मैं मैं बड़ी बलाय है सकै तो निकसी भागि दोहे का अर्थ(Mai Mai Badi Balay Hai Sakai To Nikasi Bhagi Dohe Ka Arth in Hindi):-


मैं मैं बड़ी बलाय है, सकै तो निकसी भागि।

कब लग राखौं हे सखी, रूई लपेटी आगि।

 

मैं मैं बड़ी बलाय है सकै तो निकसी भागि दोहे का अर्थ(Mai Mai Badi Balay Hai Sakai To Nikasi Bhagi Dohe Ka Arth in Hindi)


मैं मैं बड़ी बलाय है सकै तो निकसी भागि दोहे का अर्थ(Mai Mai Badi Balay Hai Sakai To Nikasi Bhagi Dohe Ka Arth in Hindi):-

अहंकार बहुत बुरी वस्तु है। हो सके तो इससे निकल कर भाग जाओ। मित्र, रूई में लिपटी इस अग्नि – अहंकार – को मैं कब तक अपने पास रखूँ?