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Krishna Bhajan

तू विश्वास कर (Tu vishwas kar Lyrics in Hindi) - by Maanya Arora Krishna Bhajan - Bhaktilok

146 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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विश्वास की शक्ति: जीवन में सुख और शांति का साधन

इस भजन का पाठ कर, अपने जीवन में विश्वास और आशा को जगाएं। ईश्वर की कृपा में अडिग रहें।

 तू विश्वास कर (Tu vishwas kar Lyrics in Hindi) - तू विश्वास करतू विश्वास करतू विश्वास करतू विश्वास करआज तक संभाला जिसनेआगे भी संभालेगाआज तक संभाला जिसनेआगे भी संभालेगा....तू विश्वास करतू विश्वास करतू विश्वास करतू विश्वास करचाहे देर भले हो परअंधेर नहीं...तू विश्वास करतू विश्वास करतू विश्वास करतू विश्वास करमाना लाखों मुसीबत हैपर वह साथ खड़ा हैतू मने या ना मनेवह हर दम पास खड़ा हैचाहे नजर भले ना आयेचाहे नजर भले ना आयेऐहसास करतू विश्वास करतू विश्वास करतू विश्वास करतू विश्वास करदिखके बादल जितना भीचाहे सर मचालेये उठती लहरें जितना भीचाहे जोर लगलेबदलेंगे दिन ये तेरेबदलेंगे दिन ये तेरेइंतजार करतू विश्वास करतू विश्वास करतू विश्वास करतू विश्वास करकियू चिंता करता हैतू प्यारे अपने कल कीउस दिन दुखी दुःख हर तकतेरी खबर है पल कीविश्वास की पूंजी परविश्वास की पूंजी परएतबार करतू विश्वास करतू विश्वास करतू विश्वास करतू विश्वास करKrishna Bhajan: Tu Vishwas KarSinger: Maanya AroraMusic Director: Bawa GulzarLyricist: Shubham RupamDOP - Sandeep Kumar Films & Prashant MibSpecial Thanks: Anish GourAlbum: Tu Vishwas KarMusic Label: T-Series

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का मुख्य संदेश है 'विश्वास'। पहले चरण में यह व्यक्त किया गया है कि जो हमें आज तक संभाल रहा है, वह आगे भी करेगा। 'आज तक संभाला जिसने' का अर्थ है कि ईश्वर ने हमेशा अपने भक्तों का साथ दिया है, और भविष्य में भी उनका सहारा बनेगा। 'चाहे देर भले हो पर अंधेर नहीं' इस पंक्ति से स्पष्ट होता है कि हमें अपने विश्वास को बनाए रखना चाहिए, क्योंकि कठिनाईयाँ समय की बात होती हैं। चाहे मुसीबत कितनी भी बड़ी क्यों न हो, ईश्वर सदैव हमारे साथ है, यह विश्वास हमें अपने भीतर पलने की आवश्यकता है। भजन का यह हिस्सा हमारे मन में यह विश्वास जगाता है कि आत्मविश्वास के साथ हम सभी कठिनाइयों का सामना कर सकते हैं।

भावार्थ के स्तर पर, भजन में भक्ति और विश्वास की गहराई को उजागर किया गया है। यह हमें याद दिलाता है कि यद्यपि समस्याएँ अस्तित्व में हैं, ईश्वर हमारे आस-पास हैं, 'वह हर दम पास खड़ा है' का अभिप्राय यह है कि हमें आत्मशक्ति के साथ आगे बढ़ना चाहिए। जब हमें उनकी उपस्थिति का अहसास होता है, तब हम जीवन की हर चुनौती का सामना कर सकते हैं। भजन के अंत में, 'विश्वास की पूंजी पर' पंक्ति हमें बताती है कि विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। जब हम इस पूंजी को संजोकर रखते हैं, तो जीवन की कठिनाइयाँ भी आसान हो जाती हैं।

भक्ति मार्ग का यह दर्शन हमें सिखाता है कि केवल बाहरी परिस्थितियों से प्रभावित न होकर हमें अपने अन्दर के विश्वास को मजबूत करना है। 'दिखके बादल जितना भी' और 'उठती लहरें जितना भी' जैसे वाक्य यह दिखाते हैं कि भक्ति के मार्ग में आने वाली बाधाएँ केवल दृश्यमान हैं, परन्तु आत्मिक दृष्टि से हमें केवल विश्वास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। यहाँ तक कि जब परिस्थिति कठिन नज़र आती है, तब भी हमारे अंदर का विश्वास हमें आत्मिक शांति दिला सकता है। यह भजन ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक है, जो भक्तों को उचित मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन का महत्व हिंदू धर्म में गहरा है। सच्चा विश्वास ही भक्ति का अभिन्न अंग होता है। इसे रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथों में भी दर्शाया गया है, जहाँ भक्तों ने कठिनाईयों में सच्चे विश्वास के मंच से ईश्वर की भक्ति की है। उदाहरण के लिए, हनुमान जी ने अपनी निष्ठा और विश्वास के बल पर कई महान कार्य किए हैं। युधिष्ठिर की सत्यवादिता भी हमारी सिखाती है कि ईश्वर के प्रति विश्वास हमारे जीवन में शांति और सफलता के द्वार खोल सकता है। इस भजन के माध्यम से, हम ईश्वर पर विश्वास रखते हुए अपने जीवन को उच्चतम स्तर तक ले जा सकते हैं।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन को गायन करने से मानसिक शांति, आत्मिक संतोष और विश्वास प्राप्त होता है। भक्त अपने ह्रदय में ईश्वर के प्रति एक नई शक्ति का अनुभव करते हैं। इससे न केवल मानसिक तनाव कम होता है, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है। नियमित रूप से इस भजन का जाप करने से भक्तों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे जीवन की चुनौतियों का साहसिकता से सामना कर सकते हैं।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का पाठ सुबह-सुबह या शाम को करना शुभ माना जाता है। भजन करते समय एक शांत स्थान पर जाकर ध्यान मुद्रा में बैठें। एक दीपक जलाना और फूलों का भोग लगाना इस साधना की महत्वपूर्ण अंग है। मन को एकाग्र करके, ध्यान और विश्वास के साथ ईश्वर की भक्ति करें। इसे पूरे श्रद्धा भाव से गाते हुए अपने अन्दर की ऊर्जा को महसूस करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

क्या 'तू विश्वास कर' भजन सुनने का विशेष अवसर है?

यह भजन किसी भी समय सुना जा सकता है, लेकिन विशेष रूप से कठिनाइयों के समय इसे सुनना और पाठ करना अत्यंत लाभकारी होता है।

इस भजन का अर्थ क्या है?

इस भजन का मुख्य अर्थ है, 'ईश्वर पर विश्वास रखना।' यह बताता है कि भले ही जीवन में कितनी भी मुसीबतें हों, ईश्वर हमेशा हमारे साथ हैं।

क्या इस भजन का पाठ किसी विशेष पूजा से संबंधित है?

यह भजन विशेष पूजाओं से संबंधित नहीं है, परंतु इसका पाठ भगवान कृष्ण की भक्ति के लिए किया जाता है और सभी भक्तों के लिए प्रेरणादायक है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 03 Sep 2026

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