कालसर्प दोष क्या है जानिये पूरी बात (kaalasarp dosh kya hai)-
कालसर्प दोष क्या है जानिये पूरी बात (kaalasarp dosh kya hai):-
कालसर्प दोष राहु का अधिदेवता काल है और केतु का अधिदेवता सर्प है। जन्म कुंडली में लगन से द्वादीश भाव तक इन दोनों ग्रहों के बीच में कुंडली में सभी ग्रह एक तरफ हों तो इसे कालसर्प दोष कहते हैं।
राहु के जो अधि देवता है काल और प्रतयधि देवता है सर्प। काल सर्प को ऐसे भी समझा जा सकता है काल का मतलब समय से है और सर्प की चाल टेडी मेडी रहती है उसी प्रकार मनुष्य का समय भी टेड़ा मेडा रहता है। जीवन जीने के बहुत संघर्ष करना पड़ता है।
कालसर्प दोष रहने से काल सर्प योग उदित और अनुदित होता है। उदित काल सर्प योग प्रभावशाली होता है और अनुदित काल सर्प योग प्रभावशाली नहीं होता | आपकी कुंडली में जैसा भी काल सर्प योग हो जाचक को भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए ।
