खाटू का तोरण द्वार बैकुंठ का द्वारा है लिरिक्स (Khatu Ka Toran Dwar Bekunth Ka Dwar Hai Lyrics in Hindi) -
खाटू का तोरण द्वार
बैकुंठ का द्वारा है
बाबा ने स्वर्ग को ही
धरती पे उतारा है
खाटू का तोरण द्वार
बैकुंठ का द्वारा है।
खाटू की ये गलियाँ
किसी स्वर्ग से कम तो नहीं
तेरे श्याम कुंड का जल
अमृत से कम तो नहीं
इस मिट्टी के कण कण में
इस मिट्टी के कण कण में
प्रभु वास तुम्हारा है
खाटू का तोरण द्वार
बैकुंठ का द्वारा है।
मेरे मन की बगिया तो
बनी श्याम बगीची है
मन की हर एक कली
तेरे नाम से सींची है
इस बगिया का बाबा
इस बग़िया का बाबा
हर फूल तुम्हारा है
खाटू का तोरण द्वार
बैकुंठ का द्वारा है।
जब भी ये जनम मिले
श्याम प्रेमी ही कहलाए
होके तुमसे जुदा बाबा
तेरे बच्चे ना जी पाए
कहे राज की हम सबको
तू जान से प्यारा है
खाटू का तोरण द्वार
बैकुंठ का द्वारा है।
खाटू का तोरण द्वार
बैकुंठ का द्वारा है।
बाबा ने स्वर्ग को ही
धरती पे उतारा है
खाटू का तोरण द्वार
बैकुंठ का द्वारा है।
*** Singer : Raj Pareek ***