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सबसे शक्तिशाली मंत्र और प्रभावी मंत्र और उसका अर्थ हिंदी में(Most Powerful Mantra and Effective Mantra and its Meaning in Hindi)

सबसे शक्तिशाली मंत्र और प्रभावी मंत्र और उसका अर्थ हिंदी में(Most Powerful Mantra and Effective Mantra and its Meaning in Hindi):-


सबसे शक्तिशाली मंत्र और प्रभावी मंत्र और उसका अर्थ हिंदी में(Most powerful mantra and effective mantra and its meaning in hindi)

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सबसे शक्तिशाली मंत्र और प्रभावी मंत्र और उसका अर्थ हिंदी में(Most Powerful Mantra and Effective Mantra and its Meaning in Hindi):- 

‘मंत्र'( Mantra )जिसका अर्थ होता है, मन को एक तंत्र में बांधना। यदि अनावश्यक और अत्यधिक विचार उत्पन्न हो रहे हैं, और जिनके कारण चिंता पैदा हो रही है, तो मंत्र सबसे कारगर औषधि है। आप जिस भी ईष्ट (ईश्वर) की पूजा, प्रार्थना या ध्यान करते हैं उसके नाम का मंत्र जप सकते हैं।

मंत्र'( Mantra ) 3 प्रकार के हैं – सात्विक, तांत्रिक और साबर। सभी मंत्रों का अपना - अपना अलग महत्व है। हर रोज जपने वाले मंत्रों को सात्विक मंत्र माना जाता है। 

चलिए जानते हैं ऐसे कौन से मंत्र हैं, जिनमें से किसी एक को प्रतिदिन जपना चाहिए। इन मंत्रो के जाप से केवल मन की शक्ति ही नहीं बढ़ती, बल्कि सभी संकटों से मुक्ति भी मिलती है। इन मंत्रों के जप या स्मरण के वक्त सामान्य पवित्रता का ध्यान रखें। 

जैसे घर में हो तो देवस्थान में बैठकर, कार्यालय में हो तो पैरों से जूते-चप्पल उतारकर इन मंत्र का जाप और देवताओं का ध्यान करें। इससे आप मानसिक बल पाएंगे, जो आपकी ऊर्जा को जरूर बढ़ाने वाले साबित होंगे। 

शक्तिशाली मंत्र और प्रभावी मंत्र इन संस्कृत (Powerful Mantras and Effective Mantras in Sanskrit):-

क्लेशनाशक मंत्र : ॐ श्रीकृष्णाय शरणं मम। या  कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणत क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नम:॥

मंत्र प्रभाव : इस मंत्र का नित्य जप करने से कलह और क्लेशों का अंत होकर परिवार में खुशियां वापस लौट आती हैं। हर रोज पहले मंत्र का जप तब करना चाहिए , जबकि आप श्रीकृष्ण के अलावा अन्य किसी देवी या देवता में चित्त नहीं रमाते हो। कृष्ण की शरण में होने के बाद फिर किसी अन्य को नहीं भजना चाहिए।

चिंता मुक्ति मंत्र : ॐ नम: शिवाय।

यह मंत्र प्रभाव : इस मंत्र का निरंतर जप करते रहने से चिंतामुक्त जीवन मिलता है। तथा यह मंत्र जीवन में शांति और शीतलता प्रदान करता है। शिवलिंग पर जल व बेल पत्र चढ़ाते हुए यह शिव मंत्र बोलें व रुद्राक्ष की माला से जप भी करें। 

तीन शब्दों का यह मंत्र महामंत्र है(This mantra of three words is a Mahamantra):-

शांतिदायक मंत्र : राम… राम… राम…... 

