जल में बसे कमोदनी चंदा बसे आकाश दोहे का अर्थ (Jal Me Base Kamodani Chanda Base Aakash Dohe Ka Arth in Hindi):- 


जल में बसे कमोदनी, चंदा बसे आकाश ।

जो है जा को भावना सो ताहि के पास ।


जल में बसे कमोदनी चंदा बसे आकाश दोहे का अर्थ (Jal Me Base Kamodani Chanda Base Aakash Dohe Ka Arth in Hindi) - Bhaktilok

जल में बसे कमोदनी चंदा बसे आकाश दोहे का अर्थ (Jal Me Base Kamodani Chanda Base Aakash Dohe Ka Arth in Hindi):-

कमल जल में खिलता है और चन्द्रमा आकाश में रहता है। लेकिन चन्द्रमा का प्रतिबिम्ब जब जल में चमकता है तो कबीर दास जी कहते हैं कि कमल और चन्द्रमा में इतनी दूरी होने के बावजूद भी दोनों कितने पास है। जल में चन्द्रमा का प्रतिबिम्ब ऐसा लगता है जैसे चन्द्रमा खुद कमल के पास आ गया हो। वैसे ही जब कोई इंसान ईश्वर से प्रेम करता है वो ईश्वर स्वयं चलकर उसके पास आते हैं।