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वो श्याम धणी मेरा (Wo Shyam Dhani Mera Sheesh Ka Dhani Hai Lyrics in Hindi) - New Shyam Bhajan by Rohit Rajput - Bhaktilok

64 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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भक्ति और समर्पण की पराकाष्ठा को समर्पित 'वो श्याम धणी मेरा' भजन, बाबा खाटू श्याम के प्रति अनन्य प्रेम का एक जीवंत प्रमाण है। रोहित राजपूत द्वारा स्वरबद्ध और समर्थ जम्मू वाला द्वारा रचित यह भजन, खाटू श्याम जी के 'शीश के दानी' स्वरूप की महिमा का गुणगान करता है। यह भजन न केवल एक संगीतमय प्रस्तुति है, बल्कि यह उन भक्तों के लिए एक संबल है जो जीवन की कठिनाइयों में 'हारे का सहारा' ढूंढते हैं। खाटू श्याम जी, जो कलयुग में साक्षात भगवान श्री कृष्ण का अवतार माने जाते हैं, अपने भक्तों की पुकार सुनकर उनकी समस्त परेशानियों को दूर कर देते हैं। इस भजन के माध्यम से भक्त अपनी संपूर्ण ज़िंदगानी बाबा के चरणों में समर्पित करने का भाव व्यक्त करता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

जिसे पूजे सारा ज़माना, ये दुनिया दीवानी है,
वो श्याम धणी मेरा, हाँ शीश का दानी है।
हाँ तीन बाणधारी जो, इसकी निशानी है,
वो श्याम धणी मेरा, हाँ शीश का दानी है॥

हारे का सहारा मेरा, श्याम धणी कहलाये,
चरणों से लगा ले जो भी, इसके दर पे आये।
अपने भक्तों की दूर कर देता, परेशानी है,
वो श्याम धणी मेरा, हाँ शीश का दानी है॥

एक इशारे पे तूने, शीश का दान किया था,
मुरली वाले ने वर में, तुझे श्याम का नाम दिया था।
सारे जगत में जिसका, कोई ना सानी है,
वो श्याम धणी मेरा, हाँ शीश का दानी है॥

सारे जग में गूँज रहा है, बाबा तेरा नाम,
समर्थ जम्मू वाला रोहित, आये तेरे धाम।
तेरे नाम कर दी बाबा, सारी ज़िंदगानी है,
वो श्याम धणी मेरा, हाँ शीश का दानी है॥

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन की पंक्तियाँ खाटू श्याम जी के महान त्याग और उनकी करुणा को दर्शाती हैं। 'शीश का दानी' होना उनके उस पौराणिक बलिदान को इंगित करता है, जहाँ उन्होंने महाभारत के युद्ध में अपनी विजय सुनिश्चित करने के लिए अपना शीश दान कर दिया था। भक्त कहता है कि जिस श्याम को पूरी दुनिया पूजती है, वही मेरा रक्षक है। 'हारे का सहारा' होना यह बताता है कि जब मनुष्य चारों तरफ से निराश हो जाता है, तब बाबा श्याम ही उसे संबल प्रदान करते हैं। भजन का भाव यह है कि जो भी भक्त सच्चे मन से उनके दरबार में आता है, बाबा उसे अपने चरणों में स्थान देते हैं और उसके जीवन के सभी कष्टों का निवारण करते हैं।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • भक्ति का भाव: यह भजन पूर्ण समर्पण (शरणागति) का भाव जगाता है।
  • पौराणिक संदर्भ: बर्बरीक (खाटू श्याम) के शीश दान की घटना का स्मरण कराता है।
  • मानसिक शांति: इस भजन का श्रवण मन को एकाग्र करने और नकारात्मकता को दूर करने में सहायक है।
  • सांस्कृतिक महत्व: खाटू श्याम जी के भक्तों के बीच यह भजन विशेष रूप से कीर्तन और जागरणों में गाया जाता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस भजन को किसी भी समय सुना जा सकता है, परंतु एकादशी के दिन या श्याम बाबा के विशेष उत्सवों पर इसका गायन अत्यंत फलदायी माना जाता है। इसे गाते समय मन में बाबा की छवि का ध्यान करें और दीपक जलाकर धूप-दीप अर्पित करें। सामूहिक सत्संग में इसका गायन करने से भक्ति का वातावरण निर्मित होता है।

भजन में व्यक्त आध्यात्मिक संदेश एवं जीवन सीख | Spiritual Message & Life Lessons

यह भजन हमें सिखाता है कि ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। जिस प्रकार बाबा श्याम ने अपना शीश दान कर दिया, उसी प्रकार हमें भी अपने अहंकार का त्याग कर प्रभु की शरण में जाना चाहिए। यह भजन धैर्य, सेवा और निस्वार्थ प्रेम का संदेश देता है।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द सरल अर्थ संदर्भ
श्याम धणी श्याम के स्वामी/रक्षक खाटू श्याम जी के लिए संबोधन
शीश का दानी अपना मस्तक दान करने वाले बर्बरीक का बलिदान
तीन बाणधारी तीन अचूक बाणों के स्वामी खाटू श्याम जी की शक्ति
सानी समान/तुलना जिसका कोई दूसरा न हो

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम वो श्याम धणी मेरा
गायक रोहित राजपूत
गीतकार समर्थ जम्मू वाला
संगीत गौतम अरोड़ा
मुख्य भाव समर्पण एवं भक्ति

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

पौराणिक कथाओं के अनुसार, बर्बरीक (खाटू श्याम) ने महाभारत युद्ध से पूर्व श्री कृष्ण को अपना शीश दान में दे दिया था, इसलिए उन्हें 'शीश का दानी' कहा जाता है।

खाटू श्याम जी को 'हारे का सहारा' कहा जाता है क्योंकि वे उन लोगों की मदद करते हैं जो जीवन में हार मान चुके होते हैं।

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री। अधिक जानकारी के लिए अन्य श्याम भजन देखें।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

यह सामग्री लोक-प्रचलित भजनों, खाटू श्याम जी की पौराणिक कथाओं और भक्ति परंपराओं के आधार पर संकलित की गई है।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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