पूजा के समय गाया जा सकता है। इसे गाते समय मन में बाबा की छवि का ध्यान करना चाहिए।
भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| सीस के दानी | अपना शीश दान करने वाले (बर्बरीक) |
| नीले वाले | नीले घोड़े पर सवार होने वाले |
| अनुरागी | प्रेम में डूबा हुआ भक्त |
| तीन बाण धारी | तीन बाणों से युद्ध करने वाले |
एक नजर में भजन की जानकारी
| भजन का नाम | खाटू वाले तेरी जय हो |
|---|---|
| आराध्य देव | श्री खाटू श्याम जी (बर्बरीक) |
| भाव | समर्पण एवं भक्ति |
| भाषा | हिंदी |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।
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