शांतिदायक मंत्र प्रभाव(Peaceful mantra effect): 

हनुमानजी भी राम नाम का ही जप करते रहते हैं। कहते हैं राम से भी बढ़कर श्री राम का नाम है। इस मंत्र का निरंतर जाप करते रहने से मन में शांति का प्रसार होता है।  चिंताओं से छुटकारा मिलता है, तथा दिमाग शांत रहता है। श्री राम नाम के जप को सबसे उत्तम माना गया है। यह मंत्र सभी तरह के नकारात्मक विचारों को समाप्त कर देता है, और हृदय को निर्मल बनाकर भक्ति भाव का संचार करता है।

संकटमोचन मंत्र (Sankatmochan Mantra): ॐ हं हनुमते नम:।

संकटमोचन मंत्र प्रभाव(Sankatmochan Mantra Effect) : 

यदि दिल में किसी भी प्रकार की घबराहट या डर या आशंका है, तो निरंतर प्रतिदिन इस मंत्र का जप करें और फिर निश्चिंत हो जाएं। किसी भी कार्य की सफलता और विजय होने के लिए इस मंत्र का निरंतर जप करना चाहिए। और यह मंत्र आत्मविश्वास बढ़ाता है। श्री हनुमानजी को सिंदूर, गुड़ चना चढ़ाकर इस मंत्र का नित्य स्मरण या जप सफलता व यश देने वाला माना गया है। यदि मृत्युतुल्य कष्ट हो रहा है।  तो इस मंत्र का तुरंत ही जप करना चाहिए। 

जीवन में शांति, सुख और समृद्धि हेतु  भगवान विष्णु के वैसे तो बहुत मंत्र हैं।  लेकिन यहां कुछ प्रमुख प्रस्तुत हैं।

भगवान विष्णु का  पहला मंत्र (First Mantra of Lord Vishnu):-

ॐ नमो नारायण। या श्रीमन नारायण नारायण हरि-हरि।

भगवान विष्णु का दूसरा मंत्र (Second Mantra of Lord Vishnu): -

ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि।।

ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व राधसि।।

भगवान विष्णु का तीसरा मंत्र (Third Mantra of Lord Vishnu): -

ऊं नारायणाय विद्महे।

वासुदेवाय धीमहि। 

तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।

भगवान विष्णु का चौथा मंत्र(Fourth Mantra of Lord Vishnu) : -

त्वमेव माता च पिता त्वमेव।

त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव।।

त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव।

त्वमेव सर्व मम देवदेव।।

भगवान विष्णु का पांचवां मंत्र(Fifth Mantra of Lord Vishnu) : -

शांताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशम्।

विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्।।

लक्ष्मीकान्तंकमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्।

वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्।।

भगवान विष्णु के इन सभी मंत्र के प्रभाव(Effects of all these mantras of Lord Vishnu) : -

भगवान श्री विष्णु को जगतपालक माना जाता है। वे ही हम सभी के पालनहार हैं, इसलिए पीले फूल व पीला वस्त्र चढ़ाकर उक्त किसी एक मंत्र से उनका स्मरण करते रहेंगे, तो जीवन में सकारात्मक विचारों और घटनाओं का विकास होकर जीवन खुशहाल रहेगा। श्री विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा एवं प्रार्थना करते रहने से सुख और समृद्धि का विकास होता है। 

सिद्धि और मोक्षदायी गायत्री मंत्र (Gayatri Mantra giving success and salvation):- 

ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।।

सिद्धि और मोक्षदायी गायत्री मंत्र का अर्थ (Meaning of Gayatri Mantra giving success and salvation):-

उस प्राणस्वरूप और दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अंत:करण में धारण करें। व परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करे।

सिद्धि और मोक्षदायी गायत्री मंत्र का प्रभाव(Effect of Gayatri Mantra on attaining success and salvation) :-

यह पूरी दुनिया का एकमात्र ऐसा मंत्र है, जो ईश्वर के प्रति, ईश्वर का साक्षी और ईश्वर के लिए है। यह सभी मंत्रों का मंत्र सभी हिन्दू शास्त्रों में प्रथम और ‘महामंत्र’ कहा गया है। यह मंत्र हर समस्या के लिए मात्र यह एक ही मंत्र कारगर है। 

मृत्यु पर विजय के लिए महामृंत्युजय मंत्र(Mahamrityunjaya mantra for victory over death):-

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिंपुष्टिवर्द्धनम्।उर्वारुकमिव बन्धानान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।

महामृंत्युजय मंत्र का प्रभाव (Effect of Mahamrityunjaya Mantra):-

भगवन शिव का महामृंत्युजय मंत्र मृत्यु व काल को टालने वाला माना जाता है, इसलिए शिवलिंग पर दूध मिला जल, धतूरा चढ़ाकर यह मंत्र हर रोज बोलना संकटमोचक होता है। इस मंत्र को जपने वाला शुद्ध और पवित्र रहना जरूरी है अन्यथा यह मंत्र अपना असर छोड़ देता है।

समृद्धिदायक मंत्र ॐ गं गणपते नम:(Prosperity mantra: Om Gan Ganapataye Namah):- 

समृद्धिदायक मंत्र : ॐ गं गणपते नम:।

समृद्धिदायक मंत्र का प्रभाव(Effect of prosperity mantra) :-

भगवान श्री गणेश को विघ्नहर्ता माना गया है। सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत में ॐ  श्री गणेशाय नम: मंत्र का उत्चारण किया जाता है। उक्त दोनों मंत्रों का श्री गणेशजी को दूर्वा व चुटकीभर सिंदूर व घी चढ़ाकर कम से कम 108 बार जप करें। इससे जीवन में सभी तरह के शुभ और लाभ की शुरुआत होगीऔर जीवन में सर्व सुख की प्राप्ति होगी।

कालिका मंत्र (Kalika Mantra):-

अगर अचानक आए संकट से मुक्ति हेतु  पाने के लिए कालिका का यह अचूक मंत्र है। इस मंत्र के जाप से माता जल्दी से सुन लेती हैं। लेकिन आपको इसके लिए सावधान रहने की जरूरत है। आप इसे आजमाने के लिए मंत्र का इस्तेमाल न करें और यदि आप काली के भक्त हैं तो ही करें।

कालिका देवी का पहला मंत्र(First mantra of Kalika Devi) : -

ॐ कालिके नम:।

कालिका देवी का दूसरा मंत्र(Second mantra of Kalika Devi) : 

ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं परमेश्वरि कालिके स्वाहा।

कालिका मंत्र का प्रभाव (Effect of Kalika Mantra):-

इस मंत्र (कालिका मंत्र )का प्रतिदिन 108 बार जाप करने से आर्थिक लाभ मिलता है। इससे धन संबंधित परेशानी दूर हो जाती है। माँ  काली की कृपा से सब काम संभव हो जाते हैं। यह 15 दिन में एक बार किसी भी मंगलवार या

दरिद्रतानाशक मंत्र(Daridrataanaashak mantra):-

दरिद्रतानाशक मंत्र : ॐ ह्रीं ह्रीं श्री लक्ष्मी वासुदेवाय नम:।

दरिद्रतानाशक मंत्र का प्रभाव(Effect of Poverty Eradicating Mantra): 

इस मंत्र(दरिद्रतानाशक मंत्र ) की 11 माला सुबह शुद्ध भावना से दीप जलाकर और धूप देकर जपने से धन, सुख, शांति प्राप्त होती है। खासकर धन के अभाव को दूर करने के लिए इस मंत्र (दरिद्रतानाशक मंत्र )का जप करना चाहिए।

भैरव मंत्र(Bhairav Mantra in sanskrit) :- 

ॐ भैरवाय नम:।

ॐ कालभैरवाय नम:।

ॐ भयहरणं च भैरव:।

ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरूकुरू बटुकाय ह्रीं।

ॐ हं षं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नम:।

ॐ भ्रां कालभैरवाय फट्‍।

भैरव मंत्र प्रभाव(Bhairav Mantra Effect):- 

उक्त में से प्रथम नंबर का मंत्र (भैरव मंत्र)जपें। रविवार एवं बुधवार को भैरव की उपासना का दिन माना गया है। जिस दिन मंत्र का जाप करते है उस दिन आप कुत्ते को इस दिन मिष्ठान्न खिलाकर दूध पिलाना चाहिए। श्री भैरव की पूजा में श्री बटुक भैरव अष्टोत्तर शत-नामावली का पाठ करना चाहिए। श्री भैरव की प्रसन्नता के लिए श्री बटुक भैरव मूल मंत्र का पाठ करना शुभ होता है। 


